Bilaspur Accident News:बिलासपुर में नाबालिगों का कार से स्टंट: बाइक सवार इंजीनियर को मारी जोरदार टक्कर, 5 फीट उछलकर छत पर गिरा युवक, CCTV फुटेज आया सामने

Bilaspur Accident News: छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के बिलासपुर जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। शहर के सरकंडा थाना क्षेत्र स्थित स्वर्णिमा एरा रिहायशी कॉलोनी में एक तेज रफ्तार कार ने सामने से आ रही बाइक को इतनी जोरदार टक्कर मारी कि बाइक सवार इंजीनियर करीब 5 फीट हवा में उछलकर सीधे कार की छत पर जा गिरा।
इस खौफनाक हादसे (Bilaspur Accident News) में इंजीनियर को गंभीर चोटें आई हैं। हैरानी की बात यह है कि इस कार को कुछ नाबालिग छात्र चला रहे थे। पूरी घटना का सीसीटीवी (CCTV) फुटेज भी सामने आ गया है।
कैसे हुआ यह रोंगटे खड़े कर देने वाला हादसा?(Bilaspur Accident News)
सिरगिट्टी के गणेश नगर स्थित अन्नपूर्णा कॉलोनी निवासी साहिल खान ने सरकंडा थाने में इस मामले की रिपोर्ट दर्ज कराई है। साहिल ने पुलिस को बताया:
- ड्यूटी पर जा रहा था भाई: उसका बड़ा भाई समीर खान ‘फ्लिपकार्ट’ (Flipkart) में इंजीनियर है। 12 अक्टूबर की दोपहर करीब 3:30 बजे समीर अपनी बाइक से ड्यूटी के सिलसिले में स्वर्णिमा एरा की ओर जा रहा था।
- रॉन्ग साइड से आई तेज रफ्तार कार: तभी गीतांजलि सिटी के पास सामने से एक तेज रफ्तार कार (CG 10 BE 1235) आई और समीर की बाइक को दाहिनी तरफ से जोरदार टक्कर मार दी।
- छत पर गिरा इंजीनियर, घिसटती रही बाइक: वीडियो फुटेज में साफ दिख रहा है कि कार चालक बेहद लापरवाही से गाड़ी चला रहा था। टक्कर के बाद समीर हवा में उछला और कार की छत पर जा गिरा। वहीं, कार समीर की बाइक को घसीटते हुए करीब 50 मीटर दूर तक ले गई।
गनीमत रही कि समीर कार के सामने नहीं गिरा, वरना उसकी जान भी जा सकती थी। फिलहाल, समीर के पैर में गंभीर चोटें आई हैं और उसे एक निजी अस्पताल (Private Hospital) में भर्ती कराया गया है।
कार में सवार थे नाबालिग छात्र, एक पुलिसकर्मी का बेटा
जानकारी के मुताबिक, जिस समय यह हादसा हुआ, उस वक्त कार में तीन लोग सवार थे और तीनों ही नाबालिग (Minors) थे:
- एक नाबालिग लोयला स्कूल में आठवीं का छात्र है और उसके माता-पिता शिक्षक हैं।
- दूसरा नाबालिग बिड़ला माइंड स्कूल में पढ़ता है और उसके पिता पुलिस विभाग में आरक्षक (Constable) हैं।
- तीसरे नाबालिग की पहचान अभी नहीं हो सकी है।
पुलिस की कार्रवाई पर उठ रहे सवाल
इस मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं:
- FIR में नाम गायब: पुलिस ने घटना के अगले दिन साहिल की शिकायत पर एफआईआर (FIR) दर्ज तो कर ली, लेकिन उसमें आरोपियों के नाम का उल्लेख नहीं किया गया है। आरोपी के रूप में केवल ‘कार चालक’ का जिक्र है।
- क्या रसूख बचा रहा है? आरोप लग रहे हैं कि एक नाबालिग के पिता के पुलिस में होने के कारण ही मामले में सख्त कार्रवाई नहीं की जा रही है।
- लोगों का सवाल है कि जब ट्रैफिक नियम तोड़ने पर तुरंत चालान घर पहुंच जाता है, तो इतने बड़े हादसे के बाद पुलिस कार मालिक और नाबालिगों के परिजनों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई क्यों नहीं कर रही है?
नाबालिगों की रफ्तार से खौफ में कॉलोनीवासी
गीतांजलि सिटी और स्वर्णिमा एरा के रहवासी इन नाबालिगों की तेज रफ्तार ड्राइविंग से भारी दहशत में हैं। कॉलोनीवासियों का कहना है कि संकरी गलियों में नाबालिग अक्सर तेज रफ्तार से कार और बाइक दौड़ाते हैं। जब उन्हें ऐसा करने से रोका जाता है, तो उनके परिजन उल्टे कॉलोनीवासियों को ही देख लेने की धमकी देते हैं।
बता दें कि इससे पहले 12 जुलाई को भी बिलासपुर के वेयरहाउस रोड पर एक नाबालिग द्वारा चलाई जा रही तेज रफ्तार कार ने एक स्कूटी सवार छात्र की जान ले ली थी। उस वक्त SSP रजनेश सिंह ने नाबालिगों को वाहन देने वाले परिजनों पर भी कार्रवाई के निर्देश दिए थे, लेकिन सरकंडा में हुए इस ताजा हादसे ने पुलिस की सख्ती की पोल खोलकर रख दी है।






