PRSU Result Controversy: परीक्षा हुई नहीं, परिणाम में पूरक; कुरूद के 14 छात्रों ने उठाए सवाल

रायपुर। पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय से संबद्ध एक सरकारी कॉलेज के 14 विद्यार्थियों के परीक्षा परिणाम को लेकर नया विवाद सामने आया है। मामला बीए द्वितीय वर्ष के चतुर्थ सेमेस्टर का है। विद्यार्थियों का कहना है कि जिस विषय की परीक्षा आयोजित ही नहीं हो सकी, उसी विषय से जुड़ी स्थिति के कारण उन्हें परिणाम में पूरक श्रेणी में दिखा दिया गया। PRSU Result Controversy सामने आने के बाद प्रभावित विद्यार्थियों ने विश्वविद्यालय पहुंचकर अपनी आपत्ति दर्ज कराई है।
जानकारी के अनुसार मामला कुरूद स्थित संत गुरु घासीदास शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय के विद्यार्थियों से जुड़ा है। यहां बीए चतुर्थ सेमेस्टर के 14 छात्रों ने ‘Money and Banking’ विषय का चयन किया था। छात्रों के मुताबिक पूरे सेमेस्टर इसी विषय की पढ़ाई हुई, असाइनमेंट और आंतरिक मूल्यांकन भी इसी आधार पर कराया गया।
6 जुलाई को थी परीक्षा, प्रश्नपत्र नहीं पहुंचने का दावा
रिपोर्ट के मुताबिक ‘Money and Banking’ विषय की परीक्षा 6 जुलाई को निर्धारित थी। विद्यार्थी तय समय पर परीक्षा केंद्र पहुंचे और प्रश्नपत्र का इंतजार करते रहे, लेकिन संबंधित पेपर उपलब्ध नहीं हुआ। परिणामस्वरूप उस दिन परीक्षा नहीं हो सकी।
छात्रों का कहना है कि समस्या यहीं समाप्त नहीं हुई। परिणाम जारी होने पर उन्हें संबंधित स्थिति में पूरक श्रेणी में दिखाया गया। इससे आगे की पढ़ाई और अगले सेमेस्टर में प्रवेश को लेकर परेशानी खड़ी हो गई है।
मामले की संवेदनशीलता इसलिए भी बढ़ गई क्योंकि विद्यार्थियों का दावा है कि विश्वविद्यालय की ओर से जारी प्रवेश पत्र में भी ‘Money and Banking’ विषय दर्ज था। यदि विषय पाठ्यक्रम अथवा परीक्षा योजना का हिस्सा नहीं था, तो प्रवेश पत्र में इसका उल्लेख कैसे हुआ—छात्र इसी सवाल का जवाब चाहते हैं।
विश्वविद्यालय और कॉलेज के स्तर पर अलग स्थिति
उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय स्तर पर बताया गया कि ‘Money and Banking’ विषय निर्धारित शेड्यूल में नहीं था और महाविद्यालय में इसके स्थान पर ‘Economics History’ पढ़ाया जाना था।
इसी बिंदु पर विवाद उलझ गया है। छात्रों का पक्ष है कि उन्होंने अपनी तरफ से विषय नहीं जोड़ा था। कॉलेज में उसी विषय की पढ़ाई हुई और विश्वविद्यालय के प्रवेश पत्र में भी वही विषय दर्ज था। ऐसे में प्रशासनिक या शैक्षणिक स्तर पर हुई किसी त्रुटि का नुकसान विद्यार्थियों को क्यों उठाना पड़े, इसे लेकर वे आपत्ति कर रहे हैं।
रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि छात्रों को दी गई अंकसूची में ‘Money and Banking’ के स्थान पर दूसरे विषय का उल्लेख होने की शिकायत सामने आई है। इस दावे पर विश्वविद्यालय की विस्तृत लिखित सफाई फिलहाल सामने नहीं आई है।
