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Welcome to the Jungle Review: लॉजिक को छोड़िए, हंसाने आ गई है अक्षय कुमार की कॉमिक पलटन

‘वेलकम टू द जंगल’ (Welcome to the Jungle) का मकसद सिर्फ और सिर्फ दर्शकों का भरपूर मनोरंजन करना है। फिल्म शुरुआत से ही यह बात साफ कर देती है कि यहां लॉजिक पूरी तरह से छुट्टी पर है और हंसी-मजाक अपनी पूरी ड्यूटी पर। करीब तीन दर्जन कलाकारों से सजी यह कॉमेडी फिल्म हर कुछ मिनट बाद एक नया किरदार, नई कॉमेडी और नया बवाल लेकर आती है।

कहानी कई बार तर्क से दूर जरूर जाती है, लेकिन अगर आप लॉजिक को थोड़ी देर के लिए किनारे रख दें (या पॉपकॉर्न के साथ निगल लें), तो यह फिल्म आपको लगातार हंसाने में कामयाब रहती है।

📊 फिल्म एक नज़र में (Quick Facts)

विवरणजानकारी
स्टारकास्टअक्षय कुमार, सुनील शेट्टी, परेश रावल, जैकी श्रॉफ, रवीना टंडन, जैकलीन फर्नांडिस
डायरेक्टरअहमद खान
रेटिंग3.5 स्टार्स
अवधिदो घंटे चवालीस मिनट

कैसी है फिल्म की कहानी? (Story)

कहानी बड़े कारोबारी सिन्हा (जाकिर हुसैन) से शुरू होती है, जिसे पता चलता है कि सरकार बदलने के बाद उसका काला धन सरकारी एजेंसियों के रडार पर आने वाला है।

  • काले धन का जुगाड़: उसका निजी सचिव दुबे (जॉनी लिवर) सलाह देता है कि पूरा पैसा एक फ्लॉप फिल्म बनाने में लगा दिया जाए, ताकि काले धन को सफेद किया जा सके।
  • अजीबोगरीब टीम: इसके बाद दो नाकाम निर्देशक देव और दास (राजपाल यादव और परेश रावल), फ्लॉप अभिनेता राजीव (अक्षय कुमार) और कमजोर नजर वाले कैमरामैन (श्रेयस तलपड़े) के साथ शूटिंग शुरू हो जाती है।
  • क्लाइमैक्स का ट्विस्ट: इसी बीच सिन्हा के घर छापा पड़ जाता है और बिना बजट के फिल्म पूरी करने के लिए पूरी टीम बॉर्डर से लगे ‘आजादगंज’ गांव पहुंचती है। यहां गांव वाले इन्हें भारतीय सेना समझ बैठते हैं, जो उन्हें आतंकी जतारा से बचाएंगे।

कैसी है कलाकारों की एक्टिंग? (Acting)

अक्षय कुमार अपने पुराने और बेहतरीन कॉमिक अवतार में लौटे हैं और पूरी फिल्म की सबसे बड़ी ताकत भी वही हैं। संवादों में उन्होंने खुद अपनी छवि का मजाक भी उड़ाया है, जो दर्शकों को खूब भाता है।

  • रवीना टंडन: उनका स्क्रीन टाइम भले कम हो, लेकिन जब भी वह पर्दे पर आती हैं, पूरा ध्यान अपनी ओर खींच लेती हैं। अक्षय और रवीना को लंबे समय बाद साथ देखना फिल्म का सबसे यादगार हिस्सा है।
  • सुनील शेट्टी और अरशद वारसी: दोनों अपनी पुरानी छवि में खूब जमे हैं। ‘आवारा पागल दीवाना’ वाले अंदाज में सुनील शेट्टी फिर से मजा देते हैं।
  • सपोर्टिंग कास्ट: परेश रावल, जॉनी लीवर, फरीदा जलाल और किरण कुमार अपने छोटे किरदारों में भी जमकर हंसाते हैं। जैकी श्रॉफ खलनायक के रूप में प्रभाव छोड़ते हैं, जबकि दिशा पाटनी और जैकलीन फर्नांडिस फिल्म में ग्लैमर का तड़का लगाती हैं।

डायरेक्शन और तकनीकी पक्ष (Direction & Technical Aspects)

दिवंगत नीरज वोहरा की कहानी का यह विचार काफी दिलचस्प है। निर्देशक अहमद खान की सबसे बड़ी कामयाबी यह है कि उन्होंने इतने बड़े स्टारकास्ट को बहुत ही संतुलित तरीके से संभाला है।

फिल्म के संवाद लगातार हंसाते हैं और कई कॉमिक पंच लंबे समय तक याद रहते हैं। हालांकि, फिल्म की एडिटिंग (Editing) थोड़ी और कसी जा सकती थी। पहले और दूसरे हिस्से में कुछ दृश्य जरूरत से ज्यादा लंबे लगते हैं। छायांकन (Cinematography), एक्शन और लोकेशन कहानी के मुताबिक अच्छे हैं, और VFX ठीक-ठाक ही है।

कैसा है फिल्म का म्यूजिक? (Music)

फिल्म का संगीत कहानी के साथ-साथ चलता है, लेकिन ऐसा कोई भी गाना नहीं है जो सिनेमाघर से निकलने के बाद लंबे समय तक दर्शकों की जुबान पर याद रह जाए। हालांकि, बैकग्राउंड स्कोर (Background Music) कॉमेडी के माहौल को मजबूत करने में पूरी मदद करता है।

फाइनल वर्डिक्ट: फिल्म देखें या नहीं? (Final Verdict)

‘वेलकम टू द जंगल’ ऐसी फिल्म बिल्कुल नहीं है जिसमें हर सीन का तर्क तलाशा जाए, क्योंकि अगर आप तर्क ढूंढेंगे, तो हंसी छूट जाएगी। यह पूरी तरह से उन दर्शकों के लिए बनी है जो वीकेंड पर अपने परिवार या दोस्तों के साथ बैठकर खुलकर हंसना चाहते हैं। अक्षय कुमार का पुराना कॉमिक अंदाज और रवीना टंडन के साथ उनकी शानदार केमिस्ट्री इस फिल्म को एक ‘मस्ट वाच एंटरटेनर’ बना देती है।

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