CM Residence Raipur: CM विष्णु देव साय ने निवास पर की भगवान विश्वकर्मा की पूजा; कहा- ‘श्रमवीरों के पसीने से गढ़ा जा रहा विकसित छत्तीसगढ़’

CM Residence Raipur: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय (Vishnu Deo Sai) ने आज विश्वकर्मा जयंती (Vishwakarma Jayanti) के शुभ अवसर पर राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में विधि-विधान से भगवान विश्वकर्मा की पूजा-अर्चना की। सृजन, शिल्प और निर्माण के अधिष्ठाता भगवान विश्वकर्मा से मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ प्रदेश की सुख-समृद्धि, खुशहाली और निरंतर प्रगति की कामना की। इस दौरान मुख्यमंत्री के सलाहकार आर. कृष्णा दास, प्रेस अधिकारी आलोक सिंह सहित निवास के अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
खबर की मुख्य बातें (CM Residence Raipur)
- विधि-विधान से पूजा: मुख्यमंत्री निवास में भगवान विश्वकर्मा की विशेष आराधना की गई।
- श्रमवीरों को शुभकामनाएं: CM ने प्रदेश के शिल्पकारों, कारीगरों, अभियंताओं और तकनीशियनों को बधाई दी।
- श्रम का सम्मान: मुख्यमंत्री ने कहा कि विश्वकर्मा जयंती केवल पर्व नहीं, बल्कि श्रम की प्रतिष्ठा का सम्मान है।
- विकसित छत्तीसगढ़ का संकल्प: कुशल मानव संसाधन और नई तकनीक के तालमेल से आत्मनिर्भर राज्य बनाने पर जोर।
‘श्रम केवल आजीविका नहीं, राष्ट्र निर्माण की शक्ति है’
भगवान विश्वकर्मा को नमन करते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि भगवान विश्वकर्मा सृजनशीलता, कौशल, कर्मनिष्ठा और उत्कृष्टता के प्रतीक हैं। उन्होंने कहा, “श्रम केवल आजीविका का माध्यम नहीं है, बल्कि यह सृजन और राष्ट्र निर्माण की शक्ति है। प्रत्येक श्रमिक के परिश्रम और प्रत्येक कारीगर के हुनर का सम्मान करना हमारी सामाजिक जिम्मेदारी है।”
मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि खेत-खलिहानों से लेकर बड़े कारखानों तक और पारंपरिक शिल्प से लेकर आधुनिक तकनीक तक, कुशल हाथ ही अपने परिश्रम और प्रतिभा से विकास को आकार देते हैं।
पारंपरिक कौशल और आधुनिक तकनीक का समन्वय
मुख्यमंत्री ने प्रदेश के विकास में श्रमवीरों के योगदान को रेखांकित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की पहचान सदैव मेहनतकश लोगों और समृद्ध शिल्प परंपरा की रही है।
- एक ओर हमारे शिल्पकारों और कारीगरों ने पीढ़ियों से अपने हुनर के जरिए प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत को सहेजा है।
- वहीं दूसरी ओर आज के श्रमिक, इंजीनियर और तकनीकी क्षेत्र से जुड़े युवा आधुनिक छत्तीसगढ़ के निर्माण में अहम भूमिका निभा रहे हैं।
नई तकनीक अपनाने पर जोर: अंत में मुख्यमंत्री ने संदेश दिया कि बदलते समय के अनुरूप अपने कौशल को निरंतर निखारना और नई तकनीक को अपनाना आज के समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। इसी कौशलयुक्त और परिश्रमी मानव संसाधन के बल पर ‘आत्मनिर्भर और विकसित छत्तीसगढ़’ का संकल्प पूरी तरह साकार होगा।






