World Leaders Forum: CM विष्णुदेव साय ने पेश किया ‘विकसित छत्तीसगढ़’ का विजन; PM मोदी बोले- ‘भारत है उम्मीद और विकास का केंद्र’

World Leaders Forum: नई दिल्ली में आयोजित दो दिवसीय ‘वर्ल्ड लीडर्स फोरम 2026’ (World Leaders Forum) में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय (Vishnu Deo Sai) ने राज्य की बदलती अर्थव्यवस्था और निवेश के अपार अवसरों का शानदार खाका वैश्विक मंच पर पेश किया।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि छत्तीसगढ़ अब केवल खनिजों और पारंपरिक उद्योगों (जैसे- स्टील, सीमेंट) तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि युवा शक्ति, इनोवेशन, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), स्टार्टअप्स और हरित ऊर्जा (Green Energy) को नई अर्थव्यवस्था का प्रमुख आधार बनाया जा रहा है।
इस फोरम में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (PM Narendra Modi), विदेश मंत्री एस. जयशंकर, भारत में अमेरिकी राजदूत एरिक गार्सेटी और ब्रिटेन के पूर्व पीएम बोरिस जॉनसन सहित कई दिग्गज वैश्विक नेता शामिल हुए।
खबर की मुख्य बातें (Highlights)
- CM साय का विजन: खनिज से आगे बढ़कर ज्ञान, तकनीक और AI आधारित अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ रहा छत्तीसगढ़।
- अर्थव्यवस्था का आकार: 2025-26 में छत्तीसगढ़ की जीडीपी 6.31 लाख करोड़ रुपये पर पहुंची; विकास दर 11.57% रही।
- 8 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव: नई औद्योगिक नीति और ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ से राज्य में निवेश का माहौल बेहतर हुआ।
- PM मोदी का संबोधन: पीएम ने भारत को वैश्विक उम्मीद का केंद्र बताया और सुधारों को अपनी ‘प्रतिबद्धता’ (Commitment) करार दिया।
6.31 लाख करोड़ की अर्थव्यवस्था और 5000 स्टार्टअप्स का लक्ष्य
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मंच से बताया कि वर्ष 2025-26 में छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था (Chhattisgarh Economy) का आकार करीब 6.31 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। राज्य की प्रति व्यक्ति आय बढ़कर 1,79,244 रुपये हो गई है।
युवाओं को नौकरी तलाशने वाले के बजाय ‘नौकरी देने वाला’ (Job Creators) बनाने के लिए सरकार ने वर्ष 2030 तक 5,000 स्टार्टअप (Startups) विकसित करने का बड़ा लक्ष्य रखा है। इसके लिए नए उद्यमियों को 10 लाख रुपये तक की सीड फंड (Seed Fund) सहायता दी जा रही है।
500 करोड़ का AI मिशन: 6 लाख छात्रों को ट्रेनिंग
छत्तीसगढ़ सरकार तकनीक को केवल डिजिटल सेवाओं तक सीमित न रखकर इसे शिक्षा और रोजगार से जोड़ रही है।
- राज्य में 500 करोड़ रुपये के AI मिशन (AI Mission) पर काम चल रहा है।
- इसके तहत 6 लाख विद्यार्थियों और 1.5 लाख सरकारी कर्मचारियों को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence) का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
- नवा रायपुर (Nava Raipur) में करीब 1,000 करोड़ रुपये की लागत से ‘एआई डेटा सेंटर पार्क’ विकसित किया जा रहा है।
- सरकार 50 से अधिक AI आधारित नागरिक सेवाएं शुरू करने जा रही है।बस्तर बनेगा विकास का नया इंजन
- मुख्यमंत्री ने बस्तर (Bastar) को प्रदेश की नई अर्थव्यवस्था का अहम हिस्सा बताया। सुरक्षा व्यवस्था सुधरने के बाद वहां पर्यटन (Tourism), निवेश और रोजगार के नए द्वार खुल रहे हैं। बस्तर समेत प्रदेश के 10 लाख परिवारों की आय बढ़ाने के लिए 4,824 करोड़ रुपये की आजीविका उन्नयन योजना तैयार की जा रही है। इसके अलावा, 3,513 करोड़ रुपये की जगदलपुर-रावघाट रेल परियोजना भी क्षेत्र के आर्थिक विकास को नई गति देगी।
- 8 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव और ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’
- हाल ही में छत्तीसगढ़ विधानसभा द्वारा पारित ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस एक्ट-2026’ (Ease of Doing Business Act 2026) का जिक्र करते हुए सीएम ने बताया कि राज्य देश का पहला ऐसा सूबा बन गया है, जिसने रिस्क-बेस्ड (Risk-based) बिजनेस परमिशन का कानून लागू किया है।
- 450 से अधिक प्रक्रियाओं को सरल किया गया है।
- नई औद्योगिक नीति (2024-30) लागू होने के बाद से राज्य को 8 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिल चुके हैं।
- कोरबा में मिले लिथियम (Lithium) के भंडार से बैटरी और ऊर्जा भंडारण के क्षेत्र में नई संभावनाएं पैदा हुई हैं।
- PM मोदी ने कहा: “सुधार हमारी मजबूरी नहीं, प्रतिबद्धता है”
- इसी मंच (Economic Times World Leaders Forum) से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी देश-दुनिया के दिग्गजों को संबोधित किया। पीएम मोदी ने कहा कि भारत आज वैश्विक अनिश्चितता के दौर में ‘विकास और उम्मीद का उज्ज्वल केंद्र’ (Bright spot of growth and hope) बनकर उभरा है।
- उन्होंने पिछली सरकारों की नीतियों पर कटाक्ष करते हुए कहा, “पहले के समय में ‘प्रोडक्शन लिंक्ड पनिशमेंट’ (PLP) का दौर था, जहां ज्यादा उत्पादन करने पर कंपनियों को सजा मिलती थी। लेकिन हमारी सरकार इसे ‘प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव’ (PLI) में बदल चुकी है।”
- पीएम ने यह भी स्पष्ट किया कि, “सुधार (Reforms) हमारे लिए कोई मजबूरी नहीं है, बल्कि यह देश के प्रति हमारा कनविक्शन (Conviction) और कमिटमेंट (Commitment) है।” भारत की नीतियां अब “अनुमति नहीं है, जब तक कि मना न किया जाए” (Permitted unless prohibited) के फॉर्मूले पर काम कर रही हैं।






