Fake WhatsApp App: गूगल प्ले स्टोर पर असली जैसा दिखने वाला नकली व्हाट्सएप, लाखों लोग कर चुके डाउनलोड

नई दिल्ली। Fake WhatsApp App को लेकर एंड्रॉयड फोन चलाने वालों के लिए एक जरूरी चेतावनी सामने आई है। गूगल प्ले स्टोर पर व्हाट्सएप के नाम और आइकन से मिलता-जुलता एक संदिग्ध ऐप मिला है। दावा है कि इसे 5 लाख से ज्यादा बार डाउनलोड किया जा चुका है। पहली नजर में यह असली व्हाट्सएप जैसा ही दिखता है, इसलिए आम यूजर आसानी से धोखा खा सकता है।
टेक वेबसाइट Android Authority की रिपोर्ट के मुताबिक, इस डुप्लीकेट ऐप पर सबसे पहले Reddit के एक यूजर की नजर पड़ी, जिसने इसकी जानकारी सबके साथ साझा की। इसके बाद यह मामला चर्चा में आया।
असली व्हाट्सएप की हूबहू नकल वाली लिस्टिंग
रिपोर्ट के अनुसार इस ऐप का साइज करीब 42MB है। इसकी लिस्टिंग में असली व्हाट्सएप के विवरण से मिलता-जुलता टेक्स्ट लगाया गया है। कुछ शब्दों, स्पेसिंग और वाक्यों में मामूली बदलाव किए गए हैं, ताकि यह असली जैसा लगे। लेकिन असली ऐप की लिस्टिंग में मौजूद कई जरूरी सेक्शन और लिंक इसमें गायब हैं।
इसकी लिस्टिंग में व्हाट्सएप जैसे दिखने वाले स्क्रीनशॉट और प्रचार की तस्वीरें भी लगाई गई थीं। एक ही तस्वीर को 2 बार दिखाया गया था, जो किसी भी आधिकारिक ऐप में आमतौर पर नहीं होता।
Fake WhatsApp App की पहचान डेवलपर के नाम से करें
असली और नकली ऐप के बीच सबसे बड़ा फर्क डेवलपर के नाम का है। असली व्हाट्सएप मैसेंजर का डेवलपर WhatsApp LLC है। वहीं इस संदिग्ध ऐप का डेवलपर Agment Assets sallu नाम से दर्ज बताया गया है। यानी अगर आप केवल नाम और हरे रंग का लोगो देखकर ऐप इंस्टॉल कर रहे हैं, तो खतरा उठा रहे हैं।
स्पॉन्सर्ड लिस्टिंग से पहुंचाया गया यूजर्स तक
Reddit पर साझा स्क्रीनशॉट में यह ऐप Sponsored यानी प्रायोजित सुझाव के रूप में दिख रहा था। इसका मतलब है कि इसे विज्ञापन के सहारे लोगों तक पहुंचाने की कोशिश हुई। रिपोर्ट में दावा है कि यह ऐप सितंबर में प्रकाशित हुआ था और प्ले स्टोर के अर्ली एक्सेस सिस्टम का इस्तेमाल कर रहा हो सकता है।
क्या नकली ऐप आपका डेटा चुरा सकता है
इस ऐप के Data safety सेक्शन में डेवलपर ने लिखा था कि ऐप कोई डेटा इकट्ठा नहीं करता और न ही किसी तीसरे पक्ष से साझा करता है। लेकिन साइबर सुरक्षा के लिहाज से सिर्फ इस दावे पर भरोसा नहीं किया जा सकता। अभी तक इस खास ऐप से डेटा चोरी की पुष्टि सामने नहीं आई है, फिर भी किसी भी संदिग्ध ऐप को फोन में रखना निजी जानकारी, लॉगिन विवरण और बैंकिंग ऐप्स की सुरक्षा के लिए जोखिम है।
असली व्हाट्सएप डाउनलोड करते समय ये सावधानी रखें
- प्ले स्टोर पर डेवलपर का नाम WhatsApp LLC जरूर जांचें।
- सिर्फ नाम, लोगो या आइकन देखकर ऐप इंस्टॉल न करें।
- Sponsored लिखी लिस्टिंग पर क्लिक करने से पहले दोबारा जांच लें।
- किसी अनजान वेबसाइट या मैसेज में आए लिंक से APK फाइल डाउनलोड न करें।
- फोन में संदिग्ध ऐप दिखे तो उसे तुरंत अनइंस्टॉल करें और आधिकारिक ऐप डालें।
- संदिग्ध ऐप में पासवर्ड या OTP डाला हो तो उससे जुड़े खाते का पासवर्ड बदल लें।
असली व्हाट्सएप की आधिकारिक लिस्टिंग आप गूगल प्ले स्टोर पर WhatsApp Messenger के इस लिंक से सीधे खोल सकते हैं। अगर किसी फर्जी ऐप या लिंक से पैसों की ठगी हो जाए, तो तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें।
छोटे शहरों के यूजर सबसे ज्यादा निशाने पर
साइबर ठगी के मामलों में देखा गया है कि नकली ऐप और फर्जी लिंक का शिकार सबसे ज्यादा वे लोग होते हैं, जो जल्दबाजी में ऐप डाउनलोड करते हैं। छत्तीसगढ़ समेत देश के छोटे शहरों और कस्बों में स्मार्टफोन तेजी से बढ़े हैं, लेकिन डिजिटल सुरक्षा की जानकारी अब भी कम है। परिवार के बुजुर्गों और बच्चों के फोन में कौन से ऐप हैं, इसकी जांच भी जरूरी है।
फोन में ऐसे जांचें कि ऐप असली है या नहीं
अगर आपके फोन में पहले से व्हाट्सएप है और आप जानना चाहते हैं कि वह असली है या नहीं, तो प्ले स्टोर खोलें और व्हाट्सएप पेज पर जाकर डेवलपर का नाम देखें। ऐप की सेटिंग में जाकर Help और फिर App info में भी वर्जन की जानकारी मिलती है। अगर फोन में एक ही नाम के 2 ऐप दिख रहे हैं, तो यह खतरे का संकेत है। संदिग्ध ऐप को हटाने के बाद फोन की सेटिंग में जाकर यह भी देखें कि किसी अनजान ऐप को SMS, कॉन्टैक्ट या नोटिफिकेशन पढ़ने की अनुमति तो नहीं मिली है। गूगल प्ले प्रोटेक्ट को चालू रखना भी जरूरी है, जो खतरनाक ऐप्स की पहचान में मदद करता है।
Fake WhatsApp App का यह मामला याद दिलाता है कि प्ले स्टोर पर मौजूद हर ऐप सुरक्षित हो, यह जरूरी नहीं। मोबाइल से जुड़े नए नियमों के बारे में पढ़ें CNAP Rule 2026 से जुड़ा बदलाव और सैटेलाइट इंटरनेट पर चल रही बहस रिलायंस और स्टारलिंक विवाद में।






