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अमेरिका-ईरान युद्ध: सीजफायर की बातचीत के बीच होर्मुज में तनाव, ईरान ने कहा- मिसाइल क्षमता 120% बढ़ी

US Iran Conflict:अमेरिका और ईरान के बीच 30 दिनों के लिए युद्धविराम और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से खोलने के प्रस्ताव पर बातचीत चल रही है। हालांकि, दोनों देशों के बीच युद्ध में अब डेडलॉक की स्थिति बन गई है। एक तरफ सीजफायर को लेकर चर्चा जारी है, तो दूसरी तरफ स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में दोनों देश एक-दूसरे के जहाजों पर हमले कर रहे हैं। इससे युद्ध खत्म होने की संभावना कम होती दिख रही है।

ईरान की अमेरिका को चेतावनी और अराघची का दावा

ईरान ने अमेरिका को चेतावनी देते हुए कहा है कि वह किसी भी हालत में झुकेगा नहीं। शुक्रवार को ईरान के विदेश मंत्री सैय्यद अब्बास अराघची ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि ईरान की मिसाइल क्षमता और लॉन्चरों की संख्या पहले से काफी बढ़ गई है। उन्होंने अमेरिका की सैन्य गतिविधियों को ‘लापरवाह सैन्य दुस्साहस’ करार देते हुए पूछा कि क्या यह दबाव बनाने की चाल है या अमेरिकी राष्ट्रपति को दलदल में धकेलने की कोशिश?

अराघची ने वाशिंगटन पोस्ट की उस रिपोर्ट को भी खारिज कर दिया, जिसमें दावा किया गया था कि ईरान के पास अब केवल 75% लॉन्चर और 70% मिसाइल भंडार ही बचा है। इसके जवाब में उन्होंने कहा कि ईरान 1000% तैयार है और 28 फरवरी की तुलना में उसका मिसाइल स्टॉक 120% तक बढ़ चुका है।

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में फिर बढ़ा तनाव

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में संघर्ष तेज हो गया है। ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) की नौसेना ने शुक्रवार सुबह अमेरिकी जहाजों पर हमले का दावा किया है। ईरान के अनुसार, यह कार्रवाई अमेरिकी सेना द्वारा सीजफायर के उल्लंघन और ईरानी तेल टैंकर के खिलाफ की गई आक्रामक गतिविधियों का जवाब है। ईरानी नौसेना ने दावा किया कि इस हमले में अमेरिकी सैन्य जहाजों को भारी नुकसान पहुंचा है और 3 अमेरिकी जहाज तेजी से पीछे हट गए हैं।

वहीं, अमेरिकी सेना की सेंट्रल कमांड ने शुक्रवार को जानकारी दी कि उसने 2 ईरानी टैंकरों को निष्क्रिय कर दिया है, जो अमेरिकी नाकाबंदी तोड़ने की कोशिश कर रहे थे।

युद्धविराम पर बातचीत जारी

इन हमलों के बावजूद, दोनों देशों के बीच 30 दिनों के सीजफायर और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से खोलने के प्रस्ताव पर बातचीत चल रही है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने अपने बयान में कहा है कि अमेरिका अभी भी ईरान के जवाब का इंतजार कर रहा है।

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