Chhattisgarh NewsExclusive

Media City Raipur: पत्रकार हाउसिंग सोसायटी में बड़ा ‘घोटाला’? उपाध्यक्ष सुनीता तिवारी के इस्तीफे से मचा हड़कंप, अध्यक्ष पर FIR की तैयारी

रायपुर: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के प्रतिष्ठित ‘पत्रकार गृह निर्माण सहकारी समिति मर्यादित’ (Media City Raipur)में कथित भारी वित्तीय अनियमितताओं और प्रशासनिक तानाशाही का मामला गहराता जा रहा है। समिति की उपाध्यक्ष और अपनी बेबाक व ईमानदार छवि के लिए पहचानी जाने वाली सुनीता तिवारी के अचानक दिए गए इस्तीफे ने पूरे घटनाक्रम को एक नया मोड़ दे दिया है।। अपने इस्तीफे में उन्होंने समिति के अध्यक्ष प्रेम पाठक की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं, जिसके बाद अध्यक्ष के खिलाफ पुलिस में एफआईआर (FIR) दर्ज होने की संभावना प्रबल हो गई है।

वित्तीय पारदर्शिता का अभाव, नहीं दिखाए गए बैंक खाते

समिति के कई सदस्यों का सीधा आरोप है कि अध्यक्ष प्रेम पाठक ने अपने पूरे कार्यकाल के दौरान तानाशाही रवैया अपनाया है।

  • आरोप है कि अध्यक्ष ने न केवल सामान्य सदस्यों बल्कि ‘निदेशक मंडल’ (Board of Directors) तक को भी समिति के बैंक खातों का लेन-देन, बैंक स्टेटमेंट और आय-व्यय का कोई भी वित्तीय अभिलेख उपलब्ध नहीं कराया।
  • उपाध्यक्ष सुनीता तिवारी ने अपने इस्तीफे में इसी मुद्दे को प्रमुखता से उठाया है। उन्होंने वित्तीय पारदर्शिता के अभाव पर गंभीर आपत्ति दर्ज कराई है।

बिना जानकारी बदल दिया गया ‘बैंक हस्ताक्षरकर्ता’ (Bank Signatory)

सदस्यों ने एक और बेहद गंभीर आरोप लगाया है कि बैंक संचालन से जुड़े निर्णय निर्धारित नियमों को ताक पर रखकर लिए गए। शिकायत के अनुसार, उपाध्यक्ष सुनीता तिवारी की जानकारी और सहमति के बिना ही उन्हें बैंक हस्ताक्षरकर्ता (Signatory) के पद से हटा दिया गया और उनकी जगह किसी अन्य व्यक्ति को हस्ताक्षरकर्ता बना दिया गया। यह सब बिना किसी विधिवत बोर्ड प्रस्ताव के किया गया, जो कि एक बड़ा वित्तीय अपराध हो सकता है।

4 साल में एक भी ‘सामान्य सभा’ (GBM) नहीं

आरोप है कि अध्यक्ष प्रेम पाठक ने अपने 4 वर्ष से अधिक के कार्यकाल में समिति की एक भी ‘सामान्य सभा’ (General Body Meeting) आयोजित नहीं की। सदस्यों ने इस मनमानी को लेकर कई बार जवाब मांगा, लेकिन अध्यक्ष की ओर से कभी कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया गया।

फोरेंसिक ऑडिट की मांग, एफआईआर की तैयारी

हाल ही में समिति के कई वरिष्ठ पत्रकार सदस्यों ने एक आपात बैठक कर अध्यक्ष की कार्यशैली पर गहरी चिंता व्यक्त की है।

  • सदस्यों ने एक लिखित प्रस्ताव जारी कर समिति के सभी वित्तीय अभिलेख सार्वजनिक करने और विशेष ऑडिट (जरूरत पड़ने पर फोरेंसिक ऑडिट) कराने की मांग की है।
  • सदस्यों का मानना है कि उपाध्यक्ष सुनीता तिवारी का इस्तीफा एक ‘अत्यंत महत्वपूर्ण दस्तावेज’ है, जिसके आधार पर अब सीधे पुलिस में एफआईआर (FIR) दर्ज कराने की दिशा में कदम बढ़ाया जा रहा है।

अध्यक्ष के चुनाव पर भी उठे सवाल: समिति के वरिष्ठ सदस्यों का दावा है कि अध्यक्ष प्रेम पाठक लंबे समय से सक्रिय पत्रकार के रूप में नहीं जाने जाते। उनका आरोप है कि पाठक को अध्यक्ष पद पर एक “बंद कमरे की बैठक” में गुपचुप तरीके से बैठाया गया था।

फिलहाल, इन तमाम गंभीर आरोपों और उठ रहे सवालों पर अध्यक्ष प्रेम पाठक की ओर से कोई भी सार्वजनिक प्रतिक्रिया या सफाई सामने नहीं आई है। देखना यह है कि प्रशासन इस हाई-प्रोफाइल मामले में क्या कानूनी कदम उठाता है।

Related Articles

Back to top button