MP Rajya Sabha Election: मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द, भड़की कांग्रेस का चुनाव आयोग के बाहर आधी रात को धरना

भोपाल/नई दिल्ली। मध्य प्रदेश में 18 जून को होने वाले राज्यसभा चुनाव से ठीक पहले एक बड़ा राजनीतिक उलटफेर देखने को मिला है। कांग्रेस की उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन पत्र चुनाव अधिकारी द्वारा मंगलवार को रद्द कर दिया गया है। इस फैसले से भड़की कांग्रेस पार्टी ने चुनाव आयोग के खिलाफ सीधा मोर्चा खोल दिया है।
मंगलवार देर रात दिल्ली स्थित चुनाव आयोग कार्यालय के बाहर कांग्रेस के दिग्गज नेताओं ने जोरदार धरना प्रदर्शन किया। इस धरने में छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल और वरिष्ठ नेता जयराम रमेश सहित कई बड़े नेता शामिल रहे।
क्यों रद्द हुआ मीनाक्षी नटराजन का नामांकन?
मध्य प्रदेश की तीसरी राज्यसभा सीट के लिए कांग्रेस ने मीनाक्षी नटराजन पर दांव खेला था, लेकिन भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने उनके नामांकन पर गंभीर आपत्ति दर्ज कराई थी।
- अधूरी जानकारी का आरोप: भाजपा का आरोप था कि मीनाक्षी नटराजन ने अपने नामांकन पत्र (हलफनामे) में हैदराबाद की एक अदालत में लंबित मामले की जानकारी छिपाई है।
- रिटर्निंग ऑफिसर का एक्शन: इस आपत्ति के बाद रिटर्निंग ऑफिसर अरविंद शर्मा ने नटराजन को नोटिस जारी कर मंगलवार शाम 5:30 बजे तक जवाब मांगा था। जवाब मिलने के बाद भी अधिकारी संतुष्ट नहीं हुए और उनका नामांकन रद्द कर दिया गया।
भूपेश बघेल और कांग्रेस का चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप
धरना प्रदर्शन के दौरान छत्तीसगढ़ के पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने चुनाव प्रक्रिया पर बड़े सवाल खड़े किए।
- बघेल ने कहा कि कांग्रेस को सुनवाई का समय शाम 5:30 बजे दिया गया था, लेकिन ठीक उसी वक्त कार्यालय बंद कर दिया गया, जिससे कांग्रेस अपनी आपत्ति और आवेदन दर्ज ही नहीं करा सकी।
- जब कांग्रेस नेता दिल्ली में चुनाव आयोग पहुंचे, तो वहां भी कार्यालय बंद मिला। बाद में धरने के बाद एक क्लर्क ने उनका आवेदन स्वीकार किया।
- कांग्रेस का स्पष्ट आरोप है कि यह पूरी कार्रवाई राजनीतिक दबाव का हिस्सा है। पार्टी का कहना है कि जिस मामले का हवाला दिया जा रहा है, वह आपराधिक मामला नहीं है और अदालत ने अभी उस पर संज्ञान भी नहीं लिया है। कांग्रेस अब इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने की तैयारी कर रही है।
बीजेपी की तीनों सीटों पर निर्विरोध जीत लगभग तय
इस पूरे घटनाक्रम का सीधा राजनीतिक फायदा भारतीय जनता पार्टी को मिलता दिख रहा है।
- 18 जून को मध्य प्रदेश की तीन राज्यसभा सीटों पर चुनाव होना है।
- शुरुआत में मैदान में चार उम्मीदवार थे—तीन भाजपा से और एक कांग्रेस (मीनाक्षी नटराजन)।
- अब नटराजन का नामांकन रद्द होने के बाद मैदान में केवल भाजपा के तीन उम्मीदवार बचे हैं।
राजनीतिक जानकारों के मुताबिक, इस समीकरण के बाद अब तीनों सीटों पर भाजपा उम्मीदवारों का निर्विरोध चुना जाना लगभग तय हो गया है। कांग्रेस जो अपने विधायकों को एकजुट रखने के लिए बेंगलुरु तक भेज चुकी थी, अब उसका पूरा फोकस केवल कानूनी लड़ाई पर सिमट गया है।



