chhattisgarh police in guwahati: रिश्वत लेते गिरफ्तार, साइबर ठगी जांच में बड़ा खुलासा

क्या आपने कभी सोचा है कि जिन पुलिस वालों पर हम साइबर ठगी से बचाने का भरोसा करते हैं, वही अगर खुद भ्रष्ट हो जाएं तो क्या होगा। दरअसल ऐसा ही एक बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है जहाँ साइबर क्राइम की जांच करने गई पुलिस टीम ही कटघरे में खड़ी हो गई है। यह पूरी घटना पुलिस महकमे की कार्यप्रणाली पर कई गंभीर सवाल खड़े करती है।
रायपुर से गुवाहाटी तक का सफर और गिरफ्तारी
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से पुलिस की एक विशेष टीम साइबर ठगी के एक जटिल मामले की जांच के लिए निकली थी। इस टीम में कुल चार सदस्य शामिल थे जिनमें एक इंस्पेक्टर, एक हेड कॉन्स्टेबल और दो कॉन्स्टेबल थे। शुरुआत में सब कुछ एक सामान्य पुलिस कार्रवाई की तरह लग रहा था। टीम ने अपनी जांच के दौरान अलग-अलग राज्यों की खाक छानी। इसके परिणामस्वरूप सबसे पहले उन्होंने बिहार में एक आरोपी को दबोचा और फिर अपनी जांच के तार जोड़ते हुए असम के गुवाहाटी जा पहुंचे। गुवाहाटी में उन्होंने तीन और संदिग्धों को हिरासत में लिया।
हालांकि मामला तब पूरी तरह पलट गया जब हिरासत में लिए गए लोगों ने ही पुलिस पर सनसनीखेज आरोप लगा दिए। दिसपुर पुलिस स्टेशन में दो आरोपियों ने जाकर शिकायत दर्ज कराई कि छत्तीसगढ़ पुलिस की इस टीम ने उन्हें छोड़ने के एवज में रिश्वत ली है। शिकायत में यह भी दावा किया गया कि पुलिस ने उनके एक साथी को तब तक अवैध रूप से हिरासत में रखा जब तक कि मांगी गई घूस की पूरी रकम उन तक नहीं पहुंच गई।
दिसपुर थाने में मामला दर्ज और आगे की कार्रवाई
इस गंभीर आरोप के बाद गुवाहाटी पुलिस तुरंत हरकत में आ गई। नतीजतन छत्तीसगढ़ पुलिस के इन चारों जवानों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता यानी बीएनएस की संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर ली गई है। मंगलवार की देर रात इन सभी को दिसपुर थाने लाया गया जहाँ इनसे लंबी पूछताछ की गई। पुलिस के आला अधिकारी इस पूरे मामले की बहुत बारीकी से जांच कर रहे हैं।
इसके अलावा पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक शुरुआती पूछताछ के बाद आरोपी पुलिसकर्मियों को नोटिस देकर छोड़ दिया गया है। ऐसा इसलिए किया गया क्योंकि उन पर लगाई गई धाराएं जमानती अपराध की श्रेणी में आती हैं। हालांकि पुलिस का कहना है कि जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ेगी उन्हें पूछताछ के लिए दोबारा तलब किया जाएगा। इस पूरे मामले की एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर अदालत में पेश की जाएगी। इसके साथ ही अब छत्तीसगढ़ पुलिस भी अपने इन दागी जवानों पर विभागीय कार्रवाई करने की तैयारी कर रही है।



