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Home Loan Rate Hike: SBI से PNB तक 6 सरकारी बैंकों ने बढ़ाईं कर्ज दरें, घर खरीदारों की EMI पर असर

नई दिल्ली। Home Loan Rate Hike की खबर उन लाखों परिवारों के लिए अहम है, जो हर महीने घर की किस्त चुका रहे हैं या नया घर खरीदने की सोच रहे हैं। भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति ने अक्टूबर 2026 में रेपो रेट 0.25 प्रतिशत बढ़ाकर 5.50 प्रतिशत कर दिया था। इसके बाद अब देश के 6 बड़े सरकारी बैंकों ने अपनी कर्ज दरें बढ़ा दी हैं।

जिन बैंकों ने दरें बदली हैं, उनमें भारतीय स्टेट बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, बैंक ऑफ इंडिया, इंडियन बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा और केनरा बैंक शामिल हैं। रेपो रेट से जुड़े होम लोन लेने वाले ग्राहकों पर इसका सीधा असर पड़ेगा।

SBI की नई दरें 15 अक्टूबर से लागू

देश के सबसे बड़े बैंक SBI ने 15 अक्टूबर 2026 से अपनी बाहरी मानक से जुड़ी कर्ज दर यानी EBLR को 7.90 प्रतिशत से बढ़ाकर 8.15 प्रतिशत कर दिया है। रेपो दर से जुड़ी कर्ज दर यानी RLLR अब 7.50 प्रतिशत से बढ़कर 7.75 प्रतिशत हो गई है। SBI की शुरुआती होम लोन दर 7.25 प्रतिशत बताई गई है। किसी ग्राहक को असल में किस दर पर कर्ज मिलेगा, यह उसकी पात्रता, क्रेडिट स्कोर और लोन की शर्तों पर तय होगा।

PNB और बैंक ऑफ इंडिया ने भी बढ़ाई दरें

पंजाब नेशनल बैंक ने 8 अक्टूबर से अपनी रेपो से जुड़ी कर्ज दर 8.10 से बढ़ाकर 8.35 प्रतिशत कर दी है। यहां शुरुआती होम लोन दर 7.45 प्रतिशत है। बैंक ऑफ इंडिया ने 7 अक्टूबर से यही दर 8.10 से बढ़ाकर 8.35 प्रतिशत की है। इस बैंक में होम लोन की शुरुआत 7.35 प्रतिशत से होती है।

इंडियन बैंक, BOB और केनरा बैंक की नई दरें

इंडियन बैंक ने अपनी रेपो आधारित कर्ज दर 7.95 से बढ़ाकर 8.20 प्रतिशत कर दी है। उसकी शुरुआती होम लोन दर 7.15 प्रतिशत है, जो इन 6 बैंकों में सबसे कम है। बैंक ऑफ बड़ौदा ने 8 अक्टूबर से अपनी मानक खुदरा कर्ज दर संशोधित कर 8.15 प्रतिशत कर दी है। यहां होम लोन 7.20 प्रतिशत से शुरू होता है। केनरा बैंक ने 9 अक्टूबर से अपनी RLLR 8.25 प्रतिशत कर दी है और उसकी शुरुआती होम लोन दर 7.40 प्रतिशत है।

Home Loan Rate Hike से कितनी बढ़ेगी आपकी EMI

अगर आपका होम लोन रेपो दर से जुड़ा है, तो बैंक की दर बढ़ते ही या तो आपकी किस्त बढ़ेगी या फिर कर्ज चुकाने की अवधि लंबी हो जाएगी। ज्यादातर बैंक पहले अवधि बढ़ाते हैं, ताकि ग्राहक की मासिक किस्त पर तुरंत बोझ न पड़े। लेकिन इसका मतलब है कि आप कुल मिलाकर ज्यादा ब्याज चुकाएंगे।

एक मोटा हिसाब समझिए। मान लीजिए किसी ने 30 लाख रुपये का होम लोन 20 साल के लिए 7.50 प्रतिशत पर लिया है। तब उसकी मासिक किस्त करीब 24,168 रुपये बनती है। दर 0.25 प्रतिशत बढ़कर 7.75 प्रतिशत होने पर यही किस्त करीब 24,628 रुपये हो जाएगी। यानी हर महीने लगभग 460 रुपये ज्यादा और पूरी अवधि में करीब 1 लाख 10 हजार रुपये अतिरिक्त। यह गणना सिर्फ समझाने के लिए है, असल रकम बची हुई अवधि और बैंक की शर्तों पर निर्भर करेगी।

नया लोन लेने वाले किन बातों का ध्यान रखें

  • सिर्फ शुरुआती ब्याज दर देखकर बैंक न चुनें, प्रोसेसिंग फीस और दूसरे शुल्क भी जोड़ें।
  • दर बदलने की शर्तें, यानी रीसेट पीरियड, जरूर पढ़ें।
  • अच्छा क्रेडिट स्कोर होने पर कम दर के लिए बैंक से मोलभाव किया जा सकता है।
  • मौजूदा ग्राहक चाहें तो अवधि की जगह किस्त बढ़वा सकते हैं, इससे कुल ब्याज कम होता है।
  • कम से कम 3 बैंकों से लिखित ऑफर लेकर तुलना करें।

रेपो रेट बढ़ने का बड़ा असर

रेपो रेट वह दर है, जिस पर रिजर्व बैंक बैंकों को कर्ज देता है। इसके बढ़ने पर बैंकों के लिए पैसा महंगा होता है और वे यह बोझ ग्राहकों पर डालते हैं। होम लोन के अलावा कार लोन और पर्सनल लोन की दरें भी आने वाले दिनों में बढ़ सकती हैं। रेपो रेट और मौद्रिक नीति से जुड़ी आधिकारिक जानकारी भारतीय रिजर्व बैंक की वेबसाइट पर उपलब्ध है।

Home Loan Rate Hike के बीच शेयर बाजार और कारोबार जगत की हलचल भी जानना जरूरी है। पढ़ें शेयर बाजार की ताजा हलचल और कारोबार से जुड़ी सभी खबरें जनदखल टेक और बिजनेस सेक्शन में।

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