ACP Vivek Bhagat:महिला पत्रकार से छेड़छाड़ का आरोप: CJP नेता सौरभ दास का दिल्ली पुलिस को अल्टीमेटम, भारी बवाल के बीच क्राइम ब्रांच के पास पहुंचा मामला

ACP Vivek Bhagat:राजधानी दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर चल रहे विरोध-प्रदर्शन के बीच एक नया और गंभीर विवाद खड़ा हो गया है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के सह-संयोजक सौरभ दास ने एक महिला पत्रकार से कथित छेड़छाड़ के मामले में दिल्ली पुलिस और एसीपी (ACP) विवेक भगत के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। सौरभ दास ने दिल्ली पुलिस पर आरोपी एसीपी को बचाने और मामले में एफआईआर (FIR) दर्ज न करने के गंभीर आरोप लगाए हैं।
दिल्ली पुलिस को 12 बजे तक का अल्टीमेटम
सौरभ दास ने दावा किया है कि पीड़ित महिला पत्रकार और अन्य समर्थक थाने के बाहर एफआईआर दर्ज करने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। दिल्ली पुलिस के अड़ियल रवैये पर सवाल उठाते हुए दास ने पूछा, “दिल्ली पुलिस ऐसे अधिकारी को क्यों बचाना चाहती है जिसने सबके सामने यौन उत्पीड़न किया है? एसीपी विवेक भगत को किस बात का संरक्षण दिया जा रहा है?”
CJP नेता ने पुलिस को सोमवार दोपहर 12 बजे तक का अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, “पुलिस को जितने वीडियो खंगालने हैं, खंगाल ले, लेकिन अगर सोमवार 12 बजे तक एफआईआर दर्ज नहीं हुई, तो सारे पत्रकार और समर्थक एक बार फिर थाने के बाहर जुटेंगे और एफआईआर की कॉपी लेकर ही वापस लौटेंगे।” उन्होंने साफ किया कि कॉकरोच जनता पार्टी इस लड़ाई में पत्रकारों और प्रदर्शनकारियों के साथ मजबूती से खड़ी है।
निष्पक्ष जांच के लिए केस क्राइम ब्रांच को ट्रांसफर
CJP की इस चेतावनी और बढ़ते दबाव के बीच दिल्ली पुलिस ने मामले में अपना आधिकारिक बयान जारी किया है। पुलिस ने बताया कि इस संवेदनशील मामले की जांच अब क्राइम ब्रांच (Crime Branch) को सौंप दी गई है।
दिल्ली पुलिस के अनुसार, 3 अक्टूबर को नई दिल्ली इलाके में हुए विरोध-प्रदर्शन और कानून-व्यवस्था की स्थिति के बीच तीन महिला पत्रकारों ने यौन उत्पीड़न की शिकायत दर्ज कराई थी। चूंकि ये गंभीर आरोप सीधे तौर पर पुलिस अधिकारियों के खिलाफ लगाए गए हैं, इसलिए मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच सुनिश्चित करने के लिए सभी शिकायतें कमला मार्केट स्थित क्राइम ब्रांच को ट्रांसफर कर दी गई हैं।






