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Microsoft Layoffs 2026: AI के भारी खर्च ने ली 4,800 कर्मचारियों की नौकरी; माइक्रोसॉफ्ट का बड़ा फैसला, Xbox गेमिंग डिवीजन होगा अलग?

Business & Tech News: टेक इंडस्ट्री में छंटनी (Layoffs) का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है। अब विंडोज (Windows) बनाने वाली दिग्गज टेक कंपनी माइक्रोसॉफ्ट (Microsoft Layoffs 2026) ने अपनी कुल वर्कफोर्स में करीब 2.1 प्रतिशत की कटौती करने का बड़ा फैसला लिया है।

इस फैसले के तहत दुनिया भर में कंपनी के लगभग 4,800 कर्मचारियों को नौकरी से निकाला जाएगा। कंपनी ने यह कदम AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) इंफ्रास्ट्रक्चर पर हो रहे भारी खर्च और बिजनेस में एफिशिएंसी (दक्षता) बढ़ाने के लिए उठाया है।

खबर की मुख्य बातें (Highlights)

  • छंटनी का आकार: 4,800 कर्मचारी (कुल वर्कफोर्स का 2.1%) बाहर होंगे।
  • शेयर में भारी गिरावट: 2026 के पहले 6 महीनों में माइक्रोसॉफ्ट के शेयर 20% तक गिरे हैं।
  • बजट का दबाव: साल 2026 के लिए कंपनी का 190 बिलियन डॉलर का कैपिटल एक्सपेंडिचर अनुमानित है।
  • गेमिंग सेक्टर को झटका: Xbox की कीमतें बढ़ेंगी, गेमिंग यूनिट एक अलग कंपनी बन सकती है।

AI पर बढ़ता खर्च और टेक कंपनियों पर दबाव

इस साल बिग टेक कंपनियों का AI पर खर्च 700 बिलियन डॉलर (करीब 58 लाख करोड़ रुपए) से ज्यादा होने की उम्मीद है। इस भारी निवेश के कारण कंपनियों पर रिटर्न (ROI) दिखाने और टेक्नोलॉजी को लागू करने की लागत कम करने का भारी दबाव है।

इसी दबाव के चलते इस साल अमेजन (Amazon) और मेटा (Meta) जैसी कंपनियों ने भी हजारों कर्मचारियों की छंटनी की है। जून का महीना माइक्रोसॉफ्ट के लिए फाइनेंशियल ईयर का अंत होता है, इसलिए कंपनी अक्सर इसी समय अपनी खर्च योजनाओं को अंतिम रूप देते हुए नौकरियों में कटौती करती है। इससे पहले कंपनी ने अमेरिका में अपने 9,000 कर्मचारियों (7%) को वॉलंटरी बायआउट (Voluntary Buyout) का ऑफर भी दिया था।

6 महीने में 20% टूटा माइक्रोसॉफ्ट का शेयर

माइक्रोसॉफ्ट ने छंटनी की यह घोषणा एक बेहद मुश्किल छमाही के बाद की है। साल 2026 के पहले छह महीनों में कंपनी के शेयरों में लगभग 20% की बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। साल 2022 के बाद से यह कंपनी का सबसे खराब छमाही प्रदर्शन है।

हालांकि, AI की मजबूत डिमांड के कारण माइक्रोसॉफ्ट के ‘एज्योर क्लाउड कंप्यूटिंग’ (Azure Cloud) बिजनेस में अच्छी ग्रोथ देखी गई है। लेकिन इन सुविधाओं को सपोर्ट करने के लिए नए ‘डेटा सेंटर्स’ बनाने की बढ़ती लागत ने कंपनी के कैश फ्लो (Cash Flow) की कमर तोड़ दी है।

गेमिंग डिवीजन (Xbox) की हालत खराब, अलग कंपनी बनाने पर विचार

AI के बढ़ते इस्तेमाल और डेटा सेंटर की मांग के कारण मेमोरी चिप की कीमतों में भारी उछाल आया है। इसके चलते माइक्रोसॉफ्ट को बाजार में कमजोर मांग के बावजूद अपने एक्सबॉक्स (Xbox) गेमिंग कंसोल की कीमतें बढ़ाने पर मजबूर होना पड़ा है।

गेमिंग डिवीजन के घाटे का गणित:

विवरण (Details)आंकड़े (Data)
प्रॉफिट मार्जिन में गिरावटगिरकर मात्र 3% पर आ गया है
5 साल का कुल निवेश$20 बिलियन से अधिक (एक्टिविजन ब्लिजार्ड को छोड़कर)
सालाना रेवेन्यू में नुकसानकरीब आधा बिलियन ($0.5B) डॉलर की गिरावट

गेमिंग डिवीजन की नई हेड आशा शर्मा ने स्पष्ट किया है कि इस बिजनेस को अब एक बड़े ‘रीसेट’ (Reset) की जरूरत है। आगे चलकर इस घाटे को इसी तरह जारी नहीं रखा जा सकता। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, घाटे को देखते हुए कंपनी अब ‘एक्सबॉक्स गेमिंग यूनिट’ को एक अलग (Independent) कंपनी बनाने या पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी के रूप में रीस्ट्रक्चर करने के विकल्पों पर गंभीरता से विचार कर रही है।

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