N Chandrasekaran Legacy: चंद्रशेखरन के राज में 3 गुना बढ़ा टाटा का साम्राज्य; ₹8.5 लाख करोड़ से ₹25 लाख करोड़ पहुंचा मार्केट कैप

N Chandrasekaran Legacy: टाटा संस (Tata Sons) के चेयरमैन पद से एन. चंद्रशेखरन (N. Chandrasekaran) के इस्तीफे की खबर ने कॉरपोरेट जगत में हलचल मचा दी है। 2017 में जब उन्होंने देश के सबसे बड़े कारोबारी समूह की कमान संभाली थी, तब से लेकर आज तक टाटा ग्रुप (Tata Group) ने शेयर बाजार (Stock Market) और कारोबार के मोर्चे पर जो ऐतिहासिक तरक्की की है, वह किसी से छिपी नहीं है।
आंकड़े बताते हैं कि चंद्रशेखरन के कार्यकाल में टाटा ग्रुप की कंपनियों ने निवेशकों की झोली पैसों से भर दी। टाइटन (Titan) और ट्रेंट (Trent) जैसे शेयरों ने तो वेल्थ क्रिएशन के मामले में टीसीएस (TCS) को भी पीछे छोड़ दिया। आइए जानते हैं चंद्रशेखरन के इस शानदार कार्यकाल का पूरा रिपोर्ट कार्ड।
खबर की मुख्य बातें (Highlights)
3 गुना बढ़ा मार्केट कैप, रेवेन्यू में भी इजाफा
आंकड़ों पर नजर डालें तो चंद्रशेखरन के नेतृत्व में टाटा ग्रुप ने एक नई ऊंचाई को छुआ है:
- मार्केट कैप (Market Cap): 2017 में लिस्टेड टाटा कंपनियों का कुल मार्केट कैप करीब ₹8.53 लाख करोड़ था। आज यह आंकड़ा बढ़कर लगभग ₹25.21 लाख करोड़ हो गया है। यानी इस दौरान टाटा की कंपनियों ने निवेशकों के लिए करीब ₹16.67 लाख करोड़ की अतिरिक्त वेल्थ बनाई।
- रेवेन्यू और मुनाफा: इसी अवधि में कंपनियों का कुल रेवेन्यू ₹6.48 लाख करोड़ से बढ़कर (FY26 में) करीब ₹11.10 लाख करोड़ पहुंच गया। वहीं, कुल मुनाफा (PAT) ₹45,326 करोड़ से बढ़कर ₹1.63 लाख करोड़ हो गया।
टाइटन और ट्रेंट बने सबसे बड़े ‘मल्टीबैगर’
इस पूरी विकास गाथा में टाइटन (Titan Company) और ट्रेंट (Trent) सबसे बड़े वेल्थ क्रिएटर बनकर उभरे हैं।
टाइटन का जलवा: टाइटन ने मार्केट वैल्यू के मामले में ग्रुप की सबसे बड़ी कंपनी TCS को भी पीछे छोड़ दिया।
- टाइटन का मार्केट कैप ₹40,598 करोड़ से बढ़कर ₹4.50 लाख करोड़ पहुंच गया।
- इसका रेवेन्यू FY18 के ₹15,983 करोड़ से बढ़कर FY26 में ₹87,584 करोड़ हो गया।
- मुनाफा भी ₹1,147 करोड़ से छलांग लगाकर ₹5,174 करोड़ पर पहुंच गया।
ट्रेंट का चौंकाने वाला रिटर्न: टाटा ग्रुप की रिटेल कंपनी ट्रेंट (Trent) का प्रदर्शन सबसे ज्यादा हैरान करने वाला रहा।
- इसका मार्केट कैप करीब 19.2 गुना बढ़कर ₹1.59 लाख करोड़ हो गया (जो पहले सिर्फ ₹8,303 करोड़ था)।
- मुनाफा ₹87 करोड़ से बढ़कर ₹1,746 करोड़ पहुंच गया। यही कारण है कि ट्रेंट को टाटा ग्रुप के सबसे बड़े मल्टीबैगर शेयरों में गिना जाता है।
अन्य कंपनियों का कैसा रहा हाल?
- टाटा मोटर्स (Tata Motors): FY26 में टाटा मोटर्स का मुनाफा ₹86,532 करोड़ रहा, जो लिस्टेड टाटा कंपनियों के कुल मुनाफे का आधे से ज्यादा हिस्सा है।
- टाटा कंज्यूमर: मार्केट कैप करीब 12 गुना बढ़ा।
- इंडियन होटल्स: बाजार मूल्य 8 गुना से ज्यादा बढ़ा।
- टाटा पावर: 5 गुना से अधिक की वृद्धि।
- निराशा: टाटा केमिकल्स की मार्केट वैल्यू में सिर्फ 15% की वृद्धि हुई, जबकि रैलिस इंडिया के मार्केट कैप में गिरावट दर्ज की गई।
चंद्रशेखरन के बाद कौन और क्या हैं चुनौतियां?
एन. चंद्रशेखरन (N. Chandrasekaran) फरवरी 2027 तक अपने पद पर बने रहेंगे। उनके इस्तीफे की खबर आते ही TCS के शेयर में 4% की गिरावट आई, जिससे करीब ₹35,000 करोड़ का मार्केट कैप साफ हो गया।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि चंद्रशेखरन के बाद टाटा ग्रुप का नेतृत्व कौन करेगा? नए चेयरमैन के सामने सबसे बड़ी चुनौती चंद्रशेखरन द्वारा स्थापित इस तेज रफ्तार को बनाए रखने की होगी। इसके अलावा, एयर इंडिया (Air India) का घाटा, जगुआर लैंड रोवर (JLR) की चुनौतियां और नए क्षेत्रों (जैसे सेमीकंडक्टर) में भारी निवेश को संभालना भी नए नेतृत्व के लिए एक बड़ी अग्निपरीक्षा साबित होगी।