NSUI के साथ विश्वविद्यालय पहुंचे छात्र
प्रभावित विद्यार्थी NSUI के PRSU प्रभारी पुनेश्वर लहरे के नेतृत्व में विश्वविद्यालय पहुंचे और प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। छात्रों की तीन प्रमुख मांगें हैं—परिणाम में सुधार, संबंधित विषय की परीक्षा आयोजित करना और अगले सेमेस्टर में प्रवेश के लिए अतिरिक्त समय उपलब्ध कराना।
विद्यार्थियों के लिए प्रवेश समय-सीमा का मुद्दा अहम है। उनका कहना है कि विवाद का समाधान नहीं होने के कारण आगे की शैक्षणिक प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। इसीलिए वे चाहते हैं कि विश्वविद्यालय पहले परिणाम से जुड़ी स्थिति साफ करे और फिर प्रवेश के लिए उन्हें पर्याप्त अवसर दिया जाए।
14 छात्रों के शैक्षणिक सत्र पर असर का सवाल
यह मामला केवल एक प्रश्नपत्र तक सीमित नहीं है। विश्वविद्यालय परीक्षा व्यवस्था में विषय चयन, कॉलेज की कक्षाओं, प्रवेश पत्र, परीक्षा समय-सारणी और अंतिम परिणाम, इन सभी स्तरों के बीच तालमेल जरूरी होता है।
यदि विद्यार्थी को प्रवेश पत्र में किसी विषय की परीक्षा देने की अनुमति दी गई है, तो उस विषय का प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने और उसके मूल्यांकन की जिम्मेदारी संबंधित परीक्षा प्रणाली की होती है। दूसरी ओर, यदि कॉलेज स्तर पर गलत विषय पढ़ाया गया हो, तो यह भी जांच का विषय है कि विषय चयन की जानकारी विश्वविद्यालय तक किस रूप में पहुंची थी।
इस विवाद में अंतिम जिम्मेदारी किस स्तर पर तय होगी, यह विश्वविद्यालय की जांच और आधिकारिक निर्णय के बाद ही स्पष्ट होगा।
अब विश्वविद्यालय के फैसले पर नजर
छात्र फिलहाल परिणाम संशोधन और विशेष परीक्षा की मांग कर रहे हैं। विश्वविद्यालय की ओर से यदि परीक्षा आयोजित करने अथवा अंकसूची सुधारने का निर्णय लिया जाता है, तो उससे प्रभावित 14 विद्यार्थियों की आगे की प्रवेश प्रक्रिया का रास्ता साफ हो सकता है।
इस मामले में यह भी जरूरी होगा कि विश्वविद्यालय लिखित रूप से बताए कि चतुर्थ सेमेस्टर में मान्य विषय कौन-सा था, ‘Money and Banking’ प्रवेश पत्र में किस आधार पर दर्ज हुआ और परीक्षा के दिन प्रश्नपत्र उपलब्ध क्यों नहीं कराया गया।
फिलहाल उपलब्ध जानकारी छात्रों की शिकायत, ज्ञापन और मीडिया रिपोर्ट पर आधारित है। विश्वविद्यालय की विस्तृत अंतिम जांच रिपोर्ट या कोई नया औपचारिक आदेश सामने आने पर स्थिति और स्पष्ट होगी।
PRSU विवाद एक नजर में
- कॉलेज: संत गुरु घासीदास शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, कुरूद
- पाठ्यक्रम: BA द्वितीय वर्ष, चतुर्थ सेमेस्टर
- प्रभावित विद्यार्थी: 14
- विवादित विषय: Money and Banking
- निर्धारित परीक्षा: 6 जुलाई 2026
- छात्रों का दावा: प्रश्नपत्र उपलब्ध नहीं हुआ
- प्रमुख मांग: परीक्षा, परिणाम सुधार और प्रवेश के लिए अतिरिक्त समय






