CG Cabinet Decision 2026: पूर्व अग्निवीरों के 36 आरक्षक पदों पर भर्ती, विभाग का नाम बदलेगा

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में रविवार को हुई मंत्रिपरिषद की बैठक (CG Cabinet Decision 2026) से राज्य के पुलिस भर्ती तंत्र और विभागीय कामकाज को लेकर दो ठोस फैसले सामने आए हैं। इसके साथ ही आदिम जाति विकास विभाग को नया नाम देने के लिए शासन कार्य आवंटन नियमों में संशोधन मंजूर किया गया है। दोनों निर्णयों का प्रशासनिक असर अलग-अलग होगा।
पूर्व अग्निवीरों की भर्ती में आज क्या मंजूरी मिली
मंत्रिपरिषद के निर्णय के अनुसार पूर्व अग्निवीर सैनिकों के लिए आरक्षक के कुल 36 पदों के संबंध में भर्ती की अनुमति दी गई है। सरकार ने पहले ही इन पदों पर पूर्व अग्निवीरों के लिए श्रेणीवार 10 प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था की थी। आज की अनुमति और पहले से स्वीकृत आरक्षण को एक ही घोषणा समझना ठीक नहीं होगा। भर्ती का अगला चरण विज्ञापन, पात्रता की शर्तों, आवेदन और चयन संबंधी औपचारिकताओं पर निर्भर करेगा। नौकरी मिलने की तारीख या आवेदन शुरू होने की कोई निश्चित सूचना इस निर्णय के साथ घोषित नहीं की गई है।
राज्य सेवाओं में पूर्व सैनिक अनुभव को किस तरीके से समायोजित किया जाए, यह लंबे समय से नीति का विषय रहा है। अग्निवीरों की सैन्य सेवा के दौरान मिला अनुशासन, शारीरिक प्रशिक्षण और सुरक्षा संबंधी अनुभव पुलिस के लिए उपयोगी माना जा सकता है। लेकिन प्रत्येक उम्मीदवार को अंतिम चयन के लिए लागू भर्ती नियमों का पालन करना होगा। इच्छुक अभ्यर्थियों को आधिकारिक भर्ती विज्ञापन का इंतजार करना चाहिए।
आदिम जाति विकास विभाग का नया नाम
कैबिनेट ने छत्तीसगढ़ शासन कार्य आवंटन नियम में संशोधन को सहमति देते हुए आदिम जाति विकास विभाग का नाम बदलकर जनजातीय कार्य विभाग करने का फैसला लिया है। यह विभाग प्रदेश के जनजातीय समुदायों से जुड़ी योजनाओं, छात्रावासों और प्रशासनिक व्यवस्थाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसके लिए अलग सरकारी आदेश और उस आदेश में लिखे प्रावधान ही निर्णायक होंगे।
नए नाम का उपयोग विभागीय पत्राचार, आदेश, वेबसाइट, कार्यालयीन पट्टिकाओं और भविष्य के दस्तावेजों में दिखाई दे सकता है। इस संबंध में पहले प्रकाशित छत्तीसगढ़ की डिजिटल सरकारी सेवाओं की जानकारी भी बताती है कि दस्तावेजों में सही विभागीय पहचान कितनी जरूरी होती है। नागरिकों को किसी नए फॉर्म या शुल्क की कल्पना करके परेशान होने की जरूरत नहीं है।
मंत्रिपरिषद ने एक अभिनंदन प्रस्ताव भी पारित किया
बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सरकार के मुखिया के रूप में 25 वर्ष पूर्ण होने पर अभिनंदन प्रस्ताव भी पारित किया गया। मुख्यमंत्री ने इसे केंद्र और राज्य के कामकाज से जोड़ते हुए विभिन्न योजनाओं की उपलब्धियों का विवरण प्रस्तुत किया। यह मंत्रिपरिषद का राजनीतिक और औपचारिक प्रस्ताव है। इसे पूर्व अग्निवीर भर्ती और विभाग का नाम बदलने जैसे लागू किए जाने वाले निर्णयों से अलग समझना चाहिए। सरकार द्वारा प्रस्तुत उपलब्धियों के आंकड़ों और भविष्य के निवेश संबंधी दावों की अलग-अलग दस्तावेजी पुष्टि जरूरी होती है।
कैबिनेट का फैसला और भर्ती आदेश अलग दस्तावेज होंगे
सरकारी नियुक्तियों में मंजूरी मिलने के बाद भी कई प्रशासनिक चरण शेष रहते हैं। पदों के रिक्त होने की स्थिति, श्रेणीवार आरक्षण का बंटवारा, आयु तथा अन्य शर्तें और चयन की विधि भर्ती अधिसूचना में सामने आती हैं। केवल बैठक की रिपोर्ट के आधार पर आवेदन करने या किसी एजेंट को पैसा देने जैसी कार्रवाई जोखिमभरी हो सकती है। अभ्यर्थी मंत्रिपरिषद के आज के निर्णय का विवरण पढ़ सकते हैं, लेकिन आवेदन का आधार अधिकृत विज्ञापन ही होना चाहिए।
जनजातीय योजनाओं के हितग्राहियों पर क्या प्रभाव पड़ेगा
छत्तीसगढ़ में जनजातीय कल्याण की गतिविधियां शिक्षा, आवासीय विद्यालय, छात्रावास और स्थानीय प्रशासन के माध्यम से चलती हैं। विभाग का नाम बदलने के बाद पहले से चल रही सुविधाओं को लेकर सबसे अहम सवाल निरंतरता का होगा। किसी छात्रवृत्ति की राशि या छात्रावास प्रवेश की शर्त में संशोधन की जानकारी आज के नाम परिवर्तन के फैसले से नहीं मिलती। हितग्राही पूर्ववत निर्धारित संस्थान से संपर्क कर सकते हैं। सरकार की छत्तीसगढ़ की नीतिगत खबरों पर नजर रखने से आगे जारी होने वाले आदेशों की जानकारी मिल सकेगी।
फिलहाल बैठक की जानकारी में दो स्पष्ट प्रशासनिक बिंदु हैं। पहला, पुलिस आरक्षक की 36 उपलब्ध रिक्तियों पर पूर्व अग्निवीरों की भर्ती का रास्ता खोलने की अनुमति। दूसरा, आदिम जाति विकास विभाग को जनजातीय कार्य विभाग कहने के लिए कार्य आवंटन नियम बदलना। विस्तृत भर्ती कार्यक्रम, नाम परिवर्तन लागू होने की तारीख और संबंधित नियमों का पूरा पाठ अलग आदेशों में मिलेगा। इन्हें जारी होने से पहले निश्चित बताने से अभ्यर्थियों और हितग्राहियों में अनावश्यक भ्रम फैल सकता है।
आगे किन सूचनाओं पर नजर रखें
आगामी दिनों में आरक्षक भर्ती के लिए पदवार अधिसूचना और संशोधित कार्य आवंटन नियम प्रकाशित होने पर ही वास्तविक क्रियान्वयन की तस्वीर साफ होगी। आवेदकों के लिए आवेदन की अंतिम तारीख, आवश्यक प्रमाणपत्र, शारीरिक मानदंड तथा चयन प्रक्रिया महत्वपूर्ण होगी। दूसरी ओर विभागीय योजनाओं के लाभार्थियों के लिए पुरानी और नई विभागीय पहचान की स्वीकार्यता अहम प्रश्न रहेगा। मंगलवार या किसी अन्य दिन आदेश जारी होने की कोई निश्चित बात सामने नहीं आई है। सरकार के लिखित दस्तावेज आने तक इसी सीमा में आज के फैसले को पढ़ा जाना चाहिए।






