Chhattisgarh NewsExclusive

Dharamlal Kaushik Mobile Theft: वीआईपी का फोन 8 घंटे में मिला, आम आदमी के 1लाख से ज्यादा फोन गायब

क्या छत्तीसगढ़ में रसूखदारों और आम जनता के लिए अलग-अलग कानून काम कर रहा है? दरअसल रायपुर में हुई एक ताज़ा घटना ने पुलिस महकमे की कार्यप्रणाली और वीआईपी ट्रीटमेंट पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। Dharamlal Kaushik Mobile Theft मामले में पुलिस ने पूरी ताकत झोंक दी और महज 8 घंटे में आरोपी को धर दबोचा। हालांकि दूसरी तरफ प्रदेश के 100000 से ज्यादा आम नागरिक अपने चोरी हुए मोबाइल फोन के लिए आज भी थानों के चक्कर काटने को मजबूर हैं। परिणामस्वरूप सिस्टम की इस दोहरी नीति को लेकर जनता और विपक्ष में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है।

Dharamlal Kaushik Mobile Theft मामले में 30 पुलिसकर्मियों की लगी फौज

पूर्व विधानसभा अध्यक्ष और भाजपा विधायक धरमलाल कौशिक सोमवार सुबह 8 बजे शंकर नगर स्थित भारत माता चौक के पास मॉर्निंग वॉक कर रहे थे। इसी बीच एक बाइक सवार बदमाश झपट्टा मारकर उनका मोबाइल छीन ले गया। घटना की जानकारी मिलते ही पूरी पुलिस कमिश्नरेट अलर्ट मोड पर आ गई। दरअसल मामला एक रसूखदार वीआईपी का था इसलिए शहर भर में बड़े स्तर पर सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया गया।

परिणामस्वरूप महज 8 घंटे के भीतर पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। इस हाई-प्रोफाइल मामले को सुलझाने के लिए 2 डीसीपी 2 एडीसीपी 3 एसीपी 3 थाना प्रभारी और क्राइम ब्रांच समेत 30 पुलिसकर्मियों की भारी-भरकम टीम लगाई गई थी। इसके अलावा पुलिस ने आरोपी तक पहुंचने के लिए शहर के प्रमुख चौक-चौराहों पर लगे 150 से अधिक कैमरों की फुटेज खंगाल डाली। हालांकि आम आदमी का फोन चोरी होने पर पुलिस ऐसी फुर्ती कभी नहीं दिखाती है।

आम लोगों के 153374 मोबाइल चोरी, रिकवरी सिर्फ 48960 की

वीआईपी मामले में दिखाई गई इस तत्परता ने एक बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। दूरसंचार विभाग के ताजा आंकड़ों के मुताबिक छत्तीसगढ़ में अब तक 153374 मोबाइल फोन गुम या चोरी होने की शिकायतें दर्ज की गई हैं। इनमें से 109089 मोबाइल फोन की ट्रैकिंग अब भी जारी है। इसके अलावा पुलिस ने कार्रवाई करते हुए अब तक केवल 48960 फोन ही बरामद किए हैं।

  • पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस मामले में राज्य सरकार पर कड़ा तंज कसा है।
  • बघेल ने लिखा कि सरकार 112 डायल को हरी झंडी दिखा रही थी और चोर 9 2 11 हो गए।
  • कांग्रेस संचार प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने पुलिस की इस दोहरी कार्यप्रणाली पर कड़े सवाल उठाए हैं।
  • आम लोगों को मोबाइल चोरी होने पर सिर्फ शिकायत का नंबर और तारीख देकर लौटा दिया जाता है।

Related Articles

Back to top button