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Rahul Gandhi Detained:राहुल गांधी से हाथापाई और हिरासत पर भड़के शशि थरूर: सरकार के रवैये को बताया ‘शर्मनाक’, बताया खुद क्यों नहीं हुए प्रदर्शन में शामिल

Rahul Gandhi Detained:राजधानी दिल्ली में विपक्षी दलों के गठबंधन ‘इंडिया’ (INDIA Alliance) ने चुनाव आयोग (Election Commission) के खिलाफ बड़ा और आक्रामक मोर्चा खोल दिया है। मंगलवार को संसद भवन से निर्वाचन सदन तक निकाले गए इस विरोध मार्च के दौरान सियासी ड्रामा अपने चरम पर पहुंच गया। आकाशवाणी भवन परिसर में करीब 8 घंटे के धरने के बाद दिल्ली पुलिस ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi), कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा (Priyanka Gandhi Vadra) और 10 सांसदों समेत लगभग 260 नेताओं को बलपूर्वक हिरासत में ले लिया।

हालांकि, देर रात करीब 10 बजे सभी नेताओं को रिहा कर दिया गया, लेकिन इस घटनाक्रम को लेकर कांग्रेस सांसद शशि थरूर (Shashi Tharoor) सरकार पर बुरी तरह भड़क उठे हैं। उन्होंने राहुल गांधी के साथ हुई कथित हाथापाई को बेहद दुखद और सरकार के रवैये को शर्मनाक करार दिया है।

शशि थरूर का तीखा हमला: ‘लोकतंत्र को तहस-नहस किया जा रहा है'(Rahul Gandhi Detained)

विदेश दौरे पर होने के कारण इस प्रदर्शन में भौतिक रूप से शामिल न हो सके वरिष्ठ कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर लंबा पोस्ट लिखकर अपना आक्रोश व्यक्त किया।

खुद प्रदर्शन में क्यों नहीं पहुंचे शशि थरूर?

प्रदर्शन में अपनी गैर-मौजूदगी को लेकर शशि थरूर ने स्पष्टीकरण देते हुए बताया कि वह इस वक्त जर्मनी की राजधानी बर्लिन में हैं।

उन्होंने पोस्ट में आगे लिखा, “क्योंकि मैं चार महीने पहले ही बर्लिन में एक अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस में शामिल होने की प्रतिबद्धता जता चुका था, इसलिए मैं इस आंदोलन का केवल दूर से ही समर्थन कर पा रहा हूं। लेकिन मेरा दिल और समर्थन वहीं अपने साथियों के साथ है। न्याय जरूर मिलेगा।”

बरगद के पेड़ के नीचे 8 घंटे का धरना और पुलिस की कार्रवाई

मंगलवार को दिल्ली में इस हाई-वोल्टेज ड्रामे की शुरुआत विपक्षी सांसदों के संसद भवन से निर्वाचन सदन कूच के साथ हुई थी। दिल्ली पुलिस ने संसद मार्ग पर नीति आयोग और आकाशवाणी भवन के सामने भारी बैरिकेडिंग कर सांसदों को रोक दिया।

  • आकाशवाणी भवन में डेरा: रोके जाने के बाद राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, केसी वेणुगोपाल और कई दलों के सांसद आकाशवाणी भवन परिसर में एक विशाल बरगद के पेड़ के नीचे दोपहर 12.20 बजे धरने पर बैठ गए।
  • गंभीर आरोप: धरने के दौरान राहुल गांधी ने केंद्र सरकार और मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि वोटर लिस्ट में गड़बड़ी और ‘वोट चोरी’ के जरिए लोकतंत्र को हाईजैक किया जा रहा है। राहुल गांधी ने कहा कि विपक्ष के करीब 300 सांसद चुनाव आयुक्तों से मिलकर ज्ञापन सौंपना चाहते थे, लेकिन सरकार ने पुलिस के दम पर उन्हें मिलने नहीं दिया।
  • रात 8 बजे हिरासत, 10 बजे रिहाई: रात करीब 8 बजे दिल्ली पुलिस ने बलपूर्वक धरने पर बैठे नेताओं को हटाया और बसों में भरकर जीटीबी नगर स्थित किंग्सवे कैम्प ले गई। करीब 2 घंटे तक हिरासत में रखने के बाद रात 10 बजे राहुल गांधी, प्रियंका गांधी समेत सभी विपक्षी नेताओं को रिहा कर दिया गया।

‘बचे-खुचे लोकतंत्र को घसीटा गया’- हिरासत के बाद बोले राहुल गांधी

हिरासत से छूटने के बाद राहुल गांधी ने भी सोशल मीडिया पर तीखा संदेश जारी किया। उन्होंने लिखा, “लोकतंत्र के गद्दारों को बचाने के लिए देश के बचे-खुचे लोकतंत्र को सड़कों पर घसीटा गया है। इसका पूरा हिसाब होगा, एक भी देशद्रोही को बख्शा नहीं जाएगा।”

इस विरोध प्रदर्शन में कांग्रेस के केसी वेणुगोपाल, पवन खेड़ा, इमरान प्रतापगढ़ी, तृणमूल कांग्रेस (TMC) के डेरेक ओब्रायन और समाजवादी पार्टी (SP) के सांसद मोहिबुल्ला नदवी समेत विपक्ष के कई प्रमुख चेहरे शामिल रहे। विपक्षी दल लगातार मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और वोटर लिस्ट पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया को वापस लेने की मांग पर अड़े हुए हैं।

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