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CG Weather Update: मानसून से पहले बदला छत्तीसगढ़ का मिजाज, पारा गिरा; रायपुर-दुर्ग समेत 13 जिलों में बारिश का ‘येलो अलर्ट’

रायपुर: छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) में दक्षिण-पश्चिम मानसून की दस्तक से पहले ही मौसम ने करवट ले ली है। प्रदेशवासियों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत मिली है। बीते 24 घंटों के दौरान राज्य के अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है।

मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां पूरी तरह से अनुकूल बन रही हैं और अगले पांच दिनों तक प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का दौर जारी रहेगा।

कहां कितना रहा तापमान और बारिश?

बुधवार को प्रदेश में मौसम के बदले मिजाज के बीच तापमान और बारिश के आंकड़े कुछ इस प्रकार रहे:

  • सर्वाधिक अधिकतम तापमान: रायपुर में 38.5°C दर्ज किया गया।
  • सबसे कम न्यूनतम तापमान: दुर्ग में 24.2°C रिकॉर्ड हुआ।
  • बारिश के आंकड़े: बीते 24 घंटों में दुर्ग में सबसे ज्यादा 3 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा जशपुरनगर में 2 सेंटीमीटर और केल्हारी, मनोरा एवं वाड्रफनगर में 1-1 सेंटीमीटर बारिश हुई।

इन 13 जिलों में ‘येलो अलर्ट’ जारी

मौसम विभाग ने प्रदेश के कई जिलों में खराब मौसम की चेतावनी देते हुए ‘येलो अलर्ट’ (Yellow Alert) जारी किया है।

इन जिलों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी चलने, गरज-चमक के साथ बारिश होने और आकाशीय बिजली गिरने की संभावना जताई गई है:

  • जिले: राजनांदगांव, दुर्ग, रायपुर, धमतरी, गरियाबंद, कांकेर, बालोद, जशपुर, रायगढ़, कबीरधाम, बेमेतरा, कोंडागांव और बस्तर।

मौसम विभाग की अपील: तेज आंधी-तूफान और बारिश के दौरान लोग सुरक्षित और पक्के स्थानों पर ही रहें। पेड़ों के नीचे या खुले मैदान में जाने से बचें।

क्यों बदल रहा है प्रदेश का मौसम?

मौसम विज्ञानियों के मुताबिक, छत्तीसगढ़ में मौसम बदलने के पीछे मुख्य रूप से तीन वेदर सिस्टम (Weather Systems) सक्रिय हैं:

  1. पहली द्रोणिका: पंजाब से लेकर बिहार तक एक मौसमी द्रोणिका (Trough) सक्रिय है।
  2. दूसरी द्रोणिका: पूर्वी उत्तर प्रदेश से लेकर तेलंगाना और दक्षिण तटीय आंध्र प्रदेश तक एक अन्य द्रोणिका बनी हुई है।
  3. चक्रवाती परिसंचरण: पूर्वी विदर्भ और दक्षिण छत्तीसगढ़ के ऊपर ऊपरी हवा का एक चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) भी सक्रिय है।

इन्हीं तीनों सिस्टम के संयुक्त प्रभाव से बंगाल की खाड़ी से नमी आ रही है, जिससे छत्तीसगढ़ के मौसम में यह सुखद बदलाव देखने को मिल रहा है।

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