Chhattisgarh Heavy Rain: तीसरे दिन भी बारिश का असर, खारुन नदी उफान पर; दुर्ग में 55 लोगों का रेस्क्यू

रायपुर। छत्तीसगढ़ में लगातार हो रही बारिश (Chhattisgarh Heavy Rain) ने राजधानी रायपुर से लेकर दुर्ग और आसपास के इलाकों तक मुश्किलें बढ़ा दी हैं। कई जगह नदी-नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ा है, जबकि निचली बस्तियों में पानी भरने से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना पड़ा। रायपुर में खारुन नदी का पानी बढ़ने के बाद महादेव घाट क्षेत्र में पुलिस और प्रशासन ने निगरानी बढ़ा दी है। वहीं दुर्ग जिले के पारसदा गांव में पानी घरों तक पहुंचने के बाद रातभर बचाव अभियान चलाया गया।
सबसे राहत की बात यह रही कि प्रभावित क्षेत्र से करीब 50 से 55 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। इनमें महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग भी शामिल थे। बारिश और अंधेरे के बीच चले इस अभियान में नाव और सुरक्षा उपकरणों की मदद ली गई।
खारुन नदी का बढ़ा जलस्तर
राजधानी रायपुर में लगातार बारिश का सीधा असर खारुन नदी पर दिखाई दे रहा है। महादेव घाट के आसपास नदी का प्रवाह सामान्य दिनों की तुलना में काफी तेज हो गया है। पानी पुल के करीब पहुंचने के बाद संवेदनशील हिस्सों में लोगों की आवाजाही पर रोक लगाने के लिए बैरिकेडिंग की गई है।
महादेव घाट से होकर बड़ी संख्या में लोग अमलेश्वर और पाटन की ओर आवाजाही करते हैं। ऐसे में पानी बढ़ने से इस मार्ग पर यातायात भी प्रभावित हुआ है। प्रशासन ने लोगों से नदी या जलमग्न रास्तों को पार करने का जोखिम नहीं लेने की अपील की है।
बारिश के दौरान छोटे पुल और रपटे सबसे पहले पानी में डूबते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसे रास्तों पर पानी की गहराई का अनुमान लगाना मुश्किल होता है। तेज बहाव में हल्के वाहन भी बह सकते हैं।
पारसदा में रातभर चला बचाव अभियान
दुर्ग जिले के कुम्हारी क्षेत्र के ग्राम पारसदा में स्थिति ज्यादा गंभीर बनी। देर रात पानी बढ़ने के बाद कई घर चारों तरफ से जलभराव की चपेट में आ गए। लोगों के बाहर निकलने का रास्ता बंद होने लगा तो बचाव दल को मौके पर बुलाया गया।
रात करीब 11 बजे के बाद स्थिति की सूचना मिलने पर टीम ने राहत अभियान शुरू किया। आधी रात के बाद नाव की सहायता से घरों में फंसे लोगों को एक-एक कर सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया गया। यह अभियान सुबह तक चला।
अंधेरा, लगातार बारिश और बहते पानी के कारण बचाव कार्य आसान नहीं था। पानी की गहराई हर स्थान पर एक जैसी नहीं थी, इसलिए बचाव दल को सावधानी से आगे बढ़ना पड़ा।
महिलाएं और बच्चे भी फंसे थे
बचाए गए लोगों में ऐसे परिवार भी थे जिनके घरों के चारों तरफ पानी भर गया था। बुजुर्गों और बच्चों को प्राथमिकता के आधार पर बाहर निकाला गया। उन्हें ऐसी जगह पहुंचाया गया जहां जलभराव का खतरा नहीं था।
बारिश के दौरान अचानक पानी बढ़ने की स्थिति में लोगों के पास घर से सामान निकालने का भी समय नहीं रहता। ऐसे समय में सबसे महत्वपूर्ण जान बचाना होता है। इसी वजह से प्रशासन की प्राथमिकता प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने की रही।
जलभराव वाले रास्तों से बचने की सलाह
मौजूदा मौसम में यात्रियों के लिए सबसे बड़ा खतरा जलमग्न सड़कें और पुल हैं। पानी सड़क के ऊपर दिखाई देने पर उसकी गहराई का अंदाजा लगाना मुश्किल होता है। कई बार सड़क का हिस्सा पानी के नीचे क्षतिग्रस्त भी हो सकता है।
दो पहिया और चार पहिया वाहन चालकों को खास तौर पर ऐसी जगहों पर जोखिम नहीं लेना चाहिए। नदी-नाले के ऊपर बने पुल या रपटे पर पानी बह रहा हो तो वैकल्पिक मार्ग का इस्तेमाल करना ही सुरक्षित तरीका है।
अगले मौसम अपडेट पर नजर जरूरी
लगातार बारिश से मिट्टी में नमी बढ़ चुकी है और कई जलाशयों तथा नदियों में पानी का स्तर ऊपर पहुंच गया है। ऐसे में आगे होने वाली तेज बारिश का असर पहले की तुलना में ज्यादा तेजी से दिखाई दे सकता है।
निचली बस्तियों और नदी किनारे रहने वाले लोगों के लिए स्थानीय प्रशासन की चेतावनी महत्वपूर्ण होगी। जिन क्षेत्रों में पहले भी जलभराव की समस्या होती रही है, वहां लोगों को आवश्यक दस्तावेज, दवाइयां और जरूरी सामान सुरक्षित रखने की सलाह दी जाती है।
रायपुर में खारुन नदी का बढ़ता जलस्तर और दुर्ग में रातभर चला रेस्क्यू ऑपरेशन बता रहा है कि बारिश का यह दौर सामान्य जनजीवन को प्रभावित कर रहा है। फिलहाल किसी बड़ी जनहानि की सूचना नहीं है, लेकिन मौसम को देखते हुए सतर्कता जरूरी है।






