Business News: शेयर बाजार में ‘ब्लैक फ्राइडे’! तीसरे दिन भी धड़ाम हुआ मार्केट, निवेशकों के 6 लाख करोड़ रुपये स्वाहा

Share Market Crash:भारतीय शेयर बाजार (Indian Share Market) के लिए आज का दिन ‘ब्लैक फ्राइडे’ साबित हुआ है। दलाल स्ट्रीट में लगातार तीसरे दिन भारी बिकवाली और हाहाकार का माहौल देखा गया। शुक्रवार, 24 अप्रैल को बाजार खुलते ही ताश के पत्तों की तरह बिखर गया। इस भयंकर गिरावट (Stock Market Crash) के कारण निवेशकों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। बीएसई सेंसेक्स (BSE Sensex) और निफ्टी 50 (Nifty 50) दोनों ही प्रमुख इंडेक्स बुरी तरह लाल निशान में बंद हुए।
सेंसेक्स 1100 अंक टूटा, 3 दिन में 9 लाख करोड़ का नुकसान
बाजार के आंकड़ों पर नजर डालें तो स्थिति बेहद चिंताजनक है।
- शुक्रवार को सेंसेक्स 1100 अंकों से अधिक की भारी गिरावट के साथ 76,514 के स्तर पर आ गिरा। वहीं, निफ्टी भी फिसलकर 23,851 के निचले स्तर तक पहुंच गया।
- इस तेज गिरावट का सीधा असर निवेशकों की संपत्ति पर पड़ा। बीएसई में लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैप एक ही झटके में 466 लाख करोड़ रुपये से घटकर 460 लाख करोड़ रुपये रह गया। यानी एक ही दिन में निवेशकों के 6 लाख करोड़ रुपये स्वाहा हो गए।
- अगर पिछले 3 कारोबारी सत्रों की बात करें, तो सेंसेक्स करीब 2,660 अंक (3.4%) टूट चुका है और कुल मिलाकर निवेशकों को अब तक करीब 9 लाख करोड़ रुपये का भारी नुकसान हो चुका है।
शेयर बाजार में क्रैश के 5 बड़े कारण
मार्केट के जानकारों के मुताबिक, इस भारी गिरावट के पीछे मुख्य रूप से 5 बड़े कारण जिम्मेदार हैं:
- अमेरिका-ईरान तनाव (US-Iran Tension): अमेरिका और ईरान के बीच होर्मुज स्ट्रेट को लेकर तनाव अपने चरम पर है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की चेतावनी और ईरान के पलटवार से भू-राजनीतिक अनिश्चितता (Geopolitical Uncertainty) बढ़ गई है, जिससे निवेशकों में डर है।
- कच्चे तेल में आग (Crude Oil Surge): मध्य पूर्व में तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में इस हफ्ते करीब 18 प्रतिशत का भारी उछाल आया है। होर्मुज स्ट्रेट से सप्लाई बाधित होने का खतरा मंडरा रहा है, जिससे महंगाई बढ़ने की आशंका है।
- कमजोर होता रुपया (Falling Rupee): भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले लगातार कमजोर हो रहा है। शुक्रवार को रुपया गिरकर 94.25 के स्तर पर आ गया। कमजोर रुपया विदेशी निवेशकों के लिए चिंता का विषय है।
- FII की भारी बिकवाली: विदेशी संस्थागत निवेशक (FII) लगातार बाजार से पैसा निकाल रहे हैं। पिछले चार सत्रों में ही उन्होंने 8,300 करोड़ रुपये से ज्यादा के शेयर बेच डाले हैं।
- तकनीकी कमजोरी (Technical Weakness): बाजार के तकनीकी विश्लेषकों के अनुसार, निफ्टी का अपने अहम सपोर्ट लेवल 24,000 से नीचे फिसल जाना एक बहुत ही नकारात्मक संकेत (Negative Trend) है। अगर बाजार जल्द 24,300 के ऊपर नहीं लौटता, तो यह गिरावट और गहरी हो सकती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर, विशेषकर अमेरिका-ईरान के बीच तनाव कम नहीं होता और कच्चे तेल की कीमतें स्थिर नहीं होतीं, तब तक शेयर बाजार में यह भारी उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।



