Lucknow Crime News: रिटायर ट्रेजरी अफसर को 27 दिन ‘डिजिटल अरेस्ट’ कर 84.50 लाख की ठगी

Lucknow Digital Arrest Scam:उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ (Lucknow) में साइबर अपराधियों का दुस्साहस बढ़ता जा रहा है। ताजा मामला जानकीपुरम इलाके का है, जहां जालसाजों ने एक 85 वर्षीय रिटायर्ड ट्रेजरी अधिकारी को ‘डिजिटल अरेस्ट’ (Digital Arrest) के जाल में फंसाकर उनसे 84.50 लाख रुपये की मोटी रकम वसूल ली। ठगों ने बुजुर्ग को इस कदर डरा दिया कि वे 27 दिनों तक अपने ही घर में किसी बंधक की तरह रहने को मजबूर हो गए। पुलिस ने अब इस मामले में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
27 दिनों तक खौफ के साये में रहे बुजुर्ग
पीड़ित बदरुद्दीन (85 वर्ष) लखनऊ के जानकीपुरम सेक्टर G के निवासी हैं और ट्रेजरी विभाग से सेवानिवृत्त हैं।
- ठगी की शुरुआत 7 मार्च 2026 को हुई, जब उनके पास व्हाट्सएप (WhatsApp) पर एक वीडियो कॉल आई।
- फोन करने वाले ने खुद को लखनऊ पुलिस मुख्यालय का सीनियर इंस्पेक्टर प्रमोद कुमार मिश्रा बताया।
- जालसाजों ने उन्हें डराया कि पुणे में उनके नाम से एक मनी लॉन्ड्रिंग (Money Laundering) का केस दर्ज हुआ है।
- डराने के लिए ठगों ने व्हाट्सएप पर कोर्ट के फर्जी अरेस्ट वारंट भी भेजे।
- बुजुर्ग को कहा गया कि उन पर 24 घंटे ‘डिजिटल सर्विलांस’ से नजर रखी जा रही है और अगर उन्होंने किसी को बताया तो उन्हें तुरंत जेल भेज दिया जाएगा।
4 किस्तों में ट्रांसफर कराए 84.50 लाख रुपये
खौफजदा बुजुर्ग को 4 अप्रैल 2026 तक डिजिटल अरेस्ट रखा गया। इस दौरान ठगों ने जांच के नाम पर उनके बैंक खातों की जानकारी ली।
- जालसाजों ने तफ्तीश पूरी होने के बाद पैसा वापस करने का वादा किया।
- झांसे में आकर बुजुर्ग ने 4 अलग-अलग किस्तों में कुल 84.50 लाख रुपये ठगों के बताए खातों में ट्रांसफर कर दिए।
- जब ठगों की मांग और बढ़ने लगी, तब बुजुर्ग को शक हुआ। उन्होंने फोन काटकर अपने रिश्तेदारों को आपबीती सुनाई, तब जाकर खुलासा हुआ कि वे एक बड़े साइबर फ्रॉड (Cyber Fraud) का शिकार हो चुके हैं।
पुलिस की कार्रवाई: 27 लाख रुपये कराए गए फ्रीज
मामले की गंभीरता को देखते हुए साइबर क्राइम थाने की पुलिस ने तत्काल जांच शुरू की।
पुलिस अब सर्विलांस की मदद से इस गिरोह के मास्टरमाइंड और अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है।
इंस्पेक्टर बृजेश कुमार यादव के नेतृत्व में पुलिस टीम ने जालसाजों के 4 बैंक खातों को चिन्हित किया।
पुलिस ने सक्रियता दिखाते हुए इन खातों में मौजूद 27 लाख रुपये को फ्रीज (Freeze) करा दिया है।
जांच में पता चला है कि पैसे ज्वेलिन इंटरप्राइजेज, विशाल मेघवात, अभिजीत भौमिक और फरहान के नाम से संचालित खातों में भेजे गए थे।



