Chhattisgarh News

Bijapur News: PM आवास योजना में बड़ा फर्जीवाड़ा; सचिव ने हितग्राहियों को 500 रुपये थमाकर डकारी लाखों की किस्त

Bijapur News: बस्तर (Bastar) संभाग के बीजापुर जिले से प्रशासन की व्यवस्था और सरकारी योजनाओं में हो रही धांधली को उजागर करने वाला एक बड़ा मामला सामने आया है। यहां गरीबों के सपनों का आशियाना बनाने के लिए आई प्रधानमंत्री आवास योजना (PM Awas Yojana) की राशि में भारी भ्रष्टाचार किया गया है।

आरोप है कि पंचायत सचिव ने बैंक से मकान की किस्त के लाखों रुपये तो निकाल लिए, लेकिन गरीब ग्रामीणों के हाथ में सिर्फ 500-500 रुपये थमाकर उन्हें वापस भेज दिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए कांग्रेस (Congress) ने एक जांच दल का गठन किया है, जिसने गांव का दौरा कर जमीनी हकीकत जानी है।

खबर की मुख्य बातें (Bijapur News)

  • भ्रष्टाचार का मामला: बीजापुर के बोड़गा गांव में पीएम आवास योजना के नाम पर भारी धांधली।
  • सचिव पर आरोप: पंचायत सचिव कोमल निषाद ने हितग्राहियों की पहली और दूसरी किस्त निकाल ली।
  • मिले सिर्फ 500 रुपये: हितग्राहियों को मकान बनाकर देने का झांसा देकर मात्र 500 रुपये थमाए।
  • विधायक का एक्शन: विधायक विक्रम मंडावी ने 7 सदस्यीय जांच दल के साथ किया गांव का दौरा।

500 रुपये देकर कहा- “मकान बनाकर देंगे”

भ्रष्टाचार का यह पूरा मामला भैरमगढ़ जनपद पंचायत के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत इतामपार के आश्रित ग्राम बोड़गा का है। ग्रामीणों के मुताबिक, गांव में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 124 से अधिक मकान स्वीकृत हुए थे। इन मकानों के नाम पर पंचायत सचिव कोमल निषाद ने कथित तौर पर बैंक से प्रथम किस्त (30,000 रुपये) और दूसरी किस्त (55,000 रुपये) निकलवा ली। हैरानी की बात यह है कि सचिव ने हितग्राहियों को केवल 500-500 रुपये दिए और यह कहते हुए घर भेज दिया कि वह खुद उन्हें मकान बनाकर देंगे। लेकिन आज तक किसी भी ग्रामीण का मकान नहीं बन पाया है।

विधायक से शिकायत, CEO तक पहुंचा मामला

अपने हक का पैसा न मिलने और मकान न बनने से परेशान ग्रामीणों ने स्थानीय विधायक विक्रम मंडावी से मुलाकात कर अपनी आपबीती सुनाई। ग्रामीणों की इस शिकायत को बेहद गंभीरता से लेते हुए विधायक मंडावी गांववालों के साथ जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) नम्रता चौबे से मिले और उन्हें ग्रामीणों की दयनीय स्थिति से अवगत कराते हुए कार्रवाई की मांग की।

कांग्रेस ने बनाई 7 सदस्यीय जांच टीम, किया गांव का दौरा

इस धांधली को उजागर करने के लिए छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने तुरंत एक्शन लिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रदेश नेतृत्व ने विधायक विक्रम मंडावी की अध्यक्षता में 7 सदस्यीय जांच दल का गठन किया। इस जांच टीम ने 3 सितंबर को ग्राम बोड़गा पहुंचकर हितग्राहियों से सीधा संवाद किया और गांव में स्वीकृत मकानों की मौजूदा स्थिति का जमीनी जायजा लिया, जहां भ्रष्टाचार की परतें खुलकर सामने आईं।

“यह गरीब आदिवासियों के साथ बड़ा अन्याय है”

बीजापुर विधायक विक्रम मंडावी ने इस पूरे घोटाले को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा, “हर परिवार का सपना होता है कि उसका अपना पक्का मकान हो। लेकिन ग्राम बोड़गा के हितग्राहियों और ग्रामीणों से मुलाकात तथा मौका-मुआयना के बाद यह पूरी तरह स्पष्ट हो गया है कि प्रधानमंत्री आवास योजना में भारी भ्रष्टाचार हुआ है।”

विधायक ने प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए आगे कहा, “यह गरीब आदिवासियों के साथ किया गया बहुत बड़ा अन्याय है। यह क्षेत्र पहले पूरी तरह नक्सल प्रभावित था, वर्षों बाद पहली बार यहां कोई शासकीय कार्य हो रहा है और शासन-प्रशासन की पहुंच इन गांवों तक हो रही है। इसके बाद भी अगर ऐसे भ्रष्टाचार पर सख्त कार्रवाई नहीं होती है, तो यह अपने आप में बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।”

Related Articles

Back to top button