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Prisoners Wage Hike: जेल में काम करने वाले कैदियों की मजदूरी में होगा 3 गुना इजाफा; 70 से बढ़कर 225 रुपए होगी दिहाड़ी

State News: राज्य की जेलों में सजा काट रहे और काम करने वाले कैदियों (सजायाफ्ता) के लिए एक अच्छी खबर है। जेलों में काम करने वाले कैदियों को जल्द ही पहले के मुकाबले कहीं अधिक पारिश्रमिक (मजदूरी) मिल सकता है।

लंबे समय से कैदियों की मजदूरी (Prisoners Wage Hike) में संशोधन नहीं हुआ था। इसे ध्यान में रखते हुए जेल मुख्यालय ने मौजूदा मजदूरी व्यवस्था में बड़े बदलाव का प्रस्ताव तैयार कर राज्य शासन को भेज दिया है। शासन से मंजूरी मिलते ही नई दरें लागू कर दी जाएंगी।

खबर की मुख्य बातें (Prisoners Wage Hike)

  • बड़ा इजाफा: कुशल कैदियों की दिहाड़ी 70 रुपए से बढ़ाकर 225 रुपए करने का प्रस्ताव है।
  • कितनों को फायदा: इस फैसले से प्रदेश की 33 जेलों में बंद करीब 7,000 सजायाफ्ता कैदियों को सीधा लाभ मिलेगा।
  • नई कैटेगरी: मजदूरी व्यवस्था में पहली बार ‘अर्धकुशल’ (Semi-skilled) श्रेणी को भी शामिल किया गया है।
  • बदलाव का मकसद: रिहाई के बाद कैदियों के पास सम्मानजनक राशि हो, ताकि वे नई जिंदगी शुरू कर सकें।

कितनी मिलेगी नई मजदूरी? (वर्तमान vs प्रस्तावित दरें)

वर्तमान में जेलों में काम करने वाले कुशल कैदियों को महज 70 रुपये और अकुशल कैदियों को 60 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से भुगतान किया जाता है। नए प्रस्ताव के तहत इसे तीन गुना तक बढ़ाया जा रहा है:

कैदियों की श्रेणी (Category)वर्तमान मजदूरी (Old Rate)प्रस्तावित मजदूरी (New Rate)
कुशल (Skilled)70 रुपये प्रतिदिन225 रुपये प्रतिदिन
अकुशल (Unskilled)60 रुपये प्रतिदिन200 रुपये प्रतिदिन
अर्धकुशल (Semi-skilled)(पहले यह श्रेणी नहीं थी)150 रुपये प्रतिदिन

पहली बार ‘अर्धकुशल’ श्रेणी भी की गई शामिल

Prisoners Wage Hike: जेल मुख्यालय द्वारा भेजे गए इस नए प्रस्ताव में पहली बार ‘अर्धकुशल’ (Semi-skilled) श्रेणी को जगह दी गई है। इसके पीछे मुख्य उद्देश्य यह है कि विभिन्न प्रकार के कार्य करने वाले कैदियों को उनकी वास्तविक ‘दक्षता’ (Skill) के अनुरूप सही भुगतान किया जा सके।

इस नई व्यवस्था से कैदियों में कौशल विकास (Skill Development) और उत्पादक कार्यों के प्रति रुचि बढ़ेगी। साथ ही, जेलों के अंदर संचालित होने वाली विभिन्न उत्पादन इकाइयों (फैक्ट्रियों/हथकरघा) को भी प्रोत्साहन मिलेगा।

रिहाई के बाद मिलेगी ‘सम्मानजनक राशि’, बनेंगे आत्मनिर्भर

जेल मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि इस Prisoners Wage Hike प्रस्ताव का उद्देश्य केवल कैदियों की मजदूरी बढ़ाना नहीं है, बल्कि उनके ‘पुनर्वास’ (Rehabilitation) को मजबूत करना भी है।

जब कैदी अपनी सजा पूरी कर जेल से रिहा होंगे, तो उनके बैंक खाते में एक सम्मानजनक राशि जमा होगी। इस जमा-पूंजी की मदद से वे समाज की मुख्यधारा में लौटकर अपने सामान्य जीवन की शुरुआत आसानी से कर सकेंगे। इससे कैदियों के भीतर आत्मनिर्भर बनने की भावना भी विकसित होगी और वे दोबारा अपराध की दुनिया में जाने से बचेंगे।

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