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Raipur News: IGKV पेपर लीक मामले पर CM साय और कृषि मंत्री हुए सख्त; कहा- ‘दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा, भविष्य से नहीं होगा खिलवाड़’

Raipur News IGKV: रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय (IGKV) में बीएससी एग्रीकल्चर द्वितीय वर्ष (B.Sc Agriculture 2nd Year) का पेपर लीक होने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। इस गंभीर घटना के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन से लेकर राज्य सरकार तक एक्शन मोड में आ गई है।

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय (CM Vishnu Deo Sai) और कृषि मंत्री रामविचार नेताम (Ramvichar Netam) ने इस मामले पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए स्पष्ट कर दिया है कि परीक्षाओं की शुचिता और छात्रों के भविष्य के साथ किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा।

खबर की मुख्य बातें (Highlights)

  • पेपर लीक पर सरकार सख्त: CM साय ने कहा- परीक्षाओं में गड़बड़ी पर जीरो टॉलरेंस नीति लागू होगी।
  • कृषि मंत्री का बयान: रामविचार नेताम बोले- छात्रों के हित सर्वोपरि, दोषियों पर होगी कड़ी कार्रवाई।
  • परीक्षा रद्द: बीएससी एग्रीकल्चर द्वितीय वर्ष के एंटोमोलॉजी (Entomology) विषय की परीक्षा रद्द की गई।
  • साइबर सेल कर रही जांच: तेलीबांधा थाने में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज; 5 सदस्यीय जांच समिति गठित।

CM विष्णुदेव साय का रिएक्शन: ‘जीरो टॉलरेंस की नीति’

आईजीकेवी (IGKV) पेपर लीक मामले पर नाराजगी जताते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने स्पष्ट किया कि जांच में दोषी पाए गए किसी भी शख्स को बख्शा नहीं जाएगा। सीएम ने कहा, “परीक्षाओं की शुचिता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। प्रश्नपत्र कहां से और कैसे प्रसारित हुआ, इसकी बारीकी से और तह तक जांच की जाएगी। हमारी सरकार परीक्षाओं में गड़बड़ी को लेकर जीरो टॉलरेंस (Zero Tolerance) की नीति पर काम कर रही है।”

कृषि मंत्री ने दिलाया भरोसा- जल्द होगी दोबारा परीक्षा

कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने भी इस घटना को बेहद गंभीर करार दिया है। उन्होंने छात्रों को आश्वस्त करते हुए कहा, “छात्रों के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। परीक्षा में पूरी निष्पक्षता बरती जाएगी। जांच में जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई होगी। हमारे लिए स्टूडेंट्स का हित सबसे ऊपर है और निरस्त किए गए एग्जाम को जल्द से जल्द दोबारा कराया जाएगा।”

क्या है पूरा मामला?

यह पूरा मामला 20 अगस्त का है। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय (Indira Gandhi Krishi Vishwavidyalaya) और उससे संबद्ध कॉलेजों में बीएससी एग्रीकल्चर द्वितीय वर्ष के एंटोमोलॉजी (Pest Management in Crops and Stored Grains) विषय का पेपर सुबह 10 बजे से होना था।

  • आरोप है कि परीक्षा शुरू होने से करीब दो घंटे पहले (सुबह 8 बजे के आसपास) ही प्रश्नपत्र की तस्वीरें छात्रों के व्हाट्सएप (WhatsApp) ग्रुप्स में वायरल हो गईं।
  • कवर्धा और अन्य जगहों से पेपर लीक होने की सूचना जैसे ही डीन ऑफिस और यूनिवर्सिटी प्रबंधन को मिली, हड़कंप मच गया।
  • आनन-फानन में सुबह 10:30 बजे प्रशासन ने परीक्षा रद्द करने का फैसला लिया।

5 सदस्यीय जांच समिति गठित, तेलीबांधा थाने में FIR

पेपर लीक होने के बाद विश्वविद्यालय की गोपनीयता और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए:

  1. विश्वविद्यालय प्रशासन ने पूरे मामले की जांच के लिए 5 सदस्यीय जांच समिति का गठन किया है।
  2. रायपुर के तेलीबांधा पुलिस स्टेशन (Telibandha Police Station) में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज कराई गई है।
  3. पेपर कहां से फॉरवर्ड हुआ और इसका मुख्य सोर्स क्या था, यह पता लगाने के लिए मामले की जांच साइबर सेल (Cyber Cell) को भी सौंप दी गई है।

विश्वविद्यालय प्रबंधन ने छात्रों को सूचित किया है कि रद्द की गई परीक्षा अब सितंबर के पहले सप्ताह में आयोजित की जा सकती है। अभ्यर्थियों को जल्द ही आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से नई तारीखों की सूचना दी जाएगी।

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