Dharmendra Pradhan on Rahul Gandhi:’राहुल गांधी का नया नैरेटिव है राजनीतिक ड्रामा’, इंदौर में छात्रों से संवाद पर पूर्व मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का तीखा हमला

Dharmendra Pradhan on Rahul Gandhi:लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा मध्य प्रदेश के इंदौर में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम ने एक बार फिर सियासी गलियारों में हलचल तेज कर दी है। इस कार्यक्रम के दौरान राहुल ने शिक्षा व्यवस्था को लेकर सरकार पर तीखे प्रहार किए। उनके इन आरोपों पर अब भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने जोरदार पलटवार किया है।
NEET पेपर लीक और उसके बाद देश भर में हुए छात्र आंदोलनों के चलते अपना इस्तीफा सौंपने वाले पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने राहुल गांधी को आड़े हाथों लिया है। प्रधान ने स्पष्ट रूप से कहा कि राहुल गांधी हर जगह अपना ‘मैन्यूफैक्टर्ड नैरेटिव’ (बनावटी कहानी) लेकर पहुंच जाते हैं।
‘छात्रों को जवाब चाहिए, राजनीतिक नाटक नहीं'(Dharmendra Pradhan on Rahul Gandhi)
धर्मेंद्र प्रधान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक लंबी पोस्ट लिखकर राहुल गांधी के इस कार्यक्रम पर निशाना साधा। उन्होंने लिखा, “विपक्ष के नेता राहुल गांधी सिर्फ एक माइक्रोफोन और ‘सिस्टम बनाम छात्र’ की पूरी तरह से बनावटी कहानी लेकर इंदौर पहुंचे हैं।”
प्रधान ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी छात्रों की हर एक समस्या को इस तरह पेश कर रहे हैं जैसे पूरा सिस्टम हाईजैक कर लिया गया हो। उन्होंने इसे सिरे से खारिज करते हुए कहा कि, “छात्रों को अपनी समस्याओं का ठोस जवाब और समाधान चाहिए, कोई राजनीतिक नाटक या खोखले नारे नहीं।”
आरोपों के जवाब में प्रधान ने गिनाए शिक्षा के आंकड़े
इंदौर में राहुल गांधी द्वारा शिक्षा व्यवस्था पर उठाए गए गंभीर सवालों का जवाब देते हुए, पूर्व शिक्षा मंत्री ने अपनी सरकार के कार्यकाल की उपलब्धियां गिनाईं।
प्रधान ने आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि साल 2014-15 में उच्च शिक्षा में सकल नामांकन अनुपात (GER) 23.7% था, जो 2023-24 में बढ़कर 30% तक पहुंच गया है। इसके अलावा, उन्होंने सरकार द्वारा शुरू की गई ‘पीएम-विद्यालक्ष्मी’ (PM-Vidyalaxmi), ‘पीएम-ऊषा’ (PM-USHA) योजनाओं और परीक्षा प्रणालियों को पारदर्शी बनाने के लिए उठाए गए कदमों का भी विशेष जिक्र किया।
पेपर लीक पर भी दी सफाई
उल्लेखनीय है कि नीट पेपर लीक विवाद के कारण ही धर्मेंद्र प्रधान को अपना मंत्री पद छोड़ना पड़ा था। इस मुद्दे पर राहुल गांधी के आरोपों का बचाव करते हुए प्रधान ने कहा कि पिछले कुछ सालों में सरकार ने पेपर लीक जैसी घटनाओं को जड़ से खत्म करने के लिए कंप्यूटर आधारित परीक्षाओं (CBT) के दायरे को तेजी से बढ़ाया है।
उन्होंने यह भी याद दिलाया कि 2024 में सरकार सार्वजनिक परीक्षाओं (Public Examinations) में गड़बड़ी रोकने के लिए नया और कड़ा कानून लेकर आई है, जिसमें पेपर लीक जैसे मामलों के लिए बेहद सख्त सजा का प्रावधान किया गया है।
‘छात्रों पर राजनीति और छात्रों के लिए राजनीति में फर्क है’
अपने बयान के अंत में धर्मेंद्र प्रधान ने राहुल गांधी पर सीधा कटाक्ष करते हुए कहा कि ‘छात्रों की समस्याओं पर राजनीति करने’ और ‘छात्रों के लिए राजनीति करने’ में बहुत बड़ा फर्क होता है।
उन्होंने सवाल उठाया, “क्या राहुल गांधी कभी समाधानों पर भी बात करेंगे, या फिर हर छात्र की चिंता को सिर्फ अपना राजनीतिक हथियार बनाते रहेंगे?” प्रधान ने जोर देकर कहा कि भारत के छात्रों को किसी ऐसे नेता की जरूरत नहीं है जो उन्हें बताए कि उन्हें नाराज होना चाहिए। बल्कि, छात्रों को ऐसे संस्थानों की जरूरत है जो ठीक से काम करें, उन्हें बेहतर मौके मिलें और एक ऐसी सरकार हो जो उनके भविष्य के साथ मजबूती से खड़ी रहे।






