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CM Vishnu Deo Sai Speech: ‘मेरी बेटी-मेरा अभिमान’ अभियान की शुरुआत, 7000 पुलिसकर्मियों की भर्ती; पढ़ें CM साय के भाषण की बड़ी बातें

CM Vishnu Deo Sai Speech: 80वें स्वतंत्रता दिवस (Independence Day) के खास मौके पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय (CM Vishnu Deo Sai) ने राजधानी रायपुर से प्रदेशवासियों को संबोधित किया। अपने संबोधन में उन्होंने राज्य के विकास, नक्सल मुक्त बस्तर (Naxal Free Bastar), किसानों की उन्नति, युवाओं के रोजगार और महिला सशक्तिकरण को लेकर कई अहम ऐलान किए।

इस दौरान उन्होंने एक नए अभियान ‘मेरी बेटी-मेरा अभिमान’ (Meri Beti-Mera Abhimaan) की शुरुआत की घोषणा भी की। आइए पढ़ते हैं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के भाषण की मुख्य और बड़ी बातें।

1. अमर शहीदों और स्वतंत्रता सेनानियों को नमन

“प्यारे प्रदेशवासियों, जय जोहार… आप सभी को 80वें स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक बधाई। यह पावन पर्व माँ भारती की वंदना का दिन है। आज हम भारत माता के महान सपूतों, महात्मा गांधी, नेताजी सुभाष चंद्र बोस, डॉ. भीमराव अंबेडकर, वीर सावरकर और भगवान बिरसा मुंडा, शहीद वीर नारायण सिंह जैसे असंख्य सेनानियों के त्याग और बलिदान को नमन करते हैं। डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती पर, हमने भी छत्तीसगढ़ में ‘समान नागरिक संहिता’ (UCC) लागू करने की दिशा में कदम बढ़ाया है।”

2. नक्सल मुक्त बस्तर: विकास और शांति का नया दौर

“प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के साहसिक नेतृत्व में नक्सल मुक्त भारत (Naxal Free India) का संकल्प पूरा हो चुका है। आज माओवाद से मुक्त होकर बस्तर के हर कोने में लोग तिरंगा यात्रा निकाल रहे हैं।

  • ‘नियद नेल्ला नार 2.0’ और ‘बस्तर मुन्ने अभियान’ के जरिए हम 39 लाख लोगों तक विकास योजनाएं पहुंचा रहे हैं।
  • नक्सल हिंसा के कारण बंद पड़े स्कूलों को दोबारा शुरू किया गया है और 36 नए स्कूल स्वीकृत किए गए हैं।
  • 10 लाख परिवारों की आय बढ़ाने के लिए 4,824 करोड़ रुपए की ‘आजीविका उन्नयन योजना’ तैयार की गई है।”

3. किसानों की समृद्धि: धान का सबसे ज्यादा मूल्य

“अन्नदाता हमारे भाग्य विधाता हैं। हम 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से देश में धान का सर्वाधिक मूल्य किसानों को दे रहे हैं।

  • ‘कृषक उन्नति योजना’ के तहत हमने फसल विविधता (Crop Diversification) को भी बढ़ावा दिया है। धान के बदले दलहन, तिलहन या मक्का की फसल लेने पर 15 हजार रुपए की आदान सहायता दी जाएगी।
  • प्रदेश में सिंचाई का दायरा बढ़ाने के लिए 11 हजार करोड़ रुपए से अधिक की मंजूरी दी गई है।”

4. ‘मेरी बेटी-मेरा अभिमान’ और महिला सशक्तिकरण

“महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए ‘महतारी वंदन योजना’ के जरिए 70 लाख हितग्राहियों के खाते में अब तक 19 हजार 444 करोड़ रुपए भेजे जा चुके हैं। राज्य में 13 लाख 85 हजार महिलाएं ‘लखपति दीदी’ (Lakhpati Didi) बन चुकी हैं।

  • बड़ी घोषणा: आज के इस पावन अवसर पर हम एक नया अभियान ‘मेरी बेटी-मेरा अभिमान’ शुरू कर रहे हैं। इसके तहत प्रदेश के 6,671 शासकीय विद्यालयों में बेटियों के लिए विशेष शौचालय (Toilets) बनाए जाएंगे।”

5. युवाओं के लिए रोजगार और शिक्षा में बड़े कदम

“युवा शक्ति पर हमारा अटूट विश्वास है।

  • हमने पुलिस विभाग में 7,000 युवाओं की भर्ती की है।
  • शिक्षक एवं सहायक शिक्षकों के 3946 पदों और बिजली विभाग में 1235 पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
  • प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए सरकार ‘सीजी असिस्टेंस फॉर कॉम्पिटिटिव एक्जाम योजना’ शुरू कर रही है।
  • अग्निवीरों (Agniveers) के लिए पुलिस, वनरक्षक और जेल प्रहरी की भर्ती में 10% आरक्षण लागू किया गया है।”

6. स्वास्थ्य, एआई (AI) और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर

“स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने से राज्य में संस्थागत प्रसव बढ़कर 96.2% हो गया है। ‘आयुष्मान योजना’ के माध्यम से हम राज्य के 91% लोगों को मुफ्त इलाज की सुविधा दे रहे हैं।

  • इसी सत्र से हम प्रदेश में 5 नए मेडिकल कॉलेज (गीदम, कुनकुरी, जांजगीर-चांपा, मनेंद्रगढ़, कवर्धा) शुरू कर रहे हैं।
  • तकनीकी विकास के लिए 500 करोड़ रुपए के ‘छत्तीसगढ़ राज्य एआई मिशन’ (AI Mission) को मंजूरी दी गई है।”

7. लोक-संस्कृति का संरक्षण और ‘तीजन बाई पुरस्कार’

“लोक-संस्कृति हमारी अमूल्य धरोहर है।

  • पद्मविभूषण से सम्मानित लोकगायिका स्वर्गीय डॉ. तीजन बाई जी की विरासत को सहेजने के लिए हमने ‘डॉ. तीजन बाई लोककला अलंकरण’ प्रदान करने का निर्णय लिया है।
  • छत्तीसगढ़ी सिनेमा के विकास के लिए ‘चित्रोत्पला फिल्म सिटी’ का निर्माण किया जा रहा है।
  • रामलला अयोध्या धाम दर्शन योजना और मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के माध्यम से हजारों श्रद्धालुओं को तीर्थ यात्रा कराई जा रही है।”

मुख्यमंत्री ने अपने भाषण का अंत ऋग्वेद के श्लोक “संगच्छध्वं, सं वदध्वं, सं वो मनांसि जानताम्” से करते हुए कहा कि हम सभी मिलकर विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए साथ चलेंगे।

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