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Bilaspur High Court News:’सड़क बनाना आपका काम, कोर्ट का नहीं’, बदहाल सड़कों पर बिलासपुर हाईकोर्ट की राज्य सरकार, NHAI और नगर निगम को कड़ी फटकार

Bilaspur High Court News: छत्तीसगढ़ में सड़कों की खस्ताहाल स्थिति और निर्माण कार्यों में हो रही भारी लेटलतीफी को लेकर बिलासपुर हाई कोर्ट (Bilaspur High Court) ने सख्त रुख अपनाया है। चीफ जस्टिस कृष्ण राम महापात्र और जस्टिस संतोष शर्मा की डिवीजन बेंच ने राज्य सरकार, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) और बिलासपुर नगर निगम की कार्यप्रणाली पर गहरी नाराजगी जताई है।

हाई कोर्ट ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि, “सड़कें बनाना और उनका मेंटेनेंस करना संबंधित विभागों की जिम्मेदारी है, कोर्ट का काम नहीं। इसके बावजूद विभाग अपने स्तर पर काम करने के बजाय कोर्ट के आदेश का इंतजार करते हैं। यह कार्यप्रणाली बिल्कुल भी उचित नहीं है।” इस मामले में अब अगली सुनवाई दिवाली के बाद नवंबर महीने में होगी।

5 साल से सुनवाई जारी, फिर भी नहीं सुधरी सड़कों की हालत(Bilaspur High Court News)

हाईकोर्ट में प्रदेश की बदहाल सड़कों को लेकर साल 2021 से जनहित याचिकाएं (PIL) लंबित हैं।

  • 7 अक्टूबर 2026 को हुई पिछली सुनवाई में कोर्ट ने तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा था कि इतने साल बीत जाने के बाद भी राज्य की सड़कों में कोई उल्लेखनीय सुधार नहीं हुआ है।
  • विशेष रूप से बिलासपुर नगर निगम क्षेत्र की सड़कों की हालत को कोर्ट ने ‘चिंताजनक’ बताया था।
  • पिछली सुनवाई में नगर निगम की ओर से किसी अधिवक्ता के पेश नहीं होने पर कोर्ट ने निगम आयुक्त को खुद उपस्थित होने के निर्देश दिए थे। इसके बाद बुधवार की सुनवाई में निगम के अधिवक्ता मरम्मत कार्यों की रिपोर्ट लेकर कोर्ट पहुंचे।

31 अक्टूबर तक भरेंगे बिलासपुर-रायपुर हाईवे के गड्ढे

सुनवाई के दौरान NHAI और राज्य सरकार ने कोर्ट के सामने अपना पक्ष रखा:

  • बिलासपुर-रायपुर सड़क: NHAI ने हाई कोर्ट को आश्वस्त किया कि बिलासपुर-रायपुर सड़क पर मौजूद सभी गड्ढों को 31 अक्टूबर तक भर दिया जाएगा, जबकि सड़क निर्माण के बड़े काम दिसंबर तक पूरे कर लिए जाएंगे।
  • सेंदरी-मोपका बायपास विवाद: बायपास के मेंटेनेंस को लेकर NHAI और लोक निर्माण विभाग (PWD) के बीच चल रहे गतिरोध पर NHAI ने बताया कि PWD ने बायपास हैंडओवर करने से संबंधित दस्तावेज बुधवार (सुनवाई के दिन) को ही उन्हें सौंपे हैं।
  • डामर की कीमत: वहीं, डामर (Asphalt) की कीमतें बढ़ने के कारण निर्माण कार्य प्रभावित होने की बात पर राज्य सरकार ने कहा कि वे दो-तीन दिन के भीतर इस पर कोई ठोस निर्णय लेंगे।

बिलासपुर नगर निगम ने पेश की 78 पन्नों की रिपोर्ट

अदालत की फटकार के बाद बिलासपुर नगर निगम (Bilaspur Municipal Corporation) एक्शन में दिखा और शहर की सड़कों की मरम्मत को लेकर 78 पन्नों की विस्तृत रिपोर्ट हाईकोर्ट में पेश की।

निगम ने बताया कि शहर के अलग-अलग जोन में ‘पेचवर्क’ (Patchwork) कर गड्ढे भरे जा रहे हैं:

  • जोन 1: मंगला चौक से आजाद चौक पहुंच मार्ग, कांतिपारा, एसईसीएल मुख्य मार्ग और शनिचरी बाजार में मरम्मत कार्य कराया गया है।
  • जोन 2 व 3: शिवा चौक जन स्वास्थ्य केंद्र, विष्णु चौक, रायपुर रोड, विजय वंदना हॉस्पिटल से उसलापुर ओवरब्रिज, गौरव पथ और शिवनाथ मार्ग पर गड्ढे भरे गए हैं।
  • अन्य जोन: व्यापार विहार, यदुनंदन नगर, सिरगिट्टी, भवानी चौक सहित कई वार्डों में हुए कार्यों का ब्योरा दिया गया है।

निगम ने अपनी 78 पेज की रिपोर्ट में काम शुरू होने से पहले और बाद (Before and After) की तस्वीरें भी कोर्ट को सबूत के तौर पर सौंपी हैं। साथ ही यह भी बताया कि ‘मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना’ के तहत स्वीकृत नई सड़कों का काम जल्द ही शुरू किया जाएगा।

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