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Dhamtari Police Viral Video: धमतरी में चेकिंग के दौरान युवक से बदसलूकी, वीडियो वायरल होने के बाद 3 डीएसपी करेंगे जांच

धमतरी। छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले से पुलिसिया कार्यप्रणाली और उनके रवैये पर गंभीर सवाल खड़े करने वाला एक मामला सामने आया है। पांच जून की रात करीब एक बजे अर्जुनी थाना क्षेत्र के मुजगहन पोटियाडीह बाईपास के पास चेकिंग के दौरान एक युवक और पुलिसकर्मियों के बीच तीखी झड़प हो गई। दो दिनों तक शांत रहे इस मामले ने तब तूल पकड़ा, जब घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया।

चेकिंग के दौरान मोबाइल ऑन करने पर भड़के पुलिसकर्मी

पीड़ित युवक के अनुसार, वह देर रात अपनी पत्नी और बच्चे के साथ सिनेमाघर से फिल्म देखकर लौट रहा था। मुजगहन बाईपास के पास पुलिस टीम ने उसकी मोटरसाइकिल को रोका।

  • अभद्र व्यवहार का आरोप: युवक का कहना है कि पुलिसकर्मियों ने चेकिंग के नाम पर रूखा व्यवहार किया। जब उसने साक्ष्य के तौर पर मोबाइल से वीडियो रिकॉर्डिंग शुरू की, तो अर्जुनी थाना प्रभारी चंद्रकांत साहू और अन्य पुलिसकर्मी भड़क गए।
  • मारपीट की शिकायत: आरोप है कि वीडियो बनाने से नाराज होकर थाना प्रभारी ने युवक के साथ बदसलूकी और मारपीट की।

पुलिस की दलील: दस्तावेजों और नंबर प्लेट में थी खामी

इस पूरे विवाद पर धमतरी सिटी डीएसपी अभिषेक चतुर्वेदी ने पुलिस का पक्ष सामने रखा है:

  • बाइक की सामने की नंबर प्लेट टूटी हुई थी, जिसके कारण जवानों ने उसे रोका था।
  • गाड़ी दुर्ग पासिंग (CG 07) की थी। पूछताछ के दौरान युवक के पहचान पत्र और गाड़ी के रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (RC) के विवरण में कई खामियां पाई गईं।
  • पुलिस का दावा है कि बाइक चालक सहयोग करने के बजाय आक्रामक हो गया था, जिसके बाद थाना प्रभारी को मौके पर बुलाया गया। बाद में स्थानीय होने की पुष्टि पर उसे दस्तावेज लेकर थाने आने की बात कहकर छोड़ दिया गया।

दो दिनों की चुप्पी और नागरिक अधिकारों पर बहस

इस घटना ने पुलिस की नीयत और संवेदनशीलता पर कई बुनियादी सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि युवक संदिग्ध था या दस्तावेजों में हेरफेर थी, तो पुलिस ने उसी वक्त मौके पर कानूनी कार्रवाई क्यों नहीं की? दो दिनों तक मामले को ठंडे बस्ते में क्यों रखा गया? क्या पुलिस सिर्फ इसलिए डैमेज कंट्रोल मोड में आई क्योंकि वीडियो इंटरनेट पर वायरल हो गया?

तीन डीएसपी स्तर के अधिकारी करेंगे निष्पक्ष जांच

जनता का गुस्सा फूटने के बाद धमतरी एसपी सूरज सिंह परिहार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए फौरन जांच के आदेश दे दिए हैं।

  • विशेष कमेटी का गठन: इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच के लिए तीन डीएसपी (DSP) रैंक के अधिकारियों की एक विशेष कमेटी बनाई गई है।
  • नोटिस जारी: वीडियो में दिख रहे पुलिसकर्मियों और संबंधित युवक को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। इसके अलावा, किराएदार का पुलिस वेरिफिकेशन न कराने के एवज में मकान मालिक को भी नोटिस देने की तैयारी है।

वायरल वीडियो की फॉरेंसिक जांच और दोनों पक्षों के बयान दर्ज होने के बाद कमेटी तय करेगी कि गलती किसकी थी, लेकिन इस घटना ने यह बहस जरूर तेज कर दी है कि क्या पारदर्शिता के लिए कैमरा ऑन करना आम नागरिक का गुनाह बन जाता है।

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