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Chhattisgarh AI Development: एआई हब बनेगा प्रदेश, लगेंगे 577 नए मोबाइल टावर, पढ़ें CM विष्णुदेव साय के बड़े फैसले

(रायपुर): मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में मंत्रालय (महानदी भवन) में इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग की एक अहम विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित हुई। इस बैठक में यह तय किया गया है कि छत्तीसगढ़ को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनाया जाएगा।

बैठक में एआई (AI) के विकास के साथ-साथ मोबाइल नेटवर्क को मजबूत करने, इंटरनेट कनेक्टिविटी (भारतनेट), ‘सेवा सेतु’ और राज्य में नवाचार परियोजनाओं की प्रगति की गहन समीक्षा की गई।

समीक्षा बैठक की मुख्य बातें

  • AI में अग्रणी बनेगा राज्य: 5 प्रमुख स्तंभों पर काम कर छत्तीसगढ़ में मजबूत एआई इकोसिस्टम तैयार होगा।
  • लगेंगे 577 नए टावर: वनांचल और दूरस्थ इलाकों में मोबाइल नेटवर्क को मजबूत करने के लिए 577 नए मोबाइल टावर लगाने की मंजूरी मिली है।
  • 4114 पंचायतों को हाई-स्पीड इंटरनेट: ‘भारतनेट फेज-3’ के तहत राज्य की 4,114 ग्राम पंचायतों को आधुनिक नेटवर्क से जोड़ा जाएगा।
  • छात्रों को AI ट्रेनिंग: स्कूलों में रोबोटिक्स क्लब और आईटीआई में एआई लैब स्थापित किए जाएंगे।

5 पिलर्स पर तैयार होगा AI इकोसिस्टम

बैठक में सीएम साय ने स्पष्ट किया कि एआई केवल भविष्य की तकनीक नहीं है, बल्कि सुशासन, पारदर्शिता और जनसेवा को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का एक प्रभावी माध्यम है।

इसके लिए राज्य में पांच प्रमुख स्तंभों, एआई कौशल विकास, नवाचार एवं स्टार्टअप, जागरूकता, सुरक्षित एआई और शासन में एआई के उपयोग— पर काम किया जाएगा। सरकार की योजना के तहत स्कूलों में एआई जागरूकता कार्यक्रम, रोबोटिक्स क्लब, कॉलेजों में सर्टिफिकेशन कोर्स और आईटीआई (ITI) में एआई लैब स्थापित किए जाएंगे।

सरकारी कामकाज में भी AI का इस्तेमाल

अधिकारियों ने प्रस्तुतीकरण में बताया कि राज्य स्तर पर एक नई एआई नीति तैयार की जाएगी। यह नीति केंद्र सरकार के डीपीडीपी (DPDP – डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन) कानून के बिल्कुल अनुरूप होगी, जिससे नागरिकों का डेटा पूरी तरह सुरक्षित रहे।

शासन में इसके प्रभावी उपयोग के लिए हर विभाग का अलग रोडमैप बनेगा और एआई नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की जाएगी। इसके अलावा, नागरिकों को उनकी अपनी स्थानीय भाषा में डिजिटल सेवाएं देने के लिए ‘भाषिणी प्लेटफॉर्म’ का उपयोग भी किया जाएगा।

वनांचलों तक नेटवर्क: 577 नए टावरों को मंजूरी

राज्य में मोबाइल कनेक्टिविटी की समीक्षा के दौरान बताया गया कि पिछले ढाई वर्षों में 1000 मोबाइल टावर स्थापित किए जा चुके हैं।

अब प्रदेश के लिए 577 नए मोबाइल टावरों को स्वीकृति मिल चुकी है। इनमें से 406 टावरों के लिए जमीन के आवंटन की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है, जबकि बचे हुए 171 मामलों को अगले एक महीने के भीतर निपटाने का लक्ष्य रखा गया है। वहीं, भारतनेट फेज-3 के जरिए राज्य की 4,114 ग्राम पंचायतों को अत्याधुनिक नेटवर्क और एफटीटीएच (FTTH) सेवाओं से जोड़ा जाएगा।

सेवा सेतु पोर्टल पर 94.3% सक्सेस रेट

डिजिटल सेवाओं की बात करें तो वर्तमान में ‘सेवा सेतु’ पोर्टल के जरिए 36 विभागों की 520 सेवाएं आम जनता को दी जा रही हैं।

प्रदेशभर में संचालित 16,726 सेवा केंद्रों के माध्यम से 1 अप्रैल 2025 से अब तक 39.75 लाख आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें से 37.52 लाख आवेदनों का सफलतापूर्वक निराकरण कर लिया गया है, जिसकी सफलता दर शानदार 94.3 प्रतिशत दर्ज की गई है।

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