Gautam Gambhir:टीम इंडिया की आलोचना करने वालों पर भड़के गौतम गंभीर, वर्ल्ड कप जीत की याद दिलाकर श्रेयस अय्यर को बताया ‘सेल्फलेस लीडर’

Gautam Gambhir:भारतीय क्रिकेट टीम की एक हार के बाद आलोचकों का समूह अक्सर बेकाबू होने लगता है। टीम कॉम्बिनेशन से लेकर कप्तान और कोच के कई फैसलों पर सीधे सवाल उठने लगते हैं। हाल ही में श्रेयस अय्यर की अगुवाई वाली भारतीय टीम आयरलैंड और इंग्लैंड से बुरी तरह हारकर लौटी है, जिसके बाद टीम इंडिया की जमकर खिल्ली उड़ाई जा रही है। लेकिन अब पूर्व दिग्गज खिलाड़ी गौतम गंभीर ने इन आलोचकों को करारा जवाब दिया है। उनका मानना है कि एक-दो खराब सीरीज या छोटी-मोटी गलतियों पर टी20 सेटअप में बिना सोचे-समझे ओवररिएक्ट नहीं करना चाहिए।
17 साल नहीं, 17 महीने में जीता तीसरा वर्ल्ड कप(Gautam Gambhir)
गौतम गंभीर ने जियोस्टार (JioStar) से बातचीत के दौरान आलोचकों को टीम इंडिया की हालिया उपलब्धियां याद दिलाईं। उन्होंने कहा, “सोचिए, हमने दो साल में वर्ल्ड कप जीता। खेल के इतिहास में ऐसी कौन सी टीम है जो एक वर्ल्ड कप से दूसरे वर्ल्ड कप तक अजेय रही और फिर खिताब जीता? इन लड़कों को दूसरा वर्ल्ड कप जीतने में 17 साल नहीं लगे, बल्कि तीसरा वर्ल्ड कप जीतने में सिर्फ 17 महीने लगे।”
गंभीर ने आगे कहा कि अचानक एक खराब सीरीज या दो-तीन खराब मैच किसी को बुरा खिलाड़ी या बुरी टीम नहीं बनाते। इसलिए टीम में निरंतरता (कंटिन्यूटी) बनाए रखना बहुत जरूरी है। गौरतलब है कि भारत ने पहला टी20 वर्ल्ड कप 2007 में एमएस धोनी की कप्तानी में जीता था। इसके बाद दूसरा खिताब 2024 में रोहित शर्मा की अगुवाई में 17 साल बाद आया। लेकिन तीसरा वर्ल्ड कप जीतने में भारत ने ज्यादा समय नहीं लिया। 2026 में सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में टीम इंडिया एक बार फिर वर्ल्ड चैंपियन बन गई, जो भारत का लगातार दूसरा टी20 वर्ल्ड कप खिताब था।
श्रेयस अय्यर की निस्वार्थ कप्तानी के मुरीद हुए गंभीर
गौतम गंभीर ने भारतीय टी20 टीम के मौजूदा कप्तान श्रेयस अय्यर की एक लीडर के तौर पर निस्वार्थ (Selfless) भाव से खेलने के लिए जमकर तारीफ की। गंभीर और श्रेयस ने आईपीएल 2024 (IPL 2024) में कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) के सफल कैंपेन के दौरान कप्तान और मेंटर के रूप में एक साथ काम किया था।
उस अनुभव को साझा करते हुए गंभीर ने कहा, “श्रेयस के साथ मेरा पहला अनुभव 2024 में केकेआर में हुआ था। वह वहां कप्तानी कर रहे थे और उनके बारे में मुझे सबसे अच्छी बात यह लगी कि वे कई बार टीम की जरूरत के हिसाब से नंबर चार पर अपनी बैटिंग पोजीशन छोड़ने को तैयार रहते थे।”
‘एक अच्छे लीडर की सबसे बड़ी पहचान है सेल्फलेसनेस’
गंभीर ने बताया कि श्रेयस इतने फ्लेक्सिबल थे कि अगर कोई बल्लेबाज उनसे पहले खेलने चला जाता, तो उन्हें कोई दिक्कत नहीं होती थी। ऐसा बहुत कम देखने को मिलता है कि कोई कप्तान, जो टीम का मुख्य बल्लेबाज भी हो, लेफ्ट-राइट कॉम्बिनेशन या किसी अन्य खिलाड़ी के इम्पैक्ट के लिए अपनी जगह छोड़ दे।
गंभीर ने अपनी बात खत्म करते हुए कहा, “तभी मुझे एहसास हुआ कि एक अच्छे लीडर की सबसे पहली और सबसे जरूरी खूबी यह है कि आप कितने निस्वार्थ हैं। आप मेहनती, अनुशासित और फिट हो सकते हैं, आप दुनिया के नंबर वन बल्लेबाज हो सकते हैं, लेकिन अगर आप सेल्फलेस नहीं हैं, तो बाकी सब चीजें बेकार हैं। श्रेयस के अंदर यह क्वालिटी है और यही खूबी उन्हें एक शानदार कप्तान बनाती है।”






