NSE IPO: आ रहा है भारत के इतिहास का सबसे बड़ा आईपीओ! SEBI के पास जमा हुआ DRHP, ₹30,000 करोड़ हो सकता है साइज

नई दिल्ली: भारतीय शेयर बाजार के इतिहास का सबसे चर्चित और बहुप्रतीक्षित आईपीओ (IPO) अब जल्द ही हकीकत बनने जा रहा है। देश के सबसे बड़े स्टॉक एक्सचेंज नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) ने बाजार नियामक SEBI के पास अपना ड्रॉफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) दाखिल कर दिया है।
इस कदम के साथ ही NSE के आईपीओ लॉन्च होने का रास्ता साफ हो गया है। मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह भारत का अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ साबित हो सकता है। कंपनी ने इस मेगा इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग के लिए 20 इन्वेस्टमेंट बैंकों को ‘बुक रनिंग लीड मैनेजर’ (BRLM) के तौर पर नियुक्त किया है, जो अपने आप में एक बड़ा रिकॉर्ड है।
100% ‘ऑफर फॉर सेल’ (OFS) होगा यह IPO
इस प्रस्तावित आईपीओ में NSE कोई नई पूंजी (Fresh Issue) नहीं जुटाएगा, बल्कि केवल मौजूदा शेयरधारक अपनी हिस्सेदारी बेचेंगे। इस प्रक्रिया को ऑफर फॉर सेल (OFS) कहा जाता है।
दस्तावेजों के अनुसार, 5 सरकारी संस्थाएं मिलकर लगभग 2.37 करोड़ शेयर बेचने की योजना बना रही हैं।
शेयर बेचने वाली 5 प्रमुख सरकारी संस्थाएं
| सरकारी संस्था का नाम | बेचे जाने वाले शेयर (लगभग) |
| IDBI बैंक | 74 लाख शेयर |
| SBI | 64 लाख शेयर |
| SBI कैपिटल मार्केट्स | 53 लाख शेयर |
| IFCI | 34 लाख शेयर |
| बैंक ऑफ बड़ौदा | 11 लाख शेयर |
LIC और D-Mart के दमानी ने नहीं बेचे शेयर
इस आईपीओ की एक दिलचस्प बात यह है कि बाजार के कुछ सबसे बड़े और दिग्गज निवेशकों ने अपनी हिस्सेदारी बेचने से साफ इनकार कर दिया है।
- LIC (भारतीय जीवन बीमा निगम)
- प्रेमजी इन्वेस्ट (Wipro)
- दिग्गज निवेशक राधाकिशन दमानी (D-Mart)
ये सभी बड़े निवेशक NSE में अपने शेयर बनाए रखेंगे। बाजार के जानकारों के अनुसार, यह NSE के भविष्य और इसकी ग्रोथ को लेकर एक बेहद सकारात्मक संकेत है।
कितना बड़ा होगा IPO का आकार?
- कुल शेयर बिक्री: आईपीओ के तहत कुल 14.89 करोड़ इक्विटी शेयर बिक्री के लिए पेश किए जाएंगे। यह NSE की कुल चुकता पूंजी का लगभग 6 प्रतिशत हिस्सा है।
- अनुमानित मूल्यांकन: बाजार में NSE का अनुमानित मूल्यांकन (Valuation) करीब 5 लाख करोड़ रुपये आंका जा रहा है।
- IPO का साइज: अगर यह मूल्यांकन बरकरार रहता है, तो आईपीओ का कुल आकार लगभग 30,000 करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है, जो इसे भारत का अब तक का सबसे बड़ा सार्वजनिक निर्गम (Public Issue) बना देगा।
NSE का वित्तीय और तकनीकी प्रदर्शन (FY2026)
NSE न सिर्फ भारत का सबसे बड़ा स्टॉक एक्सचेंज है, बल्कि यह दुनिया के सबसे बड़े इक्विटी डेरिवेटिव्स एक्सचेंजों में भी शुमार है।
- डेरिवेटिव्स कारोबार: फाइनेंशियल ईयर 2026 में इसके प्लेटफॉर्म पर 36 अरब से अधिक डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट्स का कारोबार हुआ। कैश मार्केट (Cash Market) में भी इसका दबदबा कायम है।
- मजबूत रेवेन्यू और प्रॉफिट: FY2026 में कंपनी का ऑपरेशन रेवेन्यू बढ़कर 16,601 करोड़ रुपये पहुंच गया। वहीं, इसका नेट प्रॉफिट 10,302 करोड़ रुपये दर्ज किया गया।
- तकनीकी क्षमता: टेक क्षमता के मामले में भी NSE दुनिया के सबसे एडवांस ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म्स में गिना जाता है। मार्च 2026 तक इसका सिस्टम प्रतिदिन औसतन 12 से 14 अरब मैसेज प्रोसेस कर रहा था।






