Chhattisgarh NewsExclusive

CG Board Paper Leak Bemetara: 12वीं हिंदी पेपर लीक मामले में बड़ा खुलासा, शिक्षकों ने दिया था पर्चा, आरोपी मास्टर फरार

छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले में माध्यमिक शिक्षा मंडल (CGBSE) की 12वीं बोर्ड परीक्षा के हिंदी प्रश्नपत्र लीक मामले ने नया मोड़ ले लिया है। इस मामले में गिरफ्तार मुख्य आरोपी और NSUI नेता वेणु जंघेल से पूछताछ में ऐसे खुलासे हुए हैं, जिसने शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली और परीक्षा की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस जांच में यह साफ हो गया है कि इस पूरे कांड के पीछे शिक्षा विभाग के ही कुछ शिक्षकों का हाथ है।

शिक्षकों ने दिया था पर्चा, पुलिस के आते ही हुए फरार

पुलिस की कड़ी पूछताछ में आरोपी वेणु जंघेल ने स्वीकार किया है कि उसे 12वीं हिंदी का पर्चा कुछ शिक्षकों के माध्यम से प्राप्त हुआ था।

  • फरार शिक्षक: वेणु की गिरफ्तारी की भनक लगते ही इस साजिश में शामिल संबंधित शिक्षक अपने ठिकानों से फरार हो गए हैं।
  • पुलिस की जांच: पुलिस अब सरगर्मी से इन फरार शिक्षकों की तलाश कर रही है। साथ ही यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि पेपर का मुख्य लीक केंद्र परीक्षा केंद्र था या सीधे शिक्षा मंडल का स्ट्रॉन्ग रूम।

पकड़े जाने के डर से हाथ से लिखा गया था पेपर

यह मामला केवल एक पर्चे के लीक होने का नहीं, बल्कि एक सुनियोजित और संगठित अपराध का है।

  • ₹3000 में सौदा: आरोपी वेणु ने शिक्षकों से मिले पर्चे को अपने एक परिचित छात्र को 3,000 रुपए में बेच दिया।
  • टेलीग्राम और व्हाट्सएप का इस्तेमाल: उस छात्र ने पर्चा मिलते ही उसे टेलीग्राम और व्हाट्सएप ग्रुप्स पर फैला दिया, जिससे यह रातों-रात हजारों छात्रों तक पहुँच गया।
  • मैनुस्क्रिप्ट (हस्तलिखित) कॉपी: पुलिस को चकमा देने और तकनीकी ट्रैकिंग से बचने के लिए आरोपियों ने मूल प्रश्नपत्र की फोटो भेजने के बजाय, उसे हाथ से लिखकर उसकी फोटो वायरल की थी। हैंडराइटिंग मिलान में सामने आया है कि यह पर्चा किसी और ने लिखा था।

22 छात्रों से पूछताछ, बैंक खातों की हो रही जांच

पुलिस का मानना है कि इस पूरे गिरोह में आधा दर्जन से ज्यादा लोग सीधे तौर पर शामिल हैं।

  • छात्रों की भूमिका: अब तक 22 छात्रों से पूछताछ की जा चुकी है। जांच में पता चला है कि कुछ छात्रों को पहले से पेपर लीक होने की जानकारी थी और उन्होंने भी इसे आगे मुनाफे में बेचने की कोशिश की थी।
  • डिजिटल और वित्तीय साक्ष्य: पुलिस के हाथ कई संदिग्ध मोबाइल नंबर और बैंक खातों की जानकारी लगी है। इन खातों में हुए वित्तीय लेन-देन (Financial Transactions) का गहराई से विश्लेषण किया जा रहा है।

Related Articles

Back to top button