Taman Singh Sonwani Arrested: CGPSC पूर्व अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी गिरफ्तार,पेपर लीक मामले में ED का बड़ा एक्शन

छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित CGPSC पेपर लीक और भर्ती अनियमितता मामले में (CGPSC Former Chairman Taman Singh Sonwani Arrested) प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शनिवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) के पूर्व अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत की गई है।
ED की यह कार्रवाई वर्ष 2020 और 2021 में आयोजित राज्य सेवा परीक्षाओं में प्रश्नपत्र लीक, चयन प्रक्रिया में कथित हेराफेरी और अवैध वित्तीय लेनदेन की जांच के क्रम में हुई है। एजेंसी का कहना है कि पूछताछ के दौरान सोनवानी के जवाब संतोषजनक नहीं पाए गए, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया।
क्या है पूरा मामला? (CGPSC Former Chairman Taman Singh Sonwani Arrested)
CGPSC की वर्ष 2020 और 2021 की राज्य सेवा परीक्षाओं को लेकर लंबे समय से गंभीर आरोप लगते रहे हैं। आरोप है कि परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता का पालन नहीं किया गया और प्रभावशाली लोगों के परिजनों एवं करीबी उम्मीदवारों को अनुचित लाभ पहुंचाने के लिए प्रश्नपत्र लीक तथा चयन प्रक्रिया में हेरफेर की गई।
इन आरोपों के सामने आने के बाद मामला राज्यभर में चर्चा का विषय बन गया था। अभ्यर्थियों ने निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर लगातार प्रदर्शन भी किए।
CBI की FIR के आधार पर शुरू हुई ED की जांच (CGPSC Former Chairman Taman Singh Sonwani Arrested)
प्रवर्तन निदेशालय की जांच CBI द्वारा दर्ज FIR पर आधारित है। CBI जहां परीक्षा में कथित आपराधिक साजिश, पेपर लीक और चयन प्रक्रिया में अनियमितताओं की जांच कर रही है, वहीं ED इस पूरे मामले में अवैध धन के लेनदेन (Money Laundering) की जांच कर रही है।
ED यह पता लगाने में जुटी है कि क्या कथित अनियमितताओं के माध्यम से अवैध आर्थिक लाभ अर्जित किया गया और यदि ऐसा हुआ तो वह राशि किन लोगों तक पहुंची।
पूछताछ के बाद हुई गिरफ्तारी
सूत्रों के अनुसार ED ने टामन सिंह सोनवानी से कई दौर की पूछताछ की। एजेंसी का दावा है कि पूछताछ के दौरान उनके जवाब कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर स्पष्ट नहीं थे और जांच में अपेक्षित सहयोग नहीं मिला। इसके बाद PMLA के प्रावधानों के तहत उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।
अब ED उन्हें रायपुर स्थित विशेष PMLA कोर्ट में पेश करेगी और आगे की पूछताछ के लिए रिमांड की मांग करेगी।
किन बिंदुओं पर चल रही है जांच? (CGPSC Former Chairman Taman Singh Sonwani Arrested)
जांच एजेंसियां कई महत्वपूर्ण पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं—
- वर्ष 2020 एवं 2021 की राज्य सेवा परीक्षाओं में प्रश्नपत्र लीक के आरोप।
- चयन प्रक्रिया में कथित हेराफेरी।
- प्रभावशाली लोगों के रिश्तेदारों को लाभ पहुंचाने के आरोप।
- अवैध वित्तीय लेनदेन और मनी लॉन्ड्रिंग का एंगल।
- परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े अधिकारियों एवं अन्य लोगों की भूमिका।
छात्रों में फिर जगी निष्पक्ष जांच की उम्मीद
ED की इस कार्रवाई के बाद प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हजारों अभ्यर्थियों में निष्पक्ष जांच को लेकर उम्मीद बढ़ी है। लंबे समय से अभ्यर्थी मांग कर रहे थे कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में भर्ती प्रक्रियाओं की विश्वसनीयता बनी रहे।
अब अदालत में ED द्वारा रिमांड की मांग किए जाने के बाद जांच और तेज हो सकती है। संभावना है कि एजेंसी इस मामले से जुड़े अन्य अधिकारियों, बिचौलियों और संदिग्ध वित्तीय लेनदेन की भी गहन जांच करेगी। यदि जांच में नए तथ्य सामने आते हैं तो आगे और गिरफ्तारियां या पूछताछ भी हो सकती है।
CGPSC भर्ती विवाद अब केवल परीक्षा में कथित अनियमितताओं तक सीमित नहीं रह गया है। ED की कार्रवाई से यह स्पष्ट संकेत मिलता है कि जांच एजेंसियां अब पूरे मामले के आर्थिक पहलू पर भी गहराई से काम कर रही हैं। यदि मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप जांच में प्रमाणित होते हैं, तो यह मामला केवल भर्ती घोटाले तक सीमित न रहकर बड़े आर्थिक अपराध के रूप में भी सामने आ सकता है।






