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Women’s Asia Cup: 8वीं बार चैंपियन बनी टीम इंडिया, शानदार जीत के बीच उजागर हुई ये सबसे बड़ी कमजोरी

Women’s Asia Cup: भारतीय महिला क्रिकेट टीम (Indian Women’s Cricket Team) ने रविवार (13 सितंबर) को दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में इतिहास रच दिया। टीम इंडिया ने एकतरफा फाइनल मुकाबले में श्रीलंका को 72 रनों से करारी शिकस्त देते हुए रिकॉर्ड 8वीं बार महिला एशिया कप (Women’s Asia Cup) का खिताब अपने नाम कर लिया है।

बल्लेबाजी और गेंदबाजी में भारतीय टीम का प्रदर्शन बेहद शानदार रहा, लेकिन इस ऐतिहासिक जीत के बीच टीम की एक बड़ी कमजोरी भी उजागर हुई। यह कमजोरी ‘खराब फील्डिंग’ (Poor Fielding) से जुड़ी है, जिस पर अब टीम के हेड कोच अमोल मजूमदार (Amol Muzumdar) ने अपनी प्रतिक्रिया दी है।

खबर की मुख्य बातें (Women’s Asia Cup)

  • 8वीं बार चैंपियन: भारत ने श्रीलंका को 72 रनों से हराकर जीता विमेंस एशिया कप का खिताब।
  • खराब फील्डिंग बनी चिंता: पूरे टूर्नामेंट (5 मैचों) में भारतीय खिलाड़ियों ने कुल 13 कैच टपकाए, फाइनल में भी छूटे 3 कैच।
  • दुबई स्टेडियम की लाइट्स: कोच ने बताया दुबई के ‘रिंग ऑफ फायर’ स्टेडियम में कैच लपकने में क्यों होती है परेशानी।
  • ओपनर्स की तारीफ: मिडिल ऑर्डर और कप्तान की फॉर्म की चिंताओं को कोच ने किया खारिज।

5 मैचों में 13 ड्रॉप कैच: क्या बोले हेड कोच अमोल मजूमदार?

लगातार शानदार प्रदर्शन के बावजूद भारतीय महिला टीम की फील्डिंग इस पूरे टूर्नामेंट में सवालों के घेरे में रही। हैरान करने वाली बात यह है कि भारतीय खिलाड़ियों ने एशिया कप के 5 मैचों में कुल 13 कैच छोड़े, जिसमें से 3 कैच तो फाइनल मुकाबले में ही ड्रॉप किए गए।

खिताबी जीत के बाद जब हेड कोच अमोल मजूमदार से इस बारे में सवाल किया गया, तो उन्होंने खराब फील्डिंग को ज्यादा तवज्जो न देते हुए टीम का बचाव किया। उन्होंने कहा, “निश्चित तौर पर सुधार की गुंजाइश है, लेकिन इसके बावजूद हमने बहुत अच्छा क्षेत्ररक्षण किया है। हम इस विभाग में कड़ी मेहनत कर रहे हैं। हमने इसे काफी समय दिया है और बहुत अभ्यास भी किया है। इसे बेहतर बनाने के लिए हमारी पूरी ईमानदारी से कोशिश जारी है।”

दुबई स्टेडियम की ‘लाइटिंग’ भी है एक वजह

विशेषज्ञों और टीम प्रबंधन का मानना है कि फील्डिंग में आ रही दिक्कत की एक वजह दुबई इंटरनेशनल स्टेडियम का अनोखा स्ट्रक्चर भी है। आमतौर पर क्रिकेट स्टेडियमों में पारंपरिक ऊंचे लाइट टावर (Light Towers) होते हैं, लेकिन दुबई के इस मैदान में स्टेडियम की छत के किनारों पर बिल्कुल करीब-करीब एलईडी लाइट्स (LED Lights) लगी हुई हैं। इसे ‘रिंग ऑफ फायर’ कहा जाता है। रात के समय इस लाइटिंग में ऊंची गेंदों को जज करना और कैच पकड़ना खिलाड़ियों के लिए काफी चुनौतीपूर्ण हो जाता है।

“मिडिल ऑर्डर को लेकर कोई चिंता नहीं”

फील्डिंग के अलावा, कोच मजूमदार ने मध्यक्रम (Middle Order) के बल्लेबाजों के अपेक्षित प्रदर्शन नहीं करने और कप्तान हरमनप्रीत कौर (Harmanpreet Kaur) की फॉर्म को लेकर जताई जा रही चिंताओं को पूरी तरह खारिज कर दिया।

उन्होंने ओपनर्स की जमकर तारीफ करते हुए कहा:

“यहां की परिस्थितियों को देखते हुए हमने कई शानदार स्कोर बनाए हैं। मुझे नहीं लगता कि हमारे मध्यक्रम को लेकर कोई चिंता की बात है। हमारी सलामी जोड़ी ने हमें हमेशा अच्छी शुरुआत दी है। शेफाली वर्मा और स्मृति मंधाना ने पूरे टूर्नामेंट में बेहतरीन बल्लेबाजी की। खेल का यही नियम है, आप हर मैच में हर किसी से रन बनाने की उम्मीद नहीं कर सकते।”

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