CG Cabinet Decisions: विष्णु देव साय कैबिनेट के 7 बड़े फैसले, बिजली कंपनी का आएगा IPO, धान के बदले दूसरी फसलों पर मिलेंगे 15,000 रुपये

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज नवा रायपुर स्थित मंत्रालय महानदी भवन में मंत्रिपरिषद की एक बेहद महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में प्रदेश के युवाओं, किसानों, शहरी परिवहन और पारदर्शी शासन को बढ़ावा देने की दिशा में कई बड़े और दूरगामी निर्णय लिए गए हैं। कैबिनेट ने छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा को गति देने के लिए कुल सात बड़े प्रस्तावों पर अपनी आधिकारिक मुहर लगा दी है।
छत्तीसगढ़ स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड का आएगा IPO
मंत्रिपरिषद् की बैठक में छत्तीसगढ़ स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड को आईपीओ (IPO) के माध्यम से स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध (List) किए जाने की सैद्धांतिक सहमति प्रदान की गई है। इस ऐतिहासिक निर्णय से आम नागरिकों और निवेशकों को सरकारी कंपनी की विकास यात्रा में भागीदार बनने का सुनहरा अवसर मिलेगा। इससे कंपनी की वित्तीय क्षमता मजबूत होगी और कामकाज में पारदर्शिता आएगी। आवश्यक प्रक्रियाएं पूर्ण करने के लिए कंपनी के संचालक मंडल को अधिकृत किया गया है।
कृषक उन्नति योजना का नया स्वरूप: धान के बदले दूसरी फसलों पर 15,000 रुपये सहायता
राज्य सरकार ने फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने, किसानों की आय बढ़ाने और धान पर अत्यधिक निर्भरता कम करने के उद्देश्य से ‘कृषक उन्नति योजना’ के नवीन स्वरूप को मंजूरी दी है।
- वैकल्पिक फसलों पर प्रोत्साहन: धान के स्थान पर अन्य खरीफ फसलें लेने वाले तथा दलहन, तिलहन, मक्का, कोदो, कुटकी, रागी और कपास की खेती करने वाले किसानों को प्रति एकड़ 15,000 रुपये की आदान सहायता (Incentive) प्रदान की जाएगी।
- डिजिटल सत्यापन: इस योजना का लाभ एकीकृत किसान पोर्टल, एग्रीस्टेक पंजीयन और डिजिटल क्रॉप सर्वे के आधार पर सीधे ट्रांसफर किया जाएगा। इससे प्रदेश में जल संरक्षण और कृषि क्षेत्र में दीर्घकालिक स्थिरता को बढ़ावा मिलेगा।
गरीबों को मिलता रहेगा मुफ्त चना, नागरिक आपूर्ति निगम को NeML से खरीदी की छूट
सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के अंतर्गत पात्र हितग्राहियों को वित्तीय वर्ष 2026-27 में चना वितरण की निरंतरता बनाए रखने के लिए बड़ा फैसला लिया गया है। छत्तीसगढ़ राज्य नागरिक आपूर्ति निगम को नेकडेक्स-ई-मार्केट (NeML) के ई-ऑक्शन प्लेटफॉर्म के माध्यम से अधिकतम 0.25 प्रतिशत या उससे कम सर्विस चार्ज पर चना क्रय करने की अनुमति दी गई है। साथ ही, वर्तमान व्यवस्था के तहत अप्रैल से जून 2026 तक तीन माह की अवधि वृद्धि का अनुमोदन भी किया गया है ताकि पोषण सुरक्षा योजनाएं निर्बाध रूप से जारी रहें।
‘योग’ अब चिकित्सा शिक्षा विभाग के अधीन
मंत्रिपरिषद् ने ‘योग’ विषय को समाज कल्याण विभाग से हटाकर चिकित्सा शिक्षा विभाग के अंतर्गत लाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। चूंकि योग, आयुष प्रणाली का एक अभिन्न अंग है और इसकी शैक्षणिक, प्रशिक्षण एवं अनुसंधान गतिविधियां राष्ट्रीय स्तर पर आयुष तंत्र के माध्यम से संचालित होती हैं, इसलिए प्रशासनिक समन्वय को ध्यान में रखते हुए यह बदलाव किया गया है।
प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना: 4 शहरों में चलेंगी 240 इलेक्ट्रिक बसें
प्रदेश के शहरी सार्वजनिक परिवहन को सुदृढ़ बनाने के लिए कैबिनेट ने प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए पेमेंट सिक्योरिटी मैकेनिज्म (PSM) स्कीम के अंतर्गत डायरेक्ट डेबिट मैंडेट (DDM) की सहमति भारत सरकार को प्रेषित करने की अनुमति दे दी है। इससे रायपुर, दुर्ग-भिलाई, बिलासपुर और कोरबा में स्वीकृत कुल 240 इलेक्ट्रिक बसों के संचालन का रास्ता साफ हो गया है, जिससे प्रदूषण कम होगा और नागरिकों को किफायती परिवहन मिलेगा।
नवा रायपुर में स्टाम्प ड्यूटी छूट की अवधि 31 मार्च 2028 तक बढ़ी
नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण (ANDA) को आपसी सहमति से भूमि क्रय पर प्रदान की जा रही मुद्रांक शुल्क (स्टाम्प ड्यूटी) छूट की अवधि को बढ़ाकर 31 मार्च 2028 तक करने का निर्णय लिया गया है। इस फैसले से नवा रायपुर के सुनियोजित विकास और आधारभूत संरचना (Infrastructure) के विस्तार के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में तेजी आएगी।
अवैध खनन पर कसेगा शिकंजा, वाहनों में आरएफआईडी टैग और ट्रैकिंग अनिवार्य
मंत्रिपरिषद ने छत्तीसगढ़ खनिज (खनन, परिवहन तथा भण्डारण) नियम, 2009 में बड़े संशोधन को मंजूरी दी है। इसके तहत अब खनिज परिवहन करने वाले सभी वाहनों में आरएफआईडी (RFID) टैग एवं वाहन ट्रैकिंग प्रणाली (GPS) को अनिवार्य किया जाएगा। खनिजों के ग्रेड निर्धारण और मात्रा आकलन के लिए आधुनिक तकनीक आधारित व्यवस्था लागू होगी। इसके अलावा भंडारण शुल्क और सिक्योरिटी डिपॉजिट में वृद्धि की गई है, जबकि ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के तहत लाइसेंस धारकों को अतिरिक्त जमीन स्वीकृत करने और दो भंडारण लाइसेंसों को एकजाई (समामेलित) करने के प्रावधान लागू किए गए हैं। इससे अवैध उत्खनन पर प्रभावी नियंत्रण लगेगा और राज्य का राजस्व बढ़ेगा।



