Chhattisgarh No Confidence Motion: आज सदन में आर-पार की बहस

रायपुर। जनदखल। छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के पांचवें और अंतिम दिन (Chhattisgarh No Confidence Motion) आज 17 जुलाई को विष्णुदेव साय सरकार के खिलाफ कांग्रेस के अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा हो रही है। राज्य गठन के बाद यह 10वां अविश्वास प्रस्ताव है। इससे पहले के 9 प्रस्ताव सदन में बहुमत के अभाव में पारित नहीं हो सके थे। सदन की कार्यवाही सुबह 11 बजे शुरू हुई और चर्चा से पहले प्रश्नकाल में ही सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच कई मुद्दों पर तीखी बहस देखने को मिली।
कब और कैसे आया अविश्वास प्रस्ताव, Chhattisgarh No Confidence Motion
मानसून सत्र 13 जुलाई से शुरू हुआ था। सत्र के दूसरे दिन 14 जुलाई को नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत की घोषणा के बाद कांग्रेस ने सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश किया। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने प्रस्ताव स्वीकार करते हुए चर्चा के लिए सत्र के अंतिम दिन 17 जुलाई की तारीख तय की थी। कांग्रेस ने संकेत दिया था कि वह नकटी गांव में बुलडोजर कार्रवाई, कानून व्यवस्था, किसानों की समस्याएं, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरेगी। 90 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा के पास 54 और कांग्रेस के पास 35 विधायक हैं, इसलिए संख्या बल सरकार के पक्ष में है।
महतारी वंदन योजना पर विपक्ष का वॉकआउट
चर्चा से पहले आज सुबह सदन में महतारी वंदन योजना को लेकर हंगामा हुआ। कांग्रेस विधायक उमेश पटेल ने आरोप लगाया कि योजना की हितग्राही सूची से 1 लाख महिलाओं के नाम काट दिए गए हैं। जवाब में मंत्री ने बताया कि 1.23 लाख हितग्राहियों का केवाईसी नहीं हुआ है और पहली किस्त के बाद 27 हजार से अधिक हितग्राही अपात्र पाए गए। मंत्री के जवाब से असंतुष्ट विपक्षी विधायकों ने नारेबाजी करते हुए सदन से वॉकआउट किया।
राशन दुकान और कन्या विवाह योजना के मुद्दे भी गूंजे
प्रश्नकाल में भाजपा विधायक सुशांत शुक्ला ने अपनी ही सरकार के खाद्य मंत्री दयालदास बघेल से राशन दुकानों में गड़बड़ी का मुद्दा उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि दुकानों में दबावपूर्वक मसाला बेचा जा रहा है और उनके पास दस्तावेजी प्रमाण हैं। अध्यक्ष के निर्देश पर मंत्री ने जांच कराने का आश्वासन दिया। वहीं कांग्रेस विधायक अनिला भेड़िया ने मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना में बालोद जिले में चांदी का नकली मंगलसूत्र दिए जाने का आरोप लगाते हुए ठेकेदार पर कार्रवाई की मांग की। मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि बालोद जिले से ऐसी कोई शिकायत नहीं आई है।
आज सदन में और क्या हुआ
आज वित्त मंत्री ओपी चौधरी स्थानीय निकायों की CAG रिपोर्ट सदन के पटल पर रखेंगे। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय जशपुर से रायपुर पहुंचकर पूरे दिन सत्र में मौजूद हैं। इसी बीच नकटी तोड़फोड़ मामले में कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल आज राज्यपाल से मिला, जिसमें राज्यपाल ने प्रभावितों के विस्थापन पर सरकार से चर्चा का आश्वासन दिया।
एक नजर में:
- आज क्या: अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा, मानसून सत्र का अंतिम दिन
- प्रस्ताव पेश हुआ: 14 जुलाई 2026, चर्चा की तारीख अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने तय की
- यह राज्य गठन के बाद 10वां अविश्वास प्रस्ताव, पिछले 9 पारित नहीं हुए
- सदन की स्थिति: भाजपा 54, कांग्रेस 35 विधायक (कुल 90 सीटें)
- आज ही: स्थानीय निकायों की CAG रिपोर्ट पटल पर, महतारी वंदन पर विपक्ष का वॉकआउट
मानसून सत्र का अंतिम दिन राजनीतिक रूप से सबसे अहम साबित हो रहा है। अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के बाद मतदान की प्रक्रिया होगी, हालांकि संख्या बल स्पष्ट रूप से सरकार के पक्ष में है। चर्चा के दौरान विपक्ष किन मुद्दों पर सरकार को घेरता है और सरकार क्या जवाब देती है, इस पर प्रदेश की नजर रहेगी।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रश्न 1: छत्तीसगढ़ विधानसभा में अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा कब हो रही है?
उत्तर: कांग्रेस के अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा आज 17 जुलाई 2026 को हो रही है, जो मानसून सत्र का पांचवां और अंतिम दिन है। प्रस्ताव 14 जुलाई को पेश हुआ था और अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने चर्चा के लिए यही तारीख तय की थी।
प्रश्न 2: छत्तीसगढ़ में अब तक कितनी बार अविश्वास प्रस्ताव लाया गया है?
उत्तर: राज्य गठन के बाद यह 10वां अविश्वास प्रस्ताव है। इससे पहले 9 बार अलग-अलग सरकारों के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाए गए, लेकिन बहुमत के अभाव में कोई भी पारित नहीं हो सका।
प्रश्न 3: महतारी वंदन योजना पर सदन में क्या विवाद हुआ?
उत्तर: कांग्रेस विधायक उमेश पटेल ने हितग्राही सूची से 1 लाख महिलाओं के नाम काटे जाने का आरोप लगाया। मंत्री ने बताया कि 1.23 लाख हितग्राहियों का केवाईसी लंबित है और पहली किस्त के बाद 27 हजार से अधिक हितग्राही अपात्र पाए गए। जवाब से असंतुष्ट विपक्ष ने वॉकआउट किया।






