Strait of Hormuz conflict: अमेरिका-ईरान में फिर छिड़ी जंग; साइप्रस के जहाज पर अटैक के बाद US ने 140 ईरानी ठिकानों को उड़ाया, होर्मुज स्ट्रेट अनिश्चितकाल के लिए बंद

International News: पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में एक बार फिर से युद्ध के बादल गहरे हो गए हैं। अमेरिका और ईरान (Strait of Hormuz conflict) के बीच 60 दिनों का सीजफायर खत्म होने के बाद दोनों देश युद्ध के मुहाने पर खड़े हैं।
शनिवार देर रात अमेरिका ने ईरान पर साइप्रस के झंडे वाले एक कमर्शियल जहाज पर हमला करने का आरोप लगाया। इसके जवाब में अमेरिका (US) ने ईरान के लगभग 140 ठिकानों पर ताबड़तोड़ मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं। इस बड़े एक्शन के बाद ईरान ने भी पलटवार करते हुए कुवैत, बहरीन समेत मिडिल ईस्ट में मौजूद अमेरिकी ठिकानों पर हमले शुरू कर दिए हैं।
खबर की मुख्य बातें (Highlights)
- जहाज पर हमला: ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट से गुजर रहे साइप्रस के जहाज पर क्रूज मिसाइल दागी, एक क्रू मेंबर लापता।
- अमेरिका का एक्शन: सेंटकॉम ने जवाब में ईरान के 140 ठिकानों को निशाना बनाया; बुशहर और जस्क में धमाके।
- ईरान का पलटवार: कुवैत और बहरीन में मौजूद अमेरिकी लॉजिस्टिक्स बेस पर हमला।
- बड़ा खतरा: ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट को अनिश्चितकाल के लिए बंद किया, वैश्विक ऊर्जा संकट गहराने की आशंका।
कैसे शुरू हुआ पूरा विवाद?
अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, विवाद की शुरुआत तब हुई जब ईरान ने होर्मुज से गुजर रहे एक जहाज पर क्रूज मिसाइल से हमला कर दिया। इस हमले में जहाज के इंजन रूम में आग लग गई।
ईरानी सरकारी मीडिया ने भी इस हमले की बात स्वीकारी है। ‘इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स’ (IRGC) का कहना है कि उन्होंने जहाज को रोकने की कोशिश की थी, लेकिन उसने अपना ट्रांसपोंडर बंद कर लिया और भागने लगा। फायरिंग के बावजूद जब वह नहीं रुका, तब मिसाइल दागी गई।
ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट को अनिश्चितकाल के लिए किया बंद
अमेरिकी हमले के बाद ईरान ने दुनिया के सबसे अहम तेल व्यापारिक मार्ग ‘होर्मुज स्ट्रेट’ को अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिया है।
IRGC ने चेतावनी दी है कि यह रास्ता तब तक बंद रहेगा, जब तक अमेरिका इस क्षेत्र में अपना हस्तक्षेप बंद नहीं कर देता। ईरान ने साफ कर दिया है कि बिना उसकी इजाजत के गुजरने वाले किसी भी जहाज को निशाना बनाया जाएगा।
विवाद की मुख्य वजहें और मांगें:
| देश | मुख्य स्टैंड / मांग |
| अमेरिका (US) | होर्मुज जलडमरूमध्य सभी के लिए पूरी तरह खुला रहना चाहिए। ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं होने चाहिए। |
| ईरान (Iran) | अमेरिका को मिडिल ईस्ट से अपने सभी मिलिट्री बेस हटाने होंगे। होर्मुज से गुजरने के लिए तेहरान की इजाजत जरूरी। |
16 जून की डील और एक-तरफा शर्तों पर तकरार
इस भारी तनाव के बीच ईरान ने अमेरिका को 16 जून को हुई शांति डील की याद दिलाई है। ईरानी सेना ने कहा कि अमेरिका को इस डील का सम्मान करना चाहिए, वरना वे अपने हितों की रक्षा के लिए मिडिल ईस्ट के सभी अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाएंगे।
शांति वार्ता में शामिल ईरानी प्रतिनिधि गालिबेफ ने सोशल मीडिया साइट ‘एक्स’ (X) पर लिखा: “एक तरफा डील का दौर अब खत्म हो गया है। हकीकत अब आपके सामने है। डील के आर्टिकल 5 के तहत ईरान ही होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों के लिए रास्ता और सुरक्षा तय करेगा।”
ट्रंप की सख्त चेतावनी: “हजारों मिसाइलें तानकर बैठे हैं”
हाल ही में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की हत्या के नारे लगाए गए थे। शुक्रवार को ही ट्रंप ने ऐलान कर दिया था कि सीजफायर खत्म हो चुका है। ट्रंप ने चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर उनके ऊपर कोई भी जानलेवा हमला होता है, तो 1000 से ज्यादा मिसाइलें ईरान की तरफ रुख किए हुए हैं; कुछ भी गलत होने पर ईरान को पूरी तरह से तबाह कर दिया जाएगा।






