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Home Loan: बड़ा घर और भारी-भरकम लोन बिगाड़ सकता है जिंदगी! घर खरीदने से पहले जान लें बैंक का ये ‘कड़वा सच’

Home Loan: अपना घर खरीदना लगभग हर भारतीय का सबसे बड़ा सपना होता है। इस सपने को साकार करने के लिए लाखों लोग होम लोन (Home Loan) का सहारा लेते हैं। लेकिन कई बार एक बड़े घर की चाहत और बैंक से भारी-भरकम लोन लेने का फैसला आने वाले 20 से 30 सालों तक आपकी पूरी जिंदगी पर भारी असर डाल सकता है। लोग अक्सर सिर्फ यह देखते हैं कि उनकी मंथली ईएमआई (EMI) कितनी बनेगी, लेकिन वह इस बात को नजरअंदाज कर देते हैं कि पूरी अवधि में उन्हें बैंक को मूल रकम का कितना गुना पैसा लौटाना होगा।

खबर की मुख्य बातें (Highlights)

  • ढाई गुना चुकाना पड़ता है पैसा: 50 लाख के होम लोन पर 20-30 साल में बैंक को करीब 1.25 करोड़ रुपये चुकाने पड़ सकते हैं।
  • बदल जाती है लाइफस्टाइल: बड़ी ईएमआई के कारण छुट्टियां, शौक, बच्चों की एक्स्ट्रा एक्टिविटीज और SIP सब रोकने पड़ जाते हैं।
  • करियर पर असर: हर महीने ईएमआई भरने के दबाव में लोग बेहतर नौकरी या खुद का बिजनेस शुरू करने का रिस्क नहीं ले पाते।
  • 30-35% का नियम: वित्तीय विशेषज्ञों के अनुसार, आपकी होम लोन ईएमआई आपकी मंथली इनकम के 30-35% से ज्यादा नहीं होनी चाहिए।

लोन का ढाई गुना तक क्यों चुकाना पड़ सकता है?

अगर कोई व्यक्ति 50 लाख रुपये का होम लोन 20 से 30 साल की लंबी अवधि के लिए लेता है, तो ब्याज दर (Interest Rate) के आधार पर उसे बैंक को कुल 1.10 करोड़ से 1.35 करोड़ रुपये तक वापस चुकाने पड़ सकते हैं। इसका सीधा मतलब है कि कई मामलों में मूल लोन अमाउंट की तुलना में बैंक को लगभग ढाई गुना रकम लौटानी पड़ती है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि लंबी अवधि तक मूलधन के साथ लगातार ब्याज जुड़ता रहता है। इसीलिए कम ईएमआई देखकर बहुत बड़ा लोन लेना हमेशा समझदारी नहीं होती है।

सिर्फ ईएमआई नहीं, बदल जाती है पूरी जिंदगी!

बड़ा होम लोन लेने के बाद हर महीने एक तय तारीख पर ईएमआई भरना अनिवार्य हो जाता है। इसका सीधा असर आपकी लाइफस्टाइल पर पड़ता है:

  • खर्चों में कटौती: बाहर घूमना, रेस्तरां में खाना या दूसरे शौक कम करने पड़ते हैं।
  • निवेश पर ब्रेक: ईएमआई के बोझ के चलते कई लोगों को अपनी SIP, म्यूचुअल फंड्स या रिटायरमेंट सेविंग्स रोकनी पड़ जाती है, जिससे भविष्य का बड़ा फंड तैयार नहीं हो पाता।
  • करियर में रिस्क लेने से डर: बड़ी ईएमआई सिर्फ जेब पर नहीं, बल्कि करियर पर भी ब्रेक लगाती है। लोग अच्छी अपॉर्चुनिटी मिलने के बावजूद नौकरी बदलने या ब्रेक लेने का रिस्क नहीं ले पाते।

बैंक जितना लोन दे, क्या उतना लेना जरूरी है?

बैंक केवल आपकी मौजूदा इनकम के आधार पर लोन की लिमिट तय करता है, वह आपकी पूरी जिंदगी की पारिवारिक या मेडिकल जिम्मेदारियों का आकलन नहीं करता। इसलिए, सिर्फ बैंक देने को तैयार है, इस वजह से अपनी क्षमता से ज्यादा कर्ज नहीं लेना चाहिए। हमेशा कोशिश करें कि होम लोन की ईएमआई आपकी इन-हैंड मंथली इनकम का केवल 30-35 फीसदी ही हो।

घर खरीदते समय इन जरूरी बातों का रखें ध्यान

  • जरूरत के हिसाब से चुनें: घर अपनी जरूरत के हिसाब से खरीदें। सिर्फ बड़े घर के दिखावे या आकर्षण में आकर अपना बजट न बिगाड़ें।
  • डाउन पेमेंट ज्यादा रखें: आप जितना ज्यादा डाउन पेमेंट करेंगे, लोन उतना ही कम लेना पड़ेगा और लंबी अवधि में ब्याज का बोझ भी उतना ही कम होगा।
  • हिडन खर्चों को न भूलें: बजट बनाते समय स्टाम्प ड्यूटी, रजिस्ट्रेशन, इंटीरियर, मेंटेनेंस और प्रॉपर्टी टैक्स जैसे अतिरिक्त खर्चों को भी जरूर शामिल करें।
  • इमरजेंसी फंड तैयार रखें: होम लोन लेने से पहले कम से कम 6 से 12 महीने की ईएमआई और घर खर्च के बराबर का एक इमरजेंसी फंड जरूर बना लें, ताकि नौकरी जाने या मेडिकल इमरजेंसी में दिक्कत न हो।

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