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Cocktail 2 Movie Review: 14 साल बाद लौटी कॉकटेल! रिश्तों की परिपक्व उलझनों के बीच कैसा है शाहिद, रश्मिका और कृति का ‘लव ट्रायंगल’?

  • कास्ट: शाहिद कपूर, कृति सेनन, रश्मिका मंदाना
  • डायरेक्टर: होमी अदजानिया
  • ड्यूरेशन: 2 घंटे 30 मिनट
  • रेटिंग: 3.5/5 स्टार्स (⭐️⭐️⭐️½)

करीब 14 साल पहले जब डायरेक्टर होमी अदजानिया (Homi Adajania) ने ‘कॉकटेल’ रिलीज की थी, तब फिल्म ने दोस्ती, प्यार और रिश्तों की उलझनों को एक बिल्कुल नए और आधुनिक अंदाज में पेश किया था। अब लंबे इंतजार के बाद, होमी ‘कॉकटेल 2’ (Cocktail 2) के साथ लौटे हैं। इस बार कहानी पहले से कहीं ज्यादा परिपक्व (Mature) है।

इस बार फिल्म ‘प्यार मिलने’ की नहीं, बल्कि ‘प्यार को बचाए रखने’ की मुश्किलों पर खुलकर बात करती है। यही वजह है कि इसकी कहानी आज के युवाओं और लंबे रिश्तों (Long-term Relationships) में रह रहे लोगों से सीधे तौर पर जुड़ती हुई नजर आती है। आइए विस्तार से जानते हैं कैसी है यह फिल्म:

कैसी है ‘कॉकटेल 2’ की कहानी? (Story)

कहानी कुणाल (शाहिद कपूर) और दिया (रश्मिका मंदाना) के इर्द-गिर्द घूमती है, जो कई सालों से एक साथ हैं। बाहर से देखने पर दोनों का रिश्ता बहुत स्थिर और खुशहाल दिखता है, लेकिन भीतर कई अनकहे सवाल और उलझनें मौजूद हैं। उम्र के इस पड़ाव पर शादी, करियर और भविष्य को लेकर दोनों की सोच अलग होने लगती है।

इसी कशमकश के बीच उनकी जिंदगी में एंट्री होती है एली (कृति सेनन) की। एली की मौजूदगी सिर्फ कुणाल और दिया के रिश्ते में ही हलचल नहीं लाती, बल्कि तीनों किरदारों को अपने फैसलों और दबी हुई भावनाओं का सामना करने पर मजबूर कर देती है।

  • सबसे अच्छी बात: फिल्म की सबसे अच्छी बात यह है कि यह किसी एक किरदार को विलेन, सही या गलत साबित करने की कोशिश नहीं करती। कहानी धीमी गति से आगे बढ़ती है और रिश्तों के उन नाजुक पहलुओं को छूती है, जिनसे ज्यादातर लोग कभी न कभी गुजरते हैं।

कैसी है स्टारकास्ट की एक्टिंग? (Performances)

  • शाहिद कपूर: शाहिद ने ‘कुणाल’ के किरदार को काफी सहजता से निभाया है। उनके हिस्से में भले ही ज्यादा शोर-शराबे वाले सीन नहीं हैं, लेकिन इमोशनल सीन्स में वे अपनी आंखों और खामोशी से गहरा असर छोड़ते हैं।
  • रश्मिका मंदाना: ‘दिया’ के रूप में रश्मिका का काम भी बेहतरीन है। उन्होंने अपने किरदार की उलझनों, दर्द और असमंजस को बहुत ही स्वाभाविक तरीके से पर्दे पर उतारा है।
  • कृति सेनन: ‘एली’ के रूप में कृति सेनन फिल्म की सबसे मजबूत कड़ी बनकर सामने आती हैं। उनका किरदार सिर्फ ग्लैमर तक सीमित नहीं रहता; कहानी आगे बढ़ने के साथ उनके किरदार की कई परतें खुलती हैं, जिसे उन्होंने बखूबी जिया है।

डायरेक्शन और तकनीकी पक्ष (Direction & Technical Aspects)

होमी अदजानिया रिश्तों पर आधारित फिल्मों को हमेशा एक अलग विजुअल ट्रीटमेंट देते रहे हैं। फिल्म की रफ्तार ज्यादातर हिस्सों में संतुलित रहती है और संवाद (Dialogues) बिल्कुल भी बनावटी नहीं लगते; कई जगह ये सीधे दिल तक पहुंचते हैं।

इटली के सिसिली (Sicily) की खूबसूरत लोकेशंस फिल्म को विजुअली बेहद आकर्षक बनाती हैं। सिनेमैटोग्राफी शानदार है।

  • कमी: फिल्म का दूसरा भाग (Second Half) कुछ जगह थोड़ा लंबा महसूस होता है। कुछ भावनात्मक दृश्यों को यदि एडिट करके छोटा रखा जाता, तो प्रभाव और भी बेहतर हो सकता था।

कैसा है फिल्म का म्यूजिक? (Music)

प्रीतम (Pritam) का संगीत फिल्म के मूड के साथ बेहतरीन तरीके से चलता है। गाने कहानी पर हावी होने की बजाय उसका हिस्सा बनते हैं। बैकग्राउंड स्कोर भी इमोशनल दृश्यों की गहराई को बढ़ाता है। हालांकि, एल्बम में ऐसा कोई चार्टबस्टर गाना नहीं है जो थिएटर से निकलने के बाद लंबे समय तक आपके होंठों पर रहे।

फाइनल वर्डिक्ट: फिल्म देखें या नहीं? (Final Verdict)

‘कॉकटेल 2’ रिश्तों की जटिलताओं (Complexities) को समझने और महसूस करने वाली एक शांत और प्यारी फिल्म है। यह न तो बड़े दावे करती है और न ही हर सवाल का आसान सा ‘हैप्पी एंडिंग’ वाला जवाब देती है। कुछ छोटी-मोटी कमजोरियों के बावजूद, शानदार अभिनय, खूबसूरत विजुअल्स और भावनात्मक ईमानदारी के चलते यह एक अच्छी ‘वीकेंड वॉच’ (Weekend Watch) है।

अगर आपको रिश्तों के ताने-बाने पर बनी फिल्में पसंद हैं, तो ‘कॉकटेल 2’ आपको बिल्कुल भी निराश नहीं करेगी!

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