Sonakhan Elephant Herd Update: कसडोल-सोनाखान में 28 हाथियों का दल, वन विभाग ने ग्रामीणों और पर्यटकों को किया सतर्क

समाचार का सार
बलौदाबाजार जिले के कसडोल-सोनाखान वन क्षेत्र में 28 हाथियों के एक दल की गतिविधि दर्ज की गई है। (Sonakhan Elephant Herd Update) रिपोर्ट के अनुसार हाथियों का दल कसडोल से लगभग 6 किलोमीटर दूर बिलारी और बम्हनीडीह गांव के आसपास देखा गया है।
वन विभाग और हाथी मित्र दल हाथियों की लोकेशन पर निगरानी कर रहे हैं। आसपास के ग्रामीणों और पर्यटकों को हाथियों से दूरी बनाए रखने और उनके पास जाकर फोटो या वीडियो नहीं बनाने की सलाह दी गई है।
Sonakhan Elephant Herd Update: दल में कितने हाथी?
दल में कुल 28 हाथी बताए गए हैं। इनमें 14 मादा, 11 बच्चे और 3 नर हाथियों की जानकारी प्रकाशित की गई है।
दल को बिलारी से सिद्ध बाबा झरना और आमझरिया झरना क्षेत्र की ओर बढ़ते हुए बताया गया है।
धान की फसल को नुकसान
हाथियों के खेतों में पहुंचने से धान की फसल को नुकसान होने की जानकारी भी सामने आई है। उपलब्ध रिपोर्ट में नुकसान की कुल राशि या प्रभावित क्षेत्रफल का सत्यापित आंकड़ा नहीं दिया गया है।
इसलिए फसल नुकसान को लेकर कोई अनुमानित आर्थिक आंकड़ा देना उचित नहीं होगा।
वन विभाग ने क्या कहा?
वन विभाग ने ग्रामीणों से हाथियों के करीब नहीं जाने, उनका पीछा नहीं करने और गतिविधि दिखाई देने पर विभाग को सूचना देने की अपील की है।
हाथी मित्र दल भी इलाके में सक्रिय है और झुंड की लोकेशन लगातार देखी जा रही है।
पर्यटकों के लिए भी चेतावनी
सिद्ध बाबा झरना क्षेत्र की दिशा में हाथियों की गतिविधि के कारण पर्यटकों को उस क्षेत्र की ओर जाने से बचने की सलाह दी गई है।
कसडोल-पिथौरा मार्ग तथा आसपास के संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाए जाने की जानकारी है।
इसका क्या असर?
धान की खेती वाले इलाकों में हाथियों का प्रवेश किसानों के लिए फसल सुरक्षा का मुद्दा है। वहीं गांव और पर्यटन स्थल के आसपास झुंड की गतिविधि मानव-हाथी आमने-सामने आने का जोखिम बढ़ा सकती है।
इसी वजह से विभाग का तत्काल जोर दूरी बनाए रखने और झुंड को सुरक्षित रास्ता देने पर है।
आगे क्या होगा?
वन विभाग और हाथी मित्र दल झुंड की दिशा और लोकेशन पर निगरानी जारी रखेंगे। हाथियों के आगे बढ़ने के आधार पर आसपास के गांवों के लिए चेतावनी भी बदल सकती है।
ग्रामीणों के लिए स्थानीय वन अमले से मिलने वाली ताजा सूचना को प्राथमिकता देना जरूरी है।






