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बस्तर के हर आदिवासी परिवार को मिलेगी गाय-भैंस, 70 कैंप बनेंगे ‘वीर शहीद गुंडाधर सेवा डेरा’

अमित शाह का बस्तर में बड़ा ऐलान

बस्तर/रायपुर। केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने छत्तीसगढ़ के बस्तर में मध्य क्षेत्रीय परिषद (Central Zonal Council) की अहम बैठक के बाद आदिवासी अंचलों के विकास और सुरक्षा को लेकर कई बड़ी घोषणाएं की हैं। इस बैठक में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी शामिल हुए।

गृह मंत्री ने स्पष्ट किया कि जब तक नक्सल प्रभावित क्षेत्र विकास के मामले में देश के बाकी हिस्सों के बराबर नहीं आ जाते, तब तक सरकार की लड़ाई समाप्त नहीं होगी।

डेयरी नेटवर्क और आदिवासी परिवारों का विकास

सहकारिता मंत्री के रूप में अमित शाह ने बस्तर के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए एक बड़ी योजना का खाका पेश किया:

  • गाय और भैंस का वितरण: बस्तर के हर आदिवासी परिवार को रोजगार और पोषण के लिए एक गाय और भैंस दी जाएगी।
  • बड़ा डेयरी नेटवर्क: अमित शाह ने दावा किया है कि आने वाले 6 महीने के भीतर बस्तर में एक बहुत बड़ा डेयरी नेटवर्क तैयार कर लिया जाएगा।

सुरक्षा कैंप अब बनेंगे ‘सेवा डेरा’

बस्तर को नक्सल मुक्त बनाने की दिशा में काम कर रही सरकार ने सुरक्षाबलों के कैंपों का स्वरूप बदलने का निर्णय लिया है।

  • गृह मंत्री ने घोषणा की कि नक्सल मुक्त होने के बाद बस्तर के 70 सुरक्षा कैंपों को ‘वीर शहीद गुंडाधर सेवा डेरा’ के रूप में विकसित किया जाएगा।
  • इन ‘सेवा डेरों’ के माध्यम से ही दूरस्थ आदिवासी परिवारों तक विकास की तमाम सुविधाएं और सरकारी योजनाएं पहुंचाई जाएंगी।

पिछली सरकार पर निशाना और नक्सल उन्मूलन

नक्सलवाद पर बोलते हुए अमित शाह ने कहा कि पांच दशकों से ये क्षेत्र विकास की दौड़ में पिछड़े हुए हैं। उन्होंने पिछली सरकार पर निशाना साधते हुए कहा:

  • “कई गैर-भाजपा सरकारों ने नक्सल मुक्त अभियान में हमारा समर्थन किया, लेकिन छत्तीसगढ़ की पूर्व कांग्रेस सरकार ने नक्सल उन्मूलन में सहयोग नहीं किया।”
  • उन्होंने बताया कि 13 दिसंबर 2023 को छत्तीसगढ़ में भाजपा सरकार बनने के बाद से बस्तर में बचे हुए नक्सलवाद को जड़ से खत्म करने के लिए अभियान फिर से तेज कर दिया गया है।

न्याय प्रणाली और महिला सुरक्षा पर सख्त निर्देश

गृह मंत्री ने महिला सुरक्षा और त्वरित न्याय के मुद्दे पर भी अहम सुझाव दिए:

  • पॉक्सो और दुष्कर्म: उन्होंने जोर देकर कहा कि पॉक्सो (POCSO) और बलात्कार जैसे गंभीर मामलों में अगर समय रहते डीएनए (DNA) जांच पूरी हो जाए, तो दोषसिद्धि की दर शत-प्रतिशत (100%) हो सकती है।
  • विशेष अदालतें: अदालतों में 5 साल से अधिक समय से लंबित पड़े मामलों के तेजी से निपटारे के लिए अमित शाह ने उच्च न्यायालयों (High Courts) को विशेष अदालतें गठित करने का सुझाव दिया है।

बैठक के अंत में उन्होंने कहा कि हमारा संघीय ढांचा और मजबूत हुआ है। क्षेत्रीय परिषद की निरंतर बैठकों का ही परिणाम है कि आज एक बहुत बड़े भू-भाग में चार राज्यों के बीच या केंद्र के साथ कोई विवाद नहीं बचा है, जो एक बड़ी उपलब्धि है।

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