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Vice President Raipur Visit: सीपी राधाकृष्णन रायपुर पहुंचे, AIIMS के तीसरे दीक्षांत समारोह में शामिल

रायपुर। भारत के उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन बुधवार, 2 सितंबर 2026 को छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर पहुंचे। स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट पर राज्यपाल रमेन डेका, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा सहित राज्य सरकार के मंत्रियों और जनप्रतिनिधियों ने उनकी अगवानी की। रायपुर पहुंचने के बाद उपराष्ट्रपति का मुख्य कार्यक्रम अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान यानी AIIMS Raipur का तीसरा दीक्षांत समारोह है।

उपराष्ट्रपति के आगमन को देखते हुए एयरपोर्ट से AIIMS तक सुरक्षा, यातायात और प्रोटोकॉल से जुड़े विशेष इंतजाम किए गए। प्रशासन पहले से उनके दौरे की तैयारियों में जुटा था और वरिष्ठ अधिकारियों को अलग-अलग जिम्मेदारियां दी गई थीं।

Vice President Raipur Visit: एयरपोर्ट पर हुआ औपचारिक स्वागत

विशेष विमान से रायपुर पहुंचे उपराष्ट्रपति की अगवानी के लिए राज्यपाल, उपमुख्यमंत्री और अन्य गणमान्य व्यक्ति एयरपोर्ट पर मौजूद रहे। इसके बाद उनका काफिला तय प्रोटोकॉल के अनुसार AIIMS की ओर रवाना हुआ। हरिभूमि की 12:07 PM की रिपोर्ट में उनके पहुंचने और AIIMS के दीक्षांत कार्यक्रम के शुरू होने की जानकारी दी गई है।

उपराष्ट्रपति के दौरे के कारण राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था सामान्य दिनों की तुलना में अधिक सख्त रखी गई। एयरपोर्ट, कार्यक्रम स्थल और निर्धारित मार्ग पर पुलिस बल की तैनाती की योजना पहले से तैयार की गई थी।

AIIMS Raipur में तीसरा Convocation

AIIMS Raipur की आधिकारिक वेबसाइट के मुताबिक संस्थान का Third Convocation 2 September 2026 को आयोजित किया जा रहा है। संस्थान ने इसके लिए विद्यार्थियों, आयोजन समितियों और कार्यक्रम से जुड़े विभिन्न निर्देश पहले ही जारी कर दिए थे।

AIIMS Raipur के Executive Director एवं CEO के संदेश में दीक्षांत समारोह को विद्यार्थियों की शैक्षणिक यात्रा और चिकित्सा शिक्षा, शोध, नवाचार तथा रोगी देखभाल के प्रति संस्थान की प्रतिबद्धता से जुड़ा महत्वपूर्ण अवसर बताया गया है।

दीक्षांत समारोह में मेडिकल शिक्षा पूरी करने वाले विद्यार्थियों के लिए डिग्री प्राप्त करना उनके पेशेवर जीवन का महत्वपूर्ण पड़ाव है। मेडिकल संस्थानों में Convocation केवल डिग्री वितरण कार्यक्रम नहीं होता, बल्कि नए डॉक्टरों और स्वास्थ्य पेशेवरों के लिए उनके चिकित्सकीय दायित्व की औपचारिक शुरुआत भी माना जाता है।

प्रशासन ने पहले ही तैयार किया था मिनट-टू-मिनट प्लान

उपराष्ट्रपति की यात्रा को लेकर मुख्य सचिव विकास शील ने पहले वरिष्ठ अधिकारियों के साथ तैयारियों की समीक्षा की थी। बैठक में सुरक्षा, यातायात, चिकित्सा व्यवस्था, प्रोटोकॉल और एयरपोर्ट से AIIMS तक मूवमेंट प्लान को अंतिम रूप देने के निर्देश दिए गए थे।

रायपुर जिला प्रशासन को एयरपोर्ट पर स्वागत और AIIMS में प्रोटोकॉल संबंधी व्यवस्था के समन्वय की जिम्मेदारी दी गई थी। कार्यक्रम स्थल पर बैठने की व्यवस्था भी केंद्र सरकार के निर्धारित प्रोटोकॉल और अनुमोदित मंच योजना के अनुसार करने के निर्देश दिए गए थे।

सुरक्षा के साथ मेडिकल इमरजेंसी पर भी फोकस

इस तरह के संवैधानिक पदाधिकारी के दौरे में सुरक्षा के साथ आपात चिकित्सा व्यवस्था भी प्रोटोकॉल का हिस्सा होती है। तैयारियों की समीक्षा के दौरान गृह विभाग और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक सुरक्षा तथा इमरजेंसी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए थे।

AIIMS जैसे बड़े चिकित्सा संस्थान में कार्यक्रम होने के कारण सुरक्षा व्यवस्था को इस तरह तैयार किया गया कि अस्पताल की सामान्य स्वास्थ्य सेवाओं पर न्यूनतम प्रभाव पड़े।

AIIMS Raipur की भूमिका क्यों महत्वपूर्ण

AIIMS Raipur केंद्र सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के तहत स्थापित प्रमुख चिकित्सा संस्थानों में शामिल है। संस्थान का उद्देश्य छत्तीसगढ़ और आसपास के क्षेत्रों में उच्च स्तरीय चिकित्सा सेवा उपलब्ध कराने के साथ मेडिकल शिक्षा और शोध को मजबूत करना है। AIIMS की आधिकारिक वेबसाइट भी इसे प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के तहत क्षेत्रीय स्तर पर गुणवत्तापूर्ण tertiary healthcare की असमानताओं को कम करने के उद्देश्य से स्थापित संस्थान बताती है।

AIIMS में MBBS के साथ विभिन्न स्नातकोत्तर, सुपर स्पेशियलिटी और शोध गतिविधियां संचालित होती हैं। ऐसे में तीसरा दीक्षांत समारोह संस्थान के विस्तार और यहां से तैयार हो रहे चिकित्सा पेशेवरों की नई पीढ़ी का भी संकेत है।

राजधानी के लिए हाई-प्रोफाइल दिन

उपराष्ट्रपति के दौरे ने बुधवार को रायपुर को राष्ट्रीय स्तर के महत्वपूर्ण कार्यक्रम का केंद्र बना दिया। एयरपोर्ट से AIIMS तक प्रशासनिक और सुरक्षा तंत्र सक्रिय रहा। कार्यक्रम पूरा होने तक निर्धारित मार्गों पर यातायात व्यवस्था में आवश्यकता के अनुसार बदलाव और पुलिस की मौजूदगी बनाए रखने की तैयारी की गई थी।

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