Tech&Business

Foreign Remittance Alert: विदेश भेजे गए संदिग्ध पैसों पर इनकम टैक्स का शिकंजा, शेल कंपनियों और Form 15CB जारी करने वालों की जांच शुरू

Business / Economy Desk: आयकर विभाग (Foreign Remittance Alert) ने विदेश भेजे जाने वाले संदिग्ध फंड और रेमिटेंस (Foreign Remittance) को लेकर देशभर में एक बड़ा और सख्त जांच अभियान शुरू कर दिया है।

डेटा एनालिसिस (Data Analytics) और ग्राउंड इंटेलिजेंस (Ground Intelligence) की मदद से आयकर विभाग को ऐसी कई शेल कंपनियों और संस्थानों की जानकारी मिली है, जिन्होंने अपने कागजों पर बहुत कम या शून्य कारोबार दिखाया है, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में विदेशों में भारी-भरकम रकम भेजी है। विभाग अब न केवल इन संदिग्ध कंपनियों, बल्कि इनसे जुड़े लोगों और विदेशी रेमिटेंस के लिए Form 15CB सर्टिफिकेट जारी करने वाले प्रोफेशनल्स की भी कड़ाई से जांच कर रहा है।

खबर की मुख्य बातें (Foreign Remittance Alert)

  • आईटी विभाग का एक्शन: संदिग्ध विदेशी रेमिटेंस को लेकर आयकर विभाग ने देशभर में शुरू की गहन जांच।
  • शेल कंपनियों पर नजर: बिना कारोबार या कम टर्नओवर वाली कंपनियों ने विदेशों में भेजी करोड़ों की रकम।
  • Form 15CB के जारीकर्ता रडार पर: कुछ चुनिंदा प्रोफेशनल्स द्वारा थोक में जारी किए गए 15CB प्रमाण पत्र जांच के दायरे में।
  • फर्जी ट्रस्ट नेटवर्क का खुलासा: फर्जी डोनेशन और एंट्री देने वाले चैरिटेबल ट्रस्ट नेटवर्क के जरिए मिली थी गड़बड़ी की पहली सुराग।

घोषित कारोबार और विदेश भेजे गए पैसों में भारी अंतर

आयकर विभाग ने पिछले 3 वर्षों के दौरान बड़ी रकम विदेश भेजने वाली कई इकाइयों की पहचान की है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि कई संस्थाओं ने इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) में बहुत मामूली टर्नओवर दिखाया, लेकिन विदेश करोड़ों रुपये भेज दिए।

कैसे भेजा गया पैसा? Foreign Remittance Alert

  • जांच में पाया गया कि कुछ संस्थाओं ने फ्रेट पेमेंट (Freight Payment), सॉफ्टवेयर इम्पोर्ट (Software Import) और कंसल्टिंग सर्विसेज (Consulting Services) जैसे कारणों का बहाना बनाकर विदेश पैसा ट्रांसफर किया।
  • हालांकि, जब उनके बताए गए व्यापार और विदेश भेजी गई रकम का मिलान किया गया, तो दोनों के बीच कोई तार्किक संबंध नजर नहीं आया।
  • ग्राउंड वेरिफिकेशन में कई कंपनियों के दिए गए पते (Declared Addresses) भी फर्जी पाए गए। कई संस्थान अपने पंजीकृत पते पर मौजूद ही नहीं थे।

फर्जी ट्रस्ट नेटवर्क से मिला था पहला सुराग, Foreign Remittance Alert

आयकर विभाग के अनुसार, एक वित्तीय समूह के खिलाफ चलाए गए सर्च ऑपरेशन के दौरान विदेश पैसे भेजने वाले एक बड़े रैकेट का पर्दाफाश हुआ था। इस रैकेट में फर्जी चैरिटेबल ट्रस्ट्स के जरिए झूठे डोनेशन (Fake Donation) और कंट्रिब्यूशन की एंट्री देने का काम किया जा रहा था। इसी के बाद से विभाग ने पूरे देश में ऐसे खातों की स्क्रूटनी शुरू की, जिनके विदेशी लेन-देन उनके बिजनेस से मेल नहीं खाते।

क्या है Form 15CB और क्यों हो रही है इसकी जांच?

विदेशी रेमिटेंस से जुड़े टैक्स नियमों के तहत Form 15CB एक बेहद महत्वपूर्ण सर्टिफिकेट होता है। यह सर्टिफिकेट किसी चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) या अकाउंटेंट द्वारा जारी किया जाता है, जो यह प्रमाणित करता है कि विदेश भेजे जा रहे पैसे पर भारत में बनता टैक्स चुकाया गया है या नहीं।

विभाग के डेटा विश्लेषण में यह चौंकाने वाली बात सामने आई कि बड़ी संख्या में Form 15CB कुछ ही प्रोफेशनल्स द्वारा जारी किए गए थे। नियमानुसार, CA को कंपनी के खातों और दस्तावेजों की गहन जांच के बाद ही यह प्रमाण पत्र देना होता है। इसलिए, विभाग अब यह भी जांच रहा है कि क्या इन प्रोफेशनल्स ने सर्टिफिकेट जारी करते समय उचित सावधानी बरती थी या फर्जीवाड़े में उनकी भी संलिप्तता थी।

किन लोगों और संस्थाओं पर है मुख्य नजर?

आयकर विभाग की इस व्यापक जांच में मुख्य रूप से निम्नलिखित पर फोकस किया जा रहा है:

  1. शेल कंपनियां (Shell Companies): कागजों पर चलने वाली फर्जी संस्थाएं और उनके पीछे छिपे असली मालिक।
  2. सीमावर्ती जिलों की इकाइयां: देश की जमीनी सीमाओं से लगे जिलों में स्थित ऐसी संदिग्ध संस्थाएं, जिन्होंने भारी रकम विदेश भेजी है।
  3. Form 15CB जारी करने वाले प्रोफेशनल्स: ऐसे सीए या टैक्स प्रोफेशनल्स जिन्होंने बिना जांच के धड़ाधड़ फॉर्म जारी किए।

सामान्य टैक्सपेयर्स को घबराने की जरूरत नहीं: आयकर विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि इस जांच का मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि विदेश में जायज कारणों (जैसे- पढ़ाई, इलाज, या वैध व्यापार) से पैसा भेजने या पाने वाला हर आम व्यक्ति जांच के दायरे में है। विभाग का मुख्य फोकस केवल उन गंभीर मामलों पर है जहां घोषित आय और विदेश भेजे गए पैसों के बीच बहुत बड़ा अंतर दिख रहा है।

Related Articles

Back to top button