Babu Khemani Property Attached: ऑनलाइन सट्टा ऐप के सरगना की 1.42 करोड़ की संपत्ति होगी कुर्क

CG News (रायपुर): Babu Khemani Property Attached मामले में रायपुर पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। 3Stumps ऑनलाइन बेटिंग ऐप के मास्टरमाइंड बाबू खेमानी उर्फ गुलशन की करीब 1 करोड़ 42 लाख रुपये की संपत्ति कुर्क करने का आदेश अदालत ने दे दिया है। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी रायपुर की अदालत ने 16 अक्टूबर 2026 को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता यानी BNSS की धारा 107 के तहत यह आदेश जारी किया।
प्रदेश में ऑनलाइन सट्टे के खिलाफ चल रही कार्रवाई में इसे अहम कदम माना जा रहा है, क्योंकि अब तक ज्यादातर मामलों में आरोपियों की गिरफ्तारी तक ही बात रुक जाती थी। अपराध की कमाई से बनी संपत्ति तक पहुंचना पुलिस के लिए हमेशा मुश्किल रहा है।
किन-किन संपत्तियों पर होगी कार्रवाई
अदालत के आदेश में बाबू खेमानी की 5 संपत्तियों को शामिल किया गया है। ये संपत्तियां छत्तीसगढ़ के 2 जिलों और महाराष्ट्र तक फैली हैं।
- महासमुंद जिले के ग्राम आरंड में कृषि भूमि, कीमत करीब 1.78 लाख रुपये।
- रायपुर के देवपुरी इलाके में प्लॉट, कीमत करीब 23 लाख रुपये।
- रायपुर के जोरापारा में प्लॉट, कीमत करीब 2.50 लाख रुपये।
- महाराष्ट्र के ठाणे जिले के अंबरनाथ में व्यावसायिक दुकान, कीमत करीब 74 लाख रुपये।
- बैंक ऑफ इंडिया में फिक्स्ड डिपॉजिट, करीब 40.50 लाख रुपये।
इन सबको मिलाकर संपत्ति की कुल कीमत लगभग 1.42 करोड़ रुपये आंकी गई है। कुर्की की कार्रवाई के लिए पुलिस ने राजस्व विभाग, पंजीयन कार्यालय, संबंधित बैंक और जिलों के कलेक्टरों को पत्र भेजे हैं, ताकि इन संपत्तियों की खरीद-बिक्री या रकम निकासी पर रोक लग सके।
Babu Khemani Property Attached: अप्रैल में पकड़ा गया था बड़ा रैकेट
पुलिस के अनुसार 13 अप्रैल 2026 को एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट यानी ACCU और गंज थाना पुलिस ने मिलकर ऑनलाइन सट्टे के एक बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ किया था। जांच में सामने आया कि 3Stumps नाम के ऐप के जरिए क्रिकेट और दूसरे खेलों पर ऑनलाइन दांव लगवाए जा रहे थे। इस नेटवर्क का संचालन बाबू खेमानी कर रहा था।
गंज थाने में छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम की धारा 7 और भारतीय न्याय संहिता की धारा 112(2) के तहत मामला दर्ज हुआ। धारा 112 संगठित तरीके से किए गए छोटे अपराधों से जुड़ी है। अब तक इस मामले में 29 आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं। पहले की कार्रवाई में पुलिस ने आरोपियों से करीब 1.20 करोड़ रुपये का सामान और वाहन भी जब्त किए थे।
कॉल सेंटर की तरह चलता था सट्टे का कारोबार
जांच में पता चला कि यह रैकेट किसी कॉल सेंटर की तरह काम करता था। ग्राहकों से संपर्क, आईडी बनाना, पैसों का लेनदेन और हिसाब रखने के लिए अलग-अलग लोग तैनात थे। कई मोबाइल फोन और बैंक खातों का इस्तेमाल किया जाता था। जिन लोगों के नाम पर बैंक खाते खुलवाए जाते थे, उन्हें कमीशन दिया जाता था। इसी तरीके से रकम को एक खाते से दूसरे खाते में घुमाकर पुलिस की नजर से बचने की कोशिश होती थी।
किराये पर बैंक खाता देने वाले भी फंस सकते हैं
पुलिस बार-बार चेतावनी देती रही है कि कुछ हजार रुपये के लालच में अपना बैंक खाता या सिम कार्ड किसी को इस्तेमाल के लिए न दें। ऐसे खाते, जिन्हें म्यूल अकाउंट कहा जाता है, ऑनलाइन सट्टा और साइबर ठगी की रीढ़ बन चुके हैं। जांच में खाताधारक को भी आरोपी बनाया जा सकता है। ऑनलाइन ठगी या संदिग्ध लेनदेन की शिकायत राष्ट्रीय साइबर क्राइम पोर्टल पर की जा सकती है।
संपत्ति कुर्की क्यों है बड़ा कदम
BNSS की धारा 107 पुलिस को यह अधिकार देती है कि अपराध से कमाई गई संपत्ति की पहचान कर अदालत से उसे कुर्क करने का आदेश ले सके। पहले के कानून में यह प्रक्रिया उतनी साफ नहीं थी। ऑनलाइन सट्टे के कारोबारी अक्सर गिरफ्तारी के बाद जमानत लेकर बाहर आ जाते थे और उनकी कमाई सुरक्षित रहती थी। अब संपत्ति पर सीधी कार्रवाई होने से ऐसे नेटवर्क की आर्थिक कमर टूटेगी। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि यह कार्रवाई दूसरे सट्टा संचालकों के लिए भी सख्त संदेश है कि गैरकानूनी कमाई से खड़ी की गई जमीन, दुकान और बैंक जमा अब बच नहीं पाएगी।
Babu Khemani Property Attached मामले में अब पुलिस बाकी आरोपियों की संपत्ति का ब्योरा भी जुटा रही है। रायपुर पुलिस की हाल की एक और बड़ी कार्रवाई 53 लाख की चोरी का खुलासा में पढ़ें। प्रदेश की सभी खबरें छत्तीसगढ़ न्यूज सेक्शन में देखें।






