Bhupesh Baghel Deepfake Video Case: भूपेश बघेल डीपफेक वीडियो विवाद, क्या आज शाम 5 बजे थम जाएगा कांग्रेस का गुस्सा?

छत्तीसगढ़ की राजनीति में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई के गलत इस्तेमाल ने एक बड़ा सियासी तूफान खड़ा कर दिया है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का एक फर्जी वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद से कांग्रेस कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। दरअसल यह मामला अब केवल इंटरनेट तक सीमित नहीं रह गया है बल्कि सड़कों पर बड़े आंदोलन की शक्ल ले चुका है।
कांग्रेस की 5 बजे की डेडलाइन और उग्र आंदोलन की चेतावनी
कांग्रेस के तीनों जिला संगठनों ने एकजुट होकर इस मुद्दे पर पुलिस प्रशासन को घेर लिया है। इसके अलावा कार्यकर्ताओं ने दुर्ग जिले के लगभग सभी थानों में लिखित शिकायत दर्ज कराते हुए आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है। हालांकि पुलिस के लिए यह चुनौती बड़ी है क्योंकि डिजिटल साक्ष्यों को ट्रैक करने में समय लगता है। परिणामस्वरूप कांग्रेस ने अब 28 अप्रैल की शाम 5 बजे तक का अल्टीमेटम दे दिया है।
इस विरोध प्रदर्शन की मुख्य मांगें निम्नलिखित हैं:
- विवादित सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर तत्काल प्रतिबंध लगाया जाए।
- वीडियो बनाने और वायरल करने वाले मास्टरमाइंड पर एफआईआर दर्ज हो।
- आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का दुरुपयोग करने वाले तकनीकी अपराधियों को सलाखों के पीछे भेजा जाए।
महिला आयोग की सक्रियता और एसएसपी को सख्त निर्देश
राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष किरणमयी नायक ने इस पूरे प्रकरण पर स्वतः संज्ञान लेकर मामले को और भी गंभीर बना दिया है। उन्होंने इस कृत्य को एक सार्वजनिक व्यक्तित्व की छवि खराब करने की गहरी साजिश करार दिया है। दरअसल आयोग ने दुर्ग एसएसपी विजय अग्रवाल को पत्र लिखकर निर्देश दिए हैं कि इस संवेदनशील मामले में बिना देरी किए कानूनी कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।
राकेश ठाकुर, धीरज बाकलीवाल और मुकेश चंद्राकर के संयुक्त नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ता अब आर-पार की लड़ाई के मूड में नजर आ रहे हैं। यदि आज शाम तक संतोषजनक कार्रवाई नहीं हुई तो यह विरोध प्रदर्शन पूरे प्रदेश में फैल सकता है। अब सबकी नजरें पुलिस विभाग के अगले कदम और शाम 5 बजे की समयसीमा पर टिकी हुई हैं।



