राजधानी रायपुर में पैर पसार रहा है स्वाइन फ्लू, मरीजों का आंकड़ा 110 के पार

छत्तीसगढ़ में बदलते मौसम के बीच एक बार फिर खतरनाक संक्रामक बीमारी स्वाइन फ्लू (H1N1) ने दस्तक दे दी है, जिससे स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मच गया है। ताजा सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, राज्य में अब तक स्वाइन फ्लू के 110 से अधिक पुख्ता मामले सामने आ चुके हैं। सबसे ज्यादा चिंताजनक स्थिति राजधानी रायपुर की है, जहां अकेले 56 मरीजों की पुष्टि हुई है। रायपुर के प्रमुख सरकारी और निजी अस्पतालों के वार्डों में संदिग्ध मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिसके बाद स्वास्थ्य संचालक ने सभी जिलों के मुख्य चिकित्सा अधिकारियों (CMHO) को विशेष गाइडलाइन जारी कर दी है।
बारिश और उमस ने बढ़ाई वायरस की रफ्तार
चिकित्सकों का कहना है कि अगस्त महीने में लगातार हो रही बारिश और उसके बाद निकलने वाली तेज धूप के कारण वातावरण में उमस बढ़ गई है। यह मौसम वायरस के पनपने और फैलने के लिए सबसे अनुकूल माना जाता है। रायपुर के डॉक्टर भीमराव अंबेडकर मेमोरियल अस्पताल (मेकाहारा) और एम्स (AIIMS) में रोजाना सर्दी, खांसी और तेज बुखार के सैकड़ों मरीज पहुंच रहे हैं, जिनमें से गंभीर मरीजों की स्वाइन फ्लू जांच कराई जा रही है।
स्वास्थ्य विभाग की क्या है तैयारी?
बढ़ते प्रकोप को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने रायपुर समेत सभी जिला अस्पतालों में आइसोलेशन वार्ड एक्टिव कर दिए हैं। अस्पतालों में टेमीफ्लू (Tamiflu) दवाइयों का पर्याप्त स्टॉक रखने के निर्देश दिए गए हैं। डॉक्टरों को स्पष्ट हिदायत दी गई है कि यदि किसी मरीज में गंभीर सांस लेने की तकलीफ या लगातार तेज बुखार के लक्षण दिखते हैं, तो बिना देरी किए उसकी जांच शुरू की जाए और उसे सामान्य मरीजों से अलग रखकर इलाज दिया जाए।
आम नागरिकों के लिए जरूरी गाइडलाइन
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने जनता को सलाह दी है कि भीड़भाड़ वाले इलाकों में जाने से बचें और यदि जाना जरूरी हो तो मास्क का उपयोग जरूर करें। बार-बार हाथों को साबुन से धोएं या सैनिटाइजर का प्रयोग करें। अगर घर में किसी को तेज बुखार, गले में खराश या बदन दर्द की शिकायत है, तो उसे खुद से दवाइयां देने के बजाय नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टर को दिखाएं।






