TMC Crisis: ममता बनर्जी को सबसे बड़ा झटका, TMC के 20 सांसदों ने NDA को दिया समर्थन, स्पीकर को लिखा पत्र

TMC MPs support NDA:पश्चिम बंगाल की सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस (TMC) अपने अट्ठाईस साल के इतिहास के सबसे बड़े और गंभीर राजनीतिक संकट से गुजर रही है। दिल्ली में ‘इंडिया’ (INDIA) ब्लॉक की बैठक में हिस्सा लेने पहुंचीं पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी को उनकी ही पार्टी के सांसदों ने एक बहुत बड़ा झटका दिया है। TMC की दिग्गज नेता और पूर्व चीफ व्हिप काकोली घोष दस्तीदार के नेतृत्व में 20 बागी सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) को समर्थन देने का औपचारिक ऐलान कर दिया है।
20 सांसदों ने की अलग संसदीय गुट की मांग बागी सांसदों ने लोकसभा स्पीकर को सौंपे गए पत्र में खुद को एक अलग संसदीय ब्लॉक के रूप में मान्यता देने और संसद में बैठने की अलग व्यवस्था करने की मांग की है।
- दल-बदल कानून का नहीं होगा असर: लोकसभा में TMC के कुल 28 सांसद हैं। दल-बदल (Anti-Defection) कानून से बचने के लिए किसी भी बागी गुट को दो-तिहाई यानी कम से कम 19 सांसदों के समर्थन की जरूरत होती है। चूंकि बागी गुट ने 20 सांसदों के हस्ताक्षर का दावा किया है, इसलिए इन पर यह कानून लागू नहीं होगा और उनकी सदस्यता सुरक्षित रहेगी।
- दिल्ली में हुई गुप्त बैठकें: पत्र सौंपने के बाद 14 बागी सांसदों ने केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव के दिल्ली स्थित आवास पर दोपहर के भोजन के दौरान बैठक की, जिसमें बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी भी मौजूद रहे। बाद में TMC सांसद शताब्दी रॉय के घर पर भी बागी सांसदों की अहम बैठक हुई।
NDA की ताकत में होगा भारी इजाफा TMC सांसदों के इस बड़े कदम से लोकसभा का गणित पूरी तरह से बदल जाएगा।
- वर्तमान में 543 सदस्यीय लोकसभा में NDA के पास 292 सांसद हैं, जो बहुमत (272) से तो अधिक है लेकिन दो-तिहाई बहुमत से पीछे है।
- 20 TMC सांसदों के NDA के पाले में आने से यह आंकड़ा 312 तक पहुंच जाएगा। इससे मोदी सरकार को परिसीमन (Delimitation) और अन्य महत्वपूर्ण व विवादास्पद बिलों को आसानी से पास कराने में भारी मदद मिलेगी।
TMC के वफादार खेमे ने दावों पर उठाए सवाल इस भारी बगावत के बीच ममता बनर्जी के वफादार नेताओं ने पलटवार किया है। पार्टी सांसद कीर्ति आजाद ने बागी गुट के संख्या बल पर सवाल उठाते हुए कहा कि भाजपा नेताओं के साथ हुई बैठक में केवल 13 सांसद मौजूद थे, तो फिर 20 सांसदों का दावा कैसे किया जा रहा है? वहीं, महुआ मोइत्रा ने बागी सांसदों को “गद्दार” करार देते हुए उनसे इस्तीफा देकर नए सिरे से चुनाव लड़ने की मांग की है।
गौरतलब है कि इससे पहले बंगाल विधानसभा में भी TMC के 80 में से 58 विधायक बागी होकर ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व में अपना अलग गुट बना चुके हैं। अब सांसदों की इस बगावत ने TMC के भविष्य पर एक बड़ा सवालिया निशान लगा दिया है।



