Ambedkar Hospital Pest Control Tender: आंबेडकर अस्पताल में फिर होगा पेस्ट कंट्रोल टेंडर, 12 साल में खर्च 25 लाख से ज्यादा

रायपुर के डॉ. भीमराव आंबेडकर स्मृति चिकित्सालय में चूहों की समस्या को नियंत्रित करने के लिए (Ambedkar Hospital Pest Control Tender) अस्पताल प्रबंधन नए सिरे से पेस्ट कंट्रोल टेंडर निकालने की तैयारी कर रहा है। अस्पताल अधीक्षक डॉ. संतोष सोनकर ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि नियमित पेस्ट कंट्रोल के बावजूद समस्या पूरी तरह नियंत्रित नहीं हुई है।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार पिछले करीब 12 वर्षों में चूहों के नियंत्रण पर 25 लाख रुपए से अधिक खर्च किए जा चुके हैं। नए टेंडर में चूहों के साथ कॉकरोच और दीमक नियंत्रण को भी शामिल करने की तैयारी है।
क्या है पूरा मामला?
आंबेडकर अस्पताल प्रदेश के प्रमुख सरकारी चिकित्सा संस्थानों में है। यहां बड़ी संख्या में मरीजों के साथ दवा भंडार, किचन, वार्ड, आईसीयू और महंगे चिकित्सा उपकरण वाले विभाग संचालित होते हैं।
अस्पताल के विभिन्न हिस्सों से चूहों की मौजूदगी को लेकर शिकायतें प्रबंधन तक पहुंचने की जानकारी सामने आई है। रिपोर्ट में किचन, मुख्य दवा भंडार, आईसीयू और विभिन्न वार्डों को ऐसे क्षेत्रों में शामिल किया गया है जहां पहले भी नियंत्रण के उपाय किए गए हैं।
Ambedkar Hospital Pest Control Tender में क्या बदलेगा?
अस्पताल प्रबंधन अब नया टेंडर तैयार करेगा। इसमें केवल चूहों तक कार्रवाई सीमित नहीं रखने की तैयारी है, बल्कि कॉकरोच और दीमक के नियंत्रण को भी शामिल किया जाएगा।
अस्पताल अधीक्षक डॉ. संतोष सोनकर के अनुसार नियमित पेस्ट कंट्रोल चल रहा है, लेकिन चूहों पर अपेक्षित नियंत्रण नहीं हो पा रहा। उन्होंने मशीनों और उपकरणों की सुरक्षा के लिए नए टेंडर की जरूरत बताई है।
नए टेंडर पर कितना खर्च होगा, यह अभी तय नहीं है। इसलिए संभावित राशि को लेकर कोई निश्चित आंकड़ा प्रकाशित करना उचित नहीं होगा।
पहले कितना खर्च हुआ?
रिपोर्ट के मुताबिक करीब 12 साल पहले अस्पताल ने चूहों के नियंत्रण के लिए एक टेंडर किया था, जिस पर लगभग 15 लाख रुपए खर्च हुए। बाद के वर्षों में 10 लाख रुपए से अधिक की अतिरिक्त राशि खर्च होने की जानकारी दी गई है। इस तरह कुल खर्च 25 लाख रुपए से ऊपर बताया गया है।
अस्पताल में पूर्व में जाली, विशेष जेल और अन्य पेस्ट कंट्रोल उपाय अपनाए जाने की जानकारी भी रिपोर्ट में है।
स्वास्थ्य के लिहाज से क्यों महत्वपूर्ण?
अस्पताल के मेडिसिन विभाग के वरिष्ठ प्रोफेसर डॉ. योगेंद्र मल्होत्रा ने चूहों से संक्रमण के जोखिम का उल्लेख किया है। अस्पताल जैसे संवेदनशील परिसर में भोजन, दवा भंडारण और मरीजों के उपचार वाले क्षेत्रों में पेस्ट नियंत्रण इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यहां संक्रमण नियंत्रण सीधे मरीजों की सुरक्षा से जुड़ा विषय है।
हालांकि उपलब्ध रिपोर्ट यह भी स्पष्ट करती है कि आईसीयू, एनआईसीयू या अन्य वार्डों में किसी मरीज को चूहे द्वारा काटे जाने की मौजूदा घटना सामने नहीं आई है। इसलिए ऐसी किसी घटना का दावा करना तथ्यात्मक नहीं होगा।
प्रशासन का क्या कहना है?
अस्पताल अधीक्षक ने नए टेंडर की बात स्वीकार की है। उनका जोर मशीन और उपकरणों को सुरक्षित रखने तथा चूहों, कॉकरोच और दीमक को नियंत्रित करने की व्यापक व्यवस्था पर है।
इस समय टेंडर की लागत, कंपनी, अवधि और अंतिम शर्तें सार्वजनिक रूप से तय नहीं बताई गई हैं।
आगे क्या होगा?
अगला कदम नए पेस्ट कंट्रोल टेंडर की प्रक्रिया शुरू होना है। जब निविदा जारी होगी तभी उसकी अनुमानित लागत, कार्यक्षेत्र, समयावधि और एजेंसी चयन की शर्तें स्पष्ट होंगी।
फिलहाल अस्पताल प्रबंधन नियमित नियंत्रण जारी रखते हुए अधिक व्यापक व्यवस्था की तैयारी कर रहा है।






