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Shashikant Suthar NEET Whistleblower: देश के सबसे बड़े मेडिकल परीक्षा घोटाले का पर्दाफाश करने वाले व्हिसलब्लोअर शशिकांत सुथार की पूरी कहानी

नई दिल्ली/सीकर। देश की सबसे प्रतिष्ठित मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET UG 2026 एक बार फिर भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई। 3 मई 2026 को आयोजित इस परीक्षा को धांधली और पेपर लीक के सबूतों के बाद अंततः रद्द कर दिया गया और अब 21 जून को री-एग्जाम (Re-Exam) करवाया जाएगा। लेकिन, इस पूरे महाघोटाले का भंडाफोड़ करने वाले शख्स कोई सरकारी जांच अधिकारी नहीं, बल्कि राजस्थान के सीकर (Sikar) के रहने वाले एक युवा केमिस्ट्री टीचर शशिकांत सुथार (Shashikant Suthar) हैं।

पूरे देश में ‘व्हिसलब्लोअर’ (Whistleblower) के रूप में मशहूर हो चुके शशिकांत ने ही सबसे पहले सिस्टम की नींद तोड़ी और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) से लेकर CBI तक को इस पेपर लीक के पुख्ता सबूत सौंपे।

कौन हैं शशिकांत सुथार?

मूल रूप से राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले के रहने वाले शशिकांत सुथार राजस्थान के दूसरे सबसे बड़े ‘कोचिंग हब’ माने जाने वाले सीकर में बतौर केमिस्ट्री (Chemistry) फैकल्टी काम करते हैं। वे छात्रों को मेडिकल एंट्रेंस परीक्षा की तैयारी करवाते हैं।

मकान मालिक की एक ‘रहस्यमयी PDF’ ने कैसे खोला राज?

शशिकांत सुथार के मुताबिक, 3 मई की शाम करीब 5:00 बजे जब नीट की परीक्षा समाप्त हुई, तो वे अपने छात्रों के लिए प्रश्न पत्र का विश्लेषण कर रहे थे।

  • इसी दौरान उनके मकान मालिक उनके पास आए और अपने मोबाइल में टेलीग्राम (Telegram) और व्हाट्सएप पर तेजी से वायरल हो रही एक गेस पेपर की पीडीएफ (PDF) फाइल दिखाई।
  • मकान मालिक ने पूछा कि क्या ये सवाल आज के पेपर में आए हैं?
  • शशिकांत ने जब उस पीडीएफ के केमिस्ट्री सेक्शन का मिलान किया, तो उनके होश उड़ गए। केमिस्ट्री के सभी 45 के 45 सवाल हूबहू शब्द-दर-शब्द मुख्य प्रश्न पत्र से मैच कर रहे थे।
  • शक होने पर उन्होंने एक अन्य साथी शिक्षक की मदद ली और बायोलॉजी (Biology) के वायरल पीडीएफ का भी मिलान किया, जिसमें 90 सवाल बिल्कुल सटीक पाए गए।

पुलिस स्टेशन से लेकर CBI तक का संघर्ष

इस डरावने सच का पता चलते ही शशिकांत ने बिना डरे कदम उठाया:

  1. स्थानीय पुलिस: 3 मई की रात ही वे सीकर के उद्योग नगर पुलिस स्टेशन पहुंचे, लेकिन औपचारिकता और लिखित शिकायत के प्रारूप के कारण उन्हें वापस लौटना पड़ा।
  2. NTA और केंद्रीय एजेंसियां: हार न मानते हुए 7 मई को शशिकांत ने एक 60 पन्नों की विस्तृत रिपोर्ट (जिसमें प्रश्न पत्रों का मिलान था) NTA, शिक्षा मंत्रालय और CBI को ईमेल के जरिए भेजी।
  3. कार्रवाई: इसी पुख्ता सबूत के आधार पर NTA ने संज्ञान लिया और अंततः मामला राजस्थान SOG और फिर CBI को सौंपा गया, जिसके बाद देश के कई राज्यों में छापेमारी और गिरफ्तारियों का दौर शुरू हुआ।

भविष्य के CBT (कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट) फॉर्मेट पर उठाए सवाल

शिक्षा मंत्री ने धांधली रोकने के लिए अगले वर्ष से NEET UG को कंप्यूटर-बेस्ड टेस्ट (CBT) मोड में आयोजित करने की घोषणा की है। हालांकि, शशिकांत सुथार इस बदलाव से पूरी तरह सहमत नहीं हैं।

  • उनका स्पष्ट रूप से मानना है कि “CBT मोड भी पूरी तरह से फुलप्रूफ (Foolproof) नहीं है।” ऑनलाइन सिस्टम में भी सेंधमारी की जा सकती है।
  • शशिकांत ने एक बेहतर समाधान सुझाते हुए कहा है कि पारदर्शिता बनाए रखने के लिए इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षाओं (JEE) की तर्ज पर NEET को भी दो चरणों में (प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा – Prelims and Mains) आयोजित किया जाना चाहिए।

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