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Ajay Chandrakar Fake Video: मार्च के वीडियो को एप से किया एडिट, धमतरी पुलिस ने सारंगढ़ से आरोपियों को दबोचा

धमतरी: छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले से स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर सोशल मीडिया पर एक भ्रामक और संपादित (Ajay Chandrakar Fake Video) वीडियो वायरल करने का गंभीर मामला सामने आया है। इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले से दो तथाकथित पत्रकार भाइयों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों पर आरोप है कि उन्होंने पूर्व मंत्री और कुरूद विधायक अजय चंद्राकर का एक पुराना वीडियो एडिट करके यह दावा किया था कि उन्होंने स्वतंत्रता दिवस पर तिरंगे की जगह भारतीय जनता पार्टी का झंडा फहराया है।

इंस्टाग्राम पेज चलाते हैं दोनों आरोपी भाई, Ajay Chandrakar Fake Video

धमतरी सिटी कोतवाली पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान भुनेश्वर निराला (25 वर्ष) और उसके बड़े भाई राकेश निराला (32 वर्ष) के रूप में हुई है। दोनों आरोपी सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के ग्राम जिल्दी के निवासी हैं।

ये दोनों भाई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर ‘आवाम की आवाज’ नाम से एक पेज संचालित करते हैं, जिस पर खबरें शेयर की जाती हैं। इस पेज पर भुनेश्वर निराला मुख्य संपादक और उसका भाई राकेश निराला संपादक के रूप में कार्य करते हैं।

22 मार्च के पुराने वीडियो को किया गया था एडिट

पुलिस की विस्तृत जांच में यह बात सामने आई है कि वायरल किया गया वीडियो स्वतंत्रता दिवस का नहीं था। असल में यह वीडियो 22 मार्च 2026 का है, जब कुरूद स्थित भाजपा कार्यालय में एक संगठनात्मक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इस कार्यक्रम के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं ने अपनी पार्टी का ध्वज फहराया था।

आरोपियों ने इसी पुराने वीडियो को डाउनलोड किया और ‘News Banao App’ की मदद से उसमें बदलाव किया। एडिट किए गए वीडियो पर “स्वतंत्रता दिवस पर तिरंगे की जगह भाजपा का झंडा” और “स्वतंत्रता दिवस पर सवाल उठे” जैसे भ्रामक टेक्स्ट लिखे गए। साथ ही वीडियो में राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे का प्रतीक जोड़कर इसे इंस्टाग्राम पर शेयर कर दिया गया।

ज़रूरी बात…Ajay Chandrakar Fake Video

  • स्वतंत्रता दिवस पर अजय चंद्राकर का भाजपा झंडा फहराने से जुड़ा एडिटेड वीडियो वायरल हुआ था।
  • धमतरी पुलिस ने त्वरित जांच करते हुए सारंगढ़-बिलाईगढ़ से 2 सगे भाइयों को गिरफ्तार किया।
  • आरोपी ‘आवाम की आवाज’ नाम से इंस्टाग्राम पेज चलाते हैं।
  • जांच में पता चला कि 22 मार्च 2026 के पुराने वीडियो को ‘News Banao App’ से एडिट किया गया था।
  • दोनों आरोपियों को अदालत में पेश कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।

पुलिस की जांच और न्यायिक रिमांड

15 अगस्त को जब यह भ्रामक वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित हुआ, (Ajay Chandrakar Fake Video) तो भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं ने इस पर कड़ा विरोध जताया। कार्यकर्ताओं ने धमतरी सिटी कोतवाली थाने का घेराव कर आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की।

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए धमतरी पुलिस ने तकनीकी सर्विलांस की मदद ली और मंगलवार को आरोपियों को उनके गांव जिल्दी से दबोच लिया। आरोपी राकेश निराला के मोबाइल फोन की जांच करने पर पुलिस को 22 मार्च के मूल वीडियो और उससे जुड़ी तस्वीरें बरामद हुईं, जिनका पुलिस ने विधिवत पंचनामा तैयार किया है। (Ajay Chandrakar Fake Video) पुलिस ने दोनों भाइयों के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर उन्हें अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। फिलहाल वीडियो वायरल करने के पीछे की असली वजह का पता लगाने के लिए जांच जारी है।

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